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वैशाली

भगवान महावीर की जन्मस्थली और भगवान बुद्ध की कर्मभूमि वैशाली का ऐतिहासिक महत्व है। य‍हजैन मतावलंबियों के लिए पवित्र नगरी है। भगवान बुद्ध का इस धरती पर तीन बार आगमन हुआ था। यह क्षेत्र राष्ट्रीय स्तर के कई संस्थानों तथा केला, आम और लीची के उत्पादन के लिए जाना जाता है। इस सीट का अस्तित्व 1971 में गठित परिसीमन समिति की रिपोर्ट के बाद 1977 में आया। वैशाली क्षेत्र का कुछ हिस्सा हाजीपुर संसदीय सीट में चला गया। मुजफ्फरपुर जिले के पांच विधानसभा क्षेत्रों और वैशाली विधानसभा को मिलाकर इस संसदीय सीट का गठन किया गया। अब तक वैशाली संसदीय सीट के लिए हुए चुनावों मेंसबसे अधिक जनता दल और राजद ने मिलाकरसात बार जीत दर्ज की। जनता पार्टी ने दो, कांग्रेस ने एक, बिहार पीपुल्स पार्टी ने एक और लोजपा ने पहली बार 2014 में जीत दर्ज की थी। दिग्विजय नारायण सिंह, मुख्यमंत्री रहे सत्येंद्र प्रसाद सिन्हा की पत्नी किशोरी सिन्हा, उषा सिन्हा, शिवशरण सिंह, रघुवंश प्रसाद सिंह इस क्षेत्र के चर्चित नाम हैं। पिछली बार लोजपा के रामाकिशोर सिंह ने रघुवंश प्रसाद सिंह को हराया।

 

विधानसभा क्षेत्र और डेमोग्राफी

वैशाली के अंतर्गत छह विधानसभा क्षेत्र हैं।ये हैं-वैशाली, कांटी, मीनापुर, बरूराज, साहेबगंज और पारू। वैशाली को छोड़कर सभी विधानसभा क्षेत्र मुजफ्फरपुर जिले में हैं।यहां राजद की पकड़ मजबूत दिख रही। यहां से तीन विधायक राजद के, जबकि भाजपा, जदयू और निर्दलीय एक-एक विधायक हैं। हालांकि, निर्दलीय विधायक का झुकाव जदयू की ओर है।वैशाली लोकसभा में मतदाताओं की संख्या 17 लाख 18 हजार 311 है। राजपूत, यादव और भूमिहार जाति की संख्या सबसे अधिक है।विभिन्न उपजातियों को मिलाने के बाद अतिपिछड़ों और दलितों की संख्या अच्छी-खासी हो जाती है। यहां की साक्षरता दर 66 फीसद के आसपास है।


बड़ी घटनाएं और विकास

वैशाली के अजीजपुर में वर्ष 2015 में दो पक्षों के बीच मारपीट में पांच लोगों की मौत हो गई। बाद में भीड़ ने पूरे गांव में आग लगा दी। जिनकी हत्या हुई, उनमें दो के शव आग के हवाले कर दिए गए। इसे लेकर पूरे इलाके में तनाव रहा। तत्कालीन मुख्यमंत्री से लेकर विपक्ष के सारे नेता वहां गए। घटना को याद कर लोग आज भी सिहर जाते।हाजीपुर-सुगौली रेलपथ की आर्थिक बाधा अबदूर हुई है और अब निर्माण चल रहा है। देवरिया-मुजफ्फरपुर पथ का चयन एनएच के लिए हुआ है। कांटी थर्मल की दूसरी यूनिट की भी शुरुआत हुई। सांसद निधि से 142 छोटी-बड़ी सड़कों केनिर्माण का काम हुआ। कांटी से मीनापुर को जोड़नेवाले रघई पुल के पहुंच पथ की बाधा दूर हुई और पुल चालू हो गया है। मोतीपुर स्टेशन के विस्तार की योजना की शुरुआत हुई।सड़क, जलजमाव, सिंचाई, चीनी मिल जैसे स्थानीय मसले भी चुनाव में मायने रखेंगे।

 

