FATF से बचने की राह में बाधक बना विपक्ष, पाकिस्तानी सीनेट में दो विधेयक खारिज

विपक्ष बहुल पाकिस्तानी सीनेट ने इमरान सरकार के FATF द्वारा ब्लैकलिस्ट किए जाने से बचने के प्रयासों पर पानी फेर दिया। ग्रे लिस्ट से व्हाइट लिस्ट में जाने के लिए जरूरी दो विधेयकों को विपक्ष ने खारिज कर दिया।

Monika MinalPublish: Wed, 26 Aug 2020 02:49 PM (IST)Updated: Wed, 26 Aug 2020 02:49 PM (IST)
FATF से बचने की राह में बाधक बना विपक्ष, पाकिस्तानी सीनेट में दो विधेयक खारिज

इस्लामाबाद, प्रेट्र। फिनांशन एक्शन टास्क फोर्स (FATF) द्वारा निर्धारित सख्त नियमों से जुड़े दो विधेयकों को पाकिस्तान की विपक्ष बहुल सीनेट ने ठुकरा दिया। इससे पाकिस्तान सरकार द्वारा मनी लॉन्ड्रिंग मामले और आतंकियों के वित्तपोषण वॉचडॉग द्वारा ब्लैकलिस्टेड किए जाने से बचाव के लिए किए जा रहे प्रयासों पर पानी फिर गया। इस कदम पर देश के प्रधानमंत्री इमरान खान ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की और विपक्षी नेताओं पर अपने अवैध धन को बचाने की कोशिश करने का आरोप लगाया। इससे पहले जुलाई में पाकिस्तान की सीनेट ने FATF द्वारा तय की गई सख्त शर्तों से संबंधित दो विधेयकों को को सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया था। इससे एक दिन पहले ही इन विधेयकों को नेशनल असम्बेली में विपक्ष के विरोध के बावजूद पारित करा लिया गया था।

डॉन के अनुसार, 104 सदस्यीय सीनेट ने दोनों विधेयक ध्वनि मत से खारिज कर दिए। सीनेट में विपक्ष के पास बहुमत है। सदन के नेता शहजाद वसीम ने पिछले हफ्ते विपक्षी नेता के खिलाफ की गई अपनी टिप्पणियों पर माफी मांगने से इनकार कर दिया था। शहजाद वसीम ने विपक्षी नेताओं का नाम लिए बिना उनपर धनशोधन में लिप्त होने का आरोप लगाया। इन विधेयकों पर अब संसद के संयुक्त सत्र में मतदान कराया जाएगा। प्रधानमंत्री इमरान खान ने ट्वीट किया, 'आज सीनेट में, विपक्ष ने एफएटीएफ से संबंधित दो अहम विधेयकों को खारिज कर दिया। पहले दिन से मैं इस बात पर कायम हूं कि विपक्षी नेताओं के स्वार्थी हित और देश के हित भिन्न हैं।' सरकार और विपक्ष के बीच में तनाव उन आरोपों को लेकर कई दिन से चल रहा है कि विपक्ष के शीर्ष नेता भ्रष्टाचार के मामलों में राहत तलाश रहे हैं।

इन विधेयकों में संयुक्त राष्ट्र की प्रतिबंध सूची में निर्दिष्ट संस्थाओं और व्यक्तियों की संपत्ति को पर रोक लगाना और जब्त करना, यात्रा पर और हथियार रखने पर रोक लगाना तथा आतंकवाद को बढ़ावा देने वाले लोगों के लिए भारी जुर्माना और लंबी अवधि की जेल के उपाय शामिल हैं। एक दिन पहले नेशनल असेंबली में पारित हुए एंटी मनी लॉन्ड्रिंग बिल और इस्लामाबाद कैपिटल टेरिटरी वक्फ प्रॉपर्टीज बिल को ध्वनि मत से सीनेट में खारिज कर दिया गया।

ये विधेयक पाकिस्तान द्वारा FATF के ग्रे लिस्ट से निकल व्हाइट लिस्ट में शामिल होने का प्रयास था। पेरिस स्थित फिनांशन एक्शन टास्क फोर्स (FATF) ने जून 2018 में पाकिस्तान को ग्रे लिस्ट में डाल दिया था और इस्लामाबाद से 2019 के अंत तक कार्रवाई करने की योजना तैयार करने का आदेश दिया था। लेकिन कोरोना के कारण फैली महामारी ने डेडलाइन को बढ़ाने पर मजबूर कर दिया। 

Edited By Monika Minal

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