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गया

फल्गु नदी के तट पर बसा गया कई छोटी-छोटी पहाड़ि‍यों से घिरा है। इसे मोक्ष और ज्ञान की भूमि भीकहा जाता है, क्यों कि फल्गु में तर्पण-अर्पण करने से पितरों को मोक्ष की प्राप्ति होती है। बोधगया वह भूमि है, जहां ज्ञान पाकर राजकुमार सिद्धार्थ भगवान बुद्ध बने। यहां बड़े कल-कारखाने नहीं हैं। यहां की पटवा टोली में बुनकरों की बड़ी तादाद है, जहां कपड़े तैयार किए जाते हैं। सैकड़ों लोग कुटीर उद्योग से जुड़े हैं। गया संसदीय क्षेत्र की अर्थव्युवस्थाा कृषि आधारित है। झारखंड की सीमा से सटा यह क्षेत्र नक्सल प्रभावित भी है। जिले के 24 प्रखंडों में शहर को छोड़कर लगभग सभीक्षेत्रों में नक्स ल समस्याक व्याहप्त है। नक्सालियों पर नकेल के लिए सीआरपीएफ की स्थाेयी बटालियन भी तैनात है। यहां सेना की ऑफिसर्स ट्रेनिंग एकेडमी और अंतरराष्ट्रीीय हवाई अड्डा भी है। गया संसदीय सीट अनुसूचित जाति के लिए सुरक्षित है। गया जिले में कुल 10 विधानसभा क्षेत्र हैं। इनमें छह विधानसभा क्षेत्र गया संसदीय क्षेत्र में आते हैं।गया संसदीय क्षेत्र में गया, बोधगया, बेलागंज, शेरघाटी, बाराचट्टी और वजीरगंज विस क्षेत्र शामिल है।जिले की 10 विधानसभा सीटों में चार पर राजद, एक पर हम, दो पर भाजपा, दो पर जदयू, एक पर कांग्रेस काबिज है। 

 

इतिहास और बड़ी घटनाएं
1952 से 2014 तक यहां से छह बार कांग्रेस, एक बार प्रजातांत्रिक सोशलिस्टट पार्टी, एक बार जनसंघ, एक बार जनता पार्टी, तीन बार जनता दल, एक बार राजद औरचार बार भाजपा विजयी रही है।  
गया में कुल मतदाताओं की संख्यार 28,62,060 है। यह देश के अति पिछड़े जिलों में शामिल है, जिसके लिए विशेष योजनाएं दी गई हैं।जिले की कुल जनसंख्या0 43,91,418 है और साक्षरता दर 52.38 फीसद है।

 

बड़ी घटनाएं, विकास और मुद्दे
19 जनवरी 2018 को दलाईलामा के बोधगया प्रवास और सूबे के तत्कालीन राज्यपाल के बोधगया आगमन के दौरान आतंकियों द्वारा बम विस्फोाट किया गया था। 2013 में भी बोधगया में सीरियल ब्ला स्ट  किया गया था। 2005 के विधानसभा चुनाव के दौरान नक्सीलियों ने बाराचट्टी में वेंकैया नायडू का हेलीकाप्ट्र जला दिया था।बोधगया में आईआईएम की स्थाचपना, पंचानपुर मेंदक्षिण बिहार केंद्रीय विश्वकविद्यालय औरबिजली के क्षेत्र में सुधार यहां होने वाले प्रमुख कार्य हैं। हालांकि डोभी-पटना फोर लेन का काम बंद है। फल्गुा में वियर बांध, फोर लेन निर्माण, हवाई अड़़डा का विस्तायर और उत्तनर कोयल परियोजना से जुड़े काम की लोग मांग कर रहे हैं। इस तरह ये काम इस संसदीय क्षेत्र के प्रमुख मुद्दे हैं। स्वाोस्य् का और शिक्षा की हालत गंभीर है। मगध मेडिकल कॉलेज एंड हास्पिटल के लिए घोषणाएं तो बहुत हुईं, पर यह धरातल पर नहीं उतर सका।

 

