This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.
OK

वारंगल

वारंगल लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र दक्षिण भारत में तेलंगाना राज्य के 17 लोकसभा निर्वाचन क्षेत्रों में से एक है। देश के पहले लोकसभा चुनाव 1952 में इस निर्वाचन क्षेत्र की स्थापना की गई। यह क्षेत्र 12वीं सदी में काकतीय वंश की राजधानी था। 1162 में बनाया गया यहां का 1000 खंभों वाला मन्दिर यहीं है। इस क्षेत्र में काकतीयों के बाद बहमनी, कुतुबशाही और मुगलों ने राज किया। यहां कई प्राचीन मंदिर और ऐतिहासिक किले हैं। इटली के प्रसिद्ध पर्यटक मार्कोपोलो मोटुपल्ली ने पहली बार इसी क्षेत्र से भारत में प्रवेश किया था। वारंगल तेलंगाना का प्रमुख वाणिज्यिक एवं औद्योगिक केन्द्र है। यहां क़ालीन, कम्बल एवं रेशम के कई कारखाने हैं। वारंगल में काकतीय विश्‍वविद्यालय, काकतीय मेडिकल कॉलेज, काकतीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी संस्‍थान, राष्‍ट्रीय तकनीकी संस्‍थान समेत कई शैक्षिक संस्‍थान हैं।

और पढ़ें >
  • सीटें534
  • महिला मतदाता765,862
  • पुरुष मतदाता771,760
  • कुल मतदाता1,537,778

घोषित उम्मीदवार लोकसभा 2019

लोकसभा चुनाव

    के श्रीहरी

    विजयी सांसद – 2014
    • जन्मतिथि8 जुलाई 1952
    • जेंडरM
    • शिक्षापोस्ट ग्रेजुएट एमएससी
    • संपत्ति1.34 करोड़

    पूर्व सांसद

    • पसूनुरी दयाकर

      टीआरएस2019

    • एस राजैया

      कांग्रेस2009

    • धरवाथ रविन्दर नायक

      टीआरएस2004

    • बोड़ाकुंति वेंकटेश्वरलु

      टीडीपी1999

    • अज्मीरा चंदुलाल

      टीडीपी1998

    • अजमीरा चंदूलाल

      टीडीपी1996

    • सुरेंद्र रेड्डी रामा सहायम

      कांग्रेस1991

    • सुरेंद्र रेड्डी राम सहायम

      कांग्रेस1989

    • टी कल्पना देवी

      टीडीपी1984

    • मोहम्मद कमालोद्दीन अहमद

      कांग्रेस1980

    • एस बी गिरि

      कांग्रेस1977

    • एस बी गिरी

      टीपीएस1971

    • आर एस रेड्डी

      कांग्रेस1967

    • बकर अली मिर्ज़ा

      कांग्रेस1962

    • सादत अली खान

      कांग्रेस1957

    • पेंडयाल राघव राव

      पीडीएफ1952

    वीडियो

    किसने क्या कहा और पढ़ें

    • अरुण जेटली(भाजपा)

      प्रधानमंत्री की जाति कैसे प्रासंगिक है? उन्होंने कभी जाति की राजनीति नहीं की। उन्होंने केवल विकासात्मक राजनीति की है। वह राष्ट्रवाद से प्रेरित हैं। जो लोग जाति के नाम पर गरीबों को धोखा दे रहे हैं वे सफल नहीं होंगे। ऐसे लोग जाति की राजनीति के नाम पर केवल दौलत बटोरना चाहते हैं। बीएसपी या आरजेडी के प्रमुख परिवारों की तुलना में प्रधानमंत्री की संपत्ति 0.01 फीसद भी नहीं है।

      अन्य बयान
    • दिग्विजय सिंह(कांग्रेस)

      मैं सदैव देशहित, राष्ट्रीय एकता और अखंडता की बात करने वालों के साथ रहा हूं। मैं धार्मिक उन्माद फैलाने वालों के हमेशा खिलाफ रहा हूं। मुझे गर्व है कि मुख्यमंत्री रहते हुए मुझ में सिमी और बजरंग दल दोनों को बैन करने की सिफारिश करने का साहस था। मेरे लिए देश सर्वोपरि है, ओछी राजनीति नहीं।

      अन्य बयान
    • राहुल गांधी(कांग्रेस)

      हमारे किसान हमारी शक्ति और हमारा गौरव हैं। पिछले पांच साल में मोदी जी और भाजपा ने उन्हें बोझ की तरह समझा और व्यवहार किया। भारत का किसान अब जाग रहा है और वह न्याय चाहता है

      अन्य बयान
    • नरेंद्र मोदी(भाजपा)

      आज भारत दुनिया में तेजी से अपनी जगह बना रहा है, लेकिन कांग्रेस, डीएमके और उनके महामिलावटी दोस्त इसे स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं। इसलिए वे मुझसे नाराज हैं

      अन्य बयान
    • राबड़ी देवी(राजद)

      जदयू के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रशांत किशोर लालू जी से मिलने उनके और तेजस्वी यादव के आवास पर पांच बार आए थे। नीतीश कुमार ने वापस आने की इच्छा जताई थी और साथ ही कहा था कि तेजस्वी को वो 2020 के विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री के रूप में देखना चाहते हैं और इसके लिए 2019 के लोकसभा चुनाव में लालू उन्हें पीएम पद का उम्मीदवार घोषित कर दें।

      अन्य बयान
    राज्य चुनें
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • दिल्ली
    • बिहार
    • उत्तराखंड
    • हरियाणा
    • मध्य प्रदेश
    • झारखण्ड
    • राजस्थान
    • जम्मू-कश्मीर
    • हिमाचल प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • पश्चिम बंगाल
    • ओडिशा
    • महाराष्ट्र
    • गुजरात
    आपका राज्य