वैशाली की खास बातें

वैशाली बिहार का महत्वपूर्ण लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र है। इस लोकसभा क्षेत्र में वैशाली विधानसभा क्षेत्र समेत 6 क्षेत्रों को शामिल किया गया है। इस क्षेत्र का नाम महाभारत काल के राजा विशाल से लिया गया है। इस क्षेत्र में भगवान महावीर का जन्मस्थान भी है। भगवान बुद्ध यहां काफी समय तक रहे और अपना आखिरी प्रवचन भी दिया। यहां के प्रसिद्ध स्थालों में अशोक स्तंभ, बौद्ध स्तूप, बावन पोखर मंदिर हैं। राजा विशाल का किला और जैन धर्मावलंबियों का प्रमुख स्थिल कुण्ड लपुर धाम यहीं पर है।

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  • सीटें534
  • महिला मतदाता724,500
  • पुरुष मतदाता841,773
  • कुल मतदाता1,566,321

घोषित उम्मीदवार लोकसभा 2019

लोकसभा चुनाव

    राम किशोर सिंह

    विजयी सांसद – 2014
    • जन्मतिथि18 नवम्बर 1964
    • जेंडरM
    • शिक्षाग्रेजुएट
    • संपत्ति2.16 करोड़

    पूर्व सांसद

    • वीणा देवी

      एलजेपी2019

    • रघुवंश प्रसाद सिंह

      राजद2009

    • रघुबंश प्रसाद सिंह

      राजद2004

    • रघुवंश प्रसाद सिंह

      राजद1999

    • रघुवंश प्रसाद सिंह

      राजद1998

    • रघयबंश प्रसाद सिंह

      जेडी1996

    • शिव शरण सिंह

      जेडी1991

    • ऊषा सिंह

      जेडी1989

    • किशोरी सिन्हा

      कांग्रेस1984

    • किशरोई सिन्हा

      जेएनपी1980

    • दिग्‍विजय नारायण सिंह

      बीएलडी1977

    वीडियो

    किसने क्या कहा और पढ़ें

    • अरुण जेटली(भाजपा)

      प्रधानमंत्री की जाति कैसे प्रासंगिक है? उन्होंने कभी जाति की राजनीति नहीं की। उन्होंने केवल विकासात्मक राजनीति की है। वह राष्ट्रवाद से प्रेरित हैं। जो लोग जाति के नाम पर गरीबों को धोखा दे रहे हैं वे सफल नहीं होंगे। ऐसे लोग जाति की राजनीति के नाम पर केवल दौलत बटोरना चाहते हैं। बीएसपी या आरजेडी के प्रमुख परिवारों की तुलना में प्रधानमंत्री की संपत्ति 0.01 फीसद भी नहीं है।

      अन्य बयान
    • दिग्विजय सिंह(कांग्रेस)

      मैं सदैव देशहित, राष्ट्रीय एकता और अखंडता की बात करने वालों के साथ रहा हूं। मैं धार्मिक उन्माद फैलाने वालों के हमेशा खिलाफ रहा हूं। मुझे गर्व है कि मुख्यमंत्री रहते हुए मुझ में सिमी और बजरंग दल दोनों को बैन करने की सिफारिश करने का साहस था। मेरे लिए देश सर्वोपरि है, ओछी राजनीति नहीं।

      अन्य बयान
    • राहुल गांधी(कांग्रेस)

      हमारे किसान हमारी शक्ति और हमारा गौरव हैं। पिछले पांच साल में मोदी जी और भाजपा ने उन्हें बोझ की तरह समझा और व्यवहार किया। भारत का किसान अब जाग रहा है और वह न्याय चाहता है

      अन्य बयान
    • नरेंद्र मोदी(भाजपा)

      आज भारत दुनिया में तेजी से अपनी जगह बना रहा है, लेकिन कांग्रेस, डीएमके और उनके महामिलावटी दोस्त इसे स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं। इसलिए वे मुझसे नाराज हैं

      अन्य बयान
    • राबड़ी देवी(राजद)

      जदयू के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रशांत किशोर लालू जी से मिलने उनके और तेजस्वी यादव के आवास पर पांच बार आए थे। नीतीश कुमार ने वापस आने की इच्छा जताई थी और साथ ही कहा था कि तेजस्वी को वो 2020 के विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री के रूप में देखना चाहते हैं और इसके लिए 2019 के लोकसभा चुनाव में लालू उन्हें पीएम पद का उम्मीदवार घोषित कर दें।

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