गया की खास बातें

गया बिहार के 40 लोकसभा निर्वाचन क्षेत्रों में से एक है। इस लोकसभा क्षेत्र में 6 विधानसभा क्षेत्रों को समाहित किया गया है। फाल्गुनी नदी के तट पर बसा यह शहर झारखंड की सीमा से जुड़ता है। ऐतिहासिक और धार्मिक रूप से यह बिहार का सबसे महत्वपूर्ण नगर है। पितृपक्ष पर हजारों लोग पिंडदान के लिए यहां जुटते हैं। इस क्षेत्र से कुछ दूरी पर बोधगया स्थित है जहां भगवान बुद्ध को ज्ञान की प्राप्ति हुई थी। यहां का विष्णुपद मंदिर पर्यटकों के बीच लोकप्रिय है। इस क्षेत्र का उल्लेख महाकाव्य रामायण में भी मिलता है। गया मौर्य काल में एक महत्वपूर्ण नगर था। मध्यकाल में यह शहर मुगल सम्राटों के अधीन था।

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  • सीटें534
  • महिला मतदाता702,311
  • पुरुष मतदाता799,210
  • कुल मतदाता1,501,521

घोषित उम्मीदवार लोकसभा 2019

लोकसभा चुनाव

    हरी मांझी

    विजयी सांसद – 2014
    • जन्मतिथि8 जनवरी 1963
    • जेंडरM
    • शिक्षा8वीं
    • संपत्ति1.01 करोड़

    पूर्व सांसद

    • विजय मांझी

      जेडीयू2019

    • हरी मांझी

      बीजेपी2009

    • राजेश कुमार मांझी

      राजद2004

    • रामजी मांझी

      बीजेपी1999

    • कृष्णा कुमार चौधरी

      बीजेपी1998

    • भगवती देवी

      जेडी1996

    • राजेश कुमार

      जेडी1991

    • इनस्वसर चौधरी

      जेडी1989

    • रामस्‍वरूप राम

      कांग्रेस1984

    • रामस्वरूप राम

      कांग्रेस1980

    • ईश्वर चौधरी

      बीएलडी1977

    • ईश्वर चौधरी

      बीजेएस1971

    • आर दास

      कांग्रेस1967

    • बृजेश्वर प्रसाद

      कांग्रेस1962

    • ब्रजेश्वर प्रसाद

      कांग्रेस1957

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    किसने क्या कहा और पढ़ें

    • अरुण जेटली(भाजपा)

      प्रधानमंत्री की जाति कैसे प्रासंगिक है? उन्होंने कभी जाति की राजनीति नहीं की। उन्होंने केवल विकासात्मक राजनीति की है। वह राष्ट्रवाद से प्रेरित हैं। जो लोग जाति के नाम पर गरीबों को धोखा दे रहे हैं वे सफल नहीं होंगे। ऐसे लोग जाति की राजनीति के नाम पर केवल दौलत बटोरना चाहते हैं। बीएसपी या आरजेडी के प्रमुख परिवारों की तुलना में प्रधानमंत्री की संपत्ति 0.01 फीसद भी नहीं है।

      अन्य बयान
    • दिग्विजय सिंह(कांग्रेस)

      मैं सदैव देशहित, राष्ट्रीय एकता और अखंडता की बात करने वालों के साथ रहा हूं। मैं धार्मिक उन्माद फैलाने वालों के हमेशा खिलाफ रहा हूं। मुझे गर्व है कि मुख्यमंत्री रहते हुए मुझ में सिमी और बजरंग दल दोनों को बैन करने की सिफारिश करने का साहस था। मेरे लिए देश सर्वोपरि है, ओछी राजनीति नहीं।

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    • राहुल गांधी(कांग्रेस)

      हमारे किसान हमारी शक्ति और हमारा गौरव हैं। पिछले पांच साल में मोदी जी और भाजपा ने उन्हें बोझ की तरह समझा और व्यवहार किया। भारत का किसान अब जाग रहा है और वह न्याय चाहता है

      अन्य बयान
    • नरेंद्र मोदी(भाजपा)

      आज भारत दुनिया में तेजी से अपनी जगह बना रहा है, लेकिन कांग्रेस, डीएमके और उनके महामिलावटी दोस्त इसे स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं। इसलिए वे मुझसे नाराज हैं

      अन्य बयान
    • राबड़ी देवी(राजद)

      जदयू के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रशांत किशोर लालू जी से मिलने उनके और तेजस्वी यादव के आवास पर पांच बार आए थे। नीतीश कुमार ने वापस आने की इच्छा जताई थी और साथ ही कहा था कि तेजस्वी को वो 2020 के विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री के रूप में देखना चाहते हैं और इसके लिए 2019 के लोकसभा चुनाव में लालू उन्हें पीएम पद का उम्मीदवार घोषित कर दें।

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