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सिकंदराबाद

1957 में देश के दूसरे लोकसभा चुनाव के दौरान सिकंदराबाद लोकसभा अस्तित्‍व में आई। यह निर्वाचन क्षेत्र तेलंगाना राज्‍य के 17 लोकसभा सीट में से एक है। य‍ह निर्वाचन क्षेत्र हैदराबाद जिले में है। हैदराबाद को बांटकर सिकंदराबाद शहर बना। इसीलिए इसे हैदराबाद का जुड़वां शहर भी कहते हैं। यहां भारतीय सेना की सबसे बड़ी छावनियों में से एक है। इस क्षेत्र ने चालुक्य साम्राज्य, काकतीय राजवंश, शाह, मुगल, मराठा और ब्रिटिश साम्राज्‍य को नजदीक से देखा है। सिकंदराबाद में ही पहली बार मराठाओं ने यहां के बादशाह अहमद शाह को हराकर अपने साम्राज्‍य का विस्‍तार शुरू किया था। सिकंदराबाद रेलवे स्टेशन सबसे बड़े और प्रमुख रेलमार्गों में शामिल है। यहां दक्षिण मध्य रेलवे का मुख्यालय भी है। यहां के ऐतिहासिक किले, मंदिर और बाजार लोगों के आकर्षण का केंद्र हैं। अंग्रेजी और विदेशी भाषा का केंद्रीय विश्वविद्यालय (EFLU) यहीं स्थित है। देश की राजधानी नई दिल्‍ली से इस क्षेत्र की दूरी करीब 1580 किलोमीटर है।

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  • सीटें534
  • महिला मतदाता880,779
  • पुरुष मतदाता1,012,740
  • कुल मतदाता1,893,741

लोकसभा चुनाव

    बण्डारू दत्तात्रेय

    विजयी सांसद – 2014
    • जन्मतिथि12 जून 1947
    • जेंडरM
    • शिक्षाबीएससी
    • संपत्ति9.82 करोड़

    पूर्व सांसद

    • एम अंजन कुमार यादव

      कांग्रेस2009

    • एम अंजन कुमार यादव

      कांग्रेस2004

    • बंडारू दत्तात्रेय

      बीजेपी1999

    • बंडारू दत्तात्रेय

      बीजेपी1998

    • पी वी राजेश्वर राव

      कांग्रेस1996

    • बंडारू दत्तात्रेय

      बीजेपी1991

    • टी मनेम्‍मा

      कांग्रेस1989

    • टी अंजैया

      कांग्रेस1984

    • पी शिव शंकर

      कांग्रेस1980

    • एम एम हाशिम

      कांग्रेस1977

    • एम एम हासिम

      टीपीएस1971

    • बी ए मिर्जा

      कांग्रेस1967

    • अहमद मोहीउद्दीन

      कांग्रेस1962

    • अहमद मोहिद्दीन

      कांग्रेस1957

    वीडियो

    किसने क्या कहा और पढ़ें

    • नरेंद्र मोदी(भाजपा)

      आज भारत दुनिया में तेजी से अपनी जगह बना रहा है, लेकिन कांग्रेस, डीएमके और उनके महामिलावटी दोस्त इसे स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं। इसलिए वे मुझसे नाराज हैं

      अन्य बयान
    • राबड़ी देवी(राजद)

      जदयू के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रशांत किशोर लालू जी से मिलने उनके और तेजस्वी यादव के आवास पर पांच बार आए थे। नीतीश कुमार ने वापस आने की इच्छा जताई थी और साथ ही कहा था कि तेजस्वी को वो 2020 के विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री के रूप में देखना चाहते हैं और इसके लिए 2019 के लोकसभा चुनाव में लालू उन्हें पीएम पद का उम्मीदवार घोषित कर दें।

      अन्य बयान
    • साक्षी महाराज(भाजपा)

      मैं एक संत हूं और वोट मांगने आए हूं। एक वोट का दान कई कन्यादान के बराबर होता है। संन्यासी लोगों का भला करते हैं। मैं आपसे घर, खेती या अन्य चीज दान में नहीं मांग रहा, सिर्फ आपका वोट मांग रहा हूं। संत की मांग जो पूरी नहीं करता वह उसके किए गए पुण्य ले जाता है।

      अन्य बयान
    • राजनाथ सिंह(भाजपा)

      अगर हमारी सरकार सत्ता में दोबारा आती है, तो हम देशद्रोह कानून को और ज्यादा सख्त करेंगे। अगर जम्मू-कश्मीर के लिए अलग पीएम की मांग की जाती रही तो हमारे पास अनुच्छेद 370 को निरस्त करने के अलावा और कोई विकल्प नहीं है।

      अन्य बयान
    • राहुल गांधी(कांग्रेस)

      लोकसभा 2019 का चुनाव देश की दो विचारधाराओं की लड़ाई है। कांग्रेस कहती है कि देश की सभी विचारधारा, अवसर, भाषा, इतिहास, संस्कृति सब हंसी-खुशी से साथ रहें। सबको अपनी बात रखने का हक है। लेकिन संघ और बीजेपी चाहती है कि देश में एक ही विचारधारा का राज कायम रहे।

      अन्य बयान
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