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कच्छ

कच्छ गुजरात प्रान्त का एक जिला है। जिले का मुख्यालय है भुज। 45,674 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्रफल में फैला गुजरात का ये जिला भारत का सबसे बड़ा जिला है। जखाऊ, कांडला और मुन्द्रा यहां के मुख्य बंदरगाह हैं। माना जाता है कि ये जिला प्राचीन सिंधु संस्कृति का हिस्सा है। 1270 में कच्छ एक स्वतंत्र प्रदेश था। सन् 1815 में यह ब्रिटिश साम्राज्य के अधीन हुआ। 1950 में यह भारत का एक राज्य बना। सन् 1960 में कच्छ गुजरात का एक हिस्सा बना। यहां पहली बार 1952 में लोकसभ चुनाव हुए थे जिसमें भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के गुलाब शंकर अमृतलाल ढोलकिया ने जीत दर्ज की थी। दिल्ली से इसकी दूरी 1,174.2 km है। वहीं गुजरात की राजधानी गांधीनगर से इसकी दूरी 422.2 किलोमीटर है। यहां का मांडवी बीच गुजरात के सबसे आकर्षित बीचों में से एक है। कंठकोट किला यहां का प्रसिद्ध किला है। इसका निर्माण 8वीं शताब्दी में हुआ था। यहां कई प्रसिद्ध मंदिर भी हैं जैसे भद्रेश्वर जैन मंदिर, नारायण सरोवर मंदिर, सूर्य मंदिर। अगर खाने की बात करें तो यहां की काठियावाड़ी थाली, थेपला, लोचो, लिलवा कचौड़ी काफी फेमस हैं।

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  • सीटें534
  • महिला मतदाता727,439
  • पुरुष मतदाता806,343
  • कुल मतदाता1,533,782

घोषित उम्मीदवार लोकसभा 2019

लोकसभा चुनाव

    विनोद चावड़ा

    विजयी सांसद – 2014
    • जन्मतिथि6 मार्च 1979
    • जेंडरM
    • शिक्षाग्रेजुएट प्रोफेशनल
    • संपत्ति56.18 लाख

    पूर्व सांसद

    • श्री विनोद लक्ष्मी चावड़ा

      बीजेपी2019

    • जाट पूनमबेन वेल्जी भाई

      बीजेपी2009

    • महिपात्राय एम मेहता

      कांग्रेस1971

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    किसने क्या कहा और पढ़ें

    • अरुण जेटली(भाजपा)

      प्रधानमंत्री की जाति कैसे प्रासंगिक है? उन्होंने कभी जाति की राजनीति नहीं की। उन्होंने केवल विकासात्मक राजनीति की है। वह राष्ट्रवाद से प्रेरित हैं। जो लोग जाति के नाम पर गरीबों को धोखा दे रहे हैं वे सफल नहीं होंगे। ऐसे लोग जाति की राजनीति के नाम पर केवल दौलत बटोरना चाहते हैं। बीएसपी या आरजेडी के प्रमुख परिवारों की तुलना में प्रधानमंत्री की संपत्ति 0.01 फीसद भी नहीं है।

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    • दिग्विजय सिंह(कांग्रेस)

      मैं सदैव देशहित, राष्ट्रीय एकता और अखंडता की बात करने वालों के साथ रहा हूं। मैं धार्मिक उन्माद फैलाने वालों के हमेशा खिलाफ रहा हूं। मुझे गर्व है कि मुख्यमंत्री रहते हुए मुझ में सिमी और बजरंग दल दोनों को बैन करने की सिफारिश करने का साहस था। मेरे लिए देश सर्वोपरि है, ओछी राजनीति नहीं।

      अन्य बयान
    • राहुल गांधी(कांग्रेस)

      हमारे किसान हमारी शक्ति और हमारा गौरव हैं। पिछले पांच साल में मोदी जी और भाजपा ने उन्हें बोझ की तरह समझा और व्यवहार किया। भारत का किसान अब जाग रहा है और वह न्याय चाहता है

      अन्य बयान
    • नरेंद्र मोदी(भाजपा)

      आज भारत दुनिया में तेजी से अपनी जगह बना रहा है, लेकिन कांग्रेस, डीएमके और उनके महामिलावटी दोस्त इसे स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं। इसलिए वे मुझसे नाराज हैं

      अन्य बयान
    • राबड़ी देवी(राजद)

      जदयू के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रशांत किशोर लालू जी से मिलने उनके और तेजस्वी यादव के आवास पर पांच बार आए थे। नीतीश कुमार ने वापस आने की इच्छा जताई थी और साथ ही कहा था कि तेजस्वी को वो 2020 के विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री के रूप में देखना चाहते हैं और इसके लिए 2019 के लोकसभा चुनाव में लालू उन्हें पीएम पद का उम्मीदवार घोषित कर दें।

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