Dawat-e-Islami: उदयपुर हत्याकांड में आया पाकिस्तान के दावत-ए-इस्लामी का नाम, संगठन ने क्या कहा

पाकिस्तान के दावत-ए-इस्लामी नामक संगठन ने किसी भी तरह के आतंकवादी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप का खंडन किया है। उदयपुर राजस्थान में हुई टेलर की नृशंस हत्या के तार उक्त संगठन से जोड़े जा रहे थे।

Deepak YadavPublish: Fri, 01 Jul 2022 08:40 PM (IST)Updated: Fri, 01 Jul 2022 08:40 PM (IST)
Dawat-e-Islami: उदयपुर हत्याकांड में आया पाकिस्तान के दावत-ए-इस्लामी का नाम, संगठन ने क्या कहा

कराची, पीटीआइ। पाकिस्तान के सुन्नी-बरेलवी मुस्लिमों के बड़े संगठन ने किसी भी प्रकार के आतंकवादी गतिविधियों का हिस्सा होने के आरोप का खंडन किया है। दरअसल पाकिस्तान के दावत-ए-इस्लामी नामक संगठन ने शुक्रवार को यह सफाई तब दी है, जब उदयपुर के राजस्थान में एक दर्जी की नृशंस हत्या दो मुस्लिम व्यक्तियों ने कर दिया।

हत्यारों ने एक विडियो जारी किया था जिसमें वे कह रहे थे कि उनका संबंध पाकिस्तान के दावत-ए-इस्लामी संगठन से है। हत्यारे खुद कह रहें है कि 2014 में वे कराची स्थित दावत-ए-इस्लामी संगठन के लोगों से मिले थे और उससे प्रभावित भी हैं। दोनों हत्यारों की पहचान रियाज अख्तरी और गौस मोहम्मद के तौर पर हुई है। दोनों हत्यारों का कहना है कि उन्होंने इस्लाम के तिरस्कार का बदला लिया है और उन्हें इसका अफसोस भी नहीं है।

वहीं दावत-ए-इस्लामी ने उदयपुर की इस अमानवीय हत्या से किनारा कर लिया है। संगठन के वरिष्ठ व्यक्ति मौलाना महमूद कादरी ने कहा कि हमारे संगठन की जो बुनियाद है वो प्रेम का विस्तार करना है। किसी भी धर्म के व्यक्ति के प्रति हमारी कोई दुर्भावना नहीं है।

दुनिया भर में हमारे संगठन की शाखाएं हैं और इससे लाखों की संख्या में लोग भी जुड़े हुए हैं। हमारे संगठन के किसी भी सदस्य की भावना ऐसी नहीं हो सकती जो उदयपुर मामले में देखने को मिल रहा है। हम किसी भी तरह के चरमपंथ का समर्थन नहीं करते और किसी भी राजनीतिक समूह से भी कोई संबंध नहीं है। हमारा संगठन एक शैक्षणिक संस्थान है जहां वैश्विक स्तर पर शांति, करुणा और सहयोग की भावना पर जोर दिया जाता है।

संगठन के प्रमुख कादरी ने कहा कि 1981 में बने दावत-ए-इस्लामी की जो भी जानकारी है वो सब वेबसाइट पर है। हमारा एक टीवी चैनल भी है जहां पर लोगों के भले के लिए काम होता है। वहीं, कादरी ने भारतीय मीडिया पर कहा कि वे हमारी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहे हैं और उदयपुर के हत्यारों का संबंध दावत-ए-इस्लामी से जोड़ रहे हैं। इस तरह से किसी को बदनाम करना ठीक नहीं है। हमारे संगठन का किसी भी तरह के आतंकवादी गतिविधियों से कोई नाता नहीं है। उदयपुर में जो भी हुआ वह निंदनीय और अमानवीय है।

Edited By Deepak Yadav

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