पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के मुख्यमंत्री हमजा का चुनाव रद, लाहौर हाई कोर्ट ने पीटीआइ की याचिका पर सुनाया फैसला

लाहौर हाईकोर्ट ने पंजाब में पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (Pakistan Muslim League-Nawaz PML-N) सरकार के खिलाफ पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (Pakistan Tehreek-i-Insaf PTI) की याचिकाओं को स्वीकार कर लिया। लाहौर हाईकोई के इस फैसले को मौजूदा शहबाज शरीफ की सरकार के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।

Krishna Bihari SinghPublish: Thu, 30 Jun 2022 03:58 PM (IST)Updated: Fri, 01 Jul 2022 03:11 AM (IST)
पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के मुख्यमंत्री हमजा का चुनाव रद, लाहौर हाई कोर्ट ने पीटीआइ की याचिका पर सुनाया फैसला

लाहौर, एएनआइ। पाकिस्तान के लाहौर हाई कोर्ट ने गुरुवार को पंजाब प्रांत के मुख्यमंत्री हमजा शहबाज के चुनाव को रद कर दिया। हमजा पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के बेटे हैं। द न्यूज इंटरनेशनल की रिपोर्ट के अनुसार, पंजाब की पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) सरकार के खिलाफ पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआइ) पार्टी की याचिका स्वीकार कर जस्टिस सदाकत अली खान की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय पीठ ने यह फैसला चार-एक से सुनाया।

हमजा को 16 अप्रैल, 2022 को पंजाब विधानसभा के हंगामेदार सत्र के दौरान प्रांत का मुख्यमंत्री चुना गया था। हमजा के चुनाव को पीटीआइ व पाकिस्तान मुस्लिम लीग-कायद (पीएमएल-क्यू) ने चुनौती दी थी। मतदान से पहले पीटीआइ के तीन विधायकों को डिप्टी स्पीकर दोस्त मोहम्मद मजारी पर हमले के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया था।

इसके बाद पीटीआइ व पीएमएल-क्यू ने मुख्यमंत्री के चुनाव के लिए बुलाए गए विधानसभा सत्र का बहिष्कार कर दिया था। हमजा को 197 मतों के साथ मुख्यमंत्री चुन लिया गया था, जबकि उनके प्रतिद्वंद्वी परवेज इलाही के पक्ष में कोई वोट नहीं पड़ा था।

रिपोर्ट के अनुसार, कोर्ट ने पंजाब विधानसभा को 16 अप्रैल की स्थिति में बहाल कर दिया है। इसके तहत सीएम पद के लिए हमजा शहबाज व परवेज इलाही के बीच फिर से मुकाबला होगा। जीत के लिए प्रत्याशी को कम से कम 186 मत करने होंगे। चुनाव प्रक्रिया डिप्टी स्पीकर की निगरानी में संपन्न होगी। अगर डिप्टी स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया जाता है, तो चेयरमैन की समिति चुनाव संपन्न कराएगी।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुरूप चुनाव आयोग ने पीटीआइ के 25 बागी विधायकों को अयोग्य घोषित कर दिया है। इन खाली सीटों पर 17 जुलाई को उपचुनाव होने हैं। अगर इन सीटों का परिणाम आ जाता है, तो सीएम पद के लिए 351 विधायक मतदान करेंगे। विधानसभा में सत्तारूढ़ गठबंधन के 177 सदस्य हैं, जबकि विपक्षी पीटीआइ के पास 158 विधायक शेष रह गए हैं क्योंकि उसके 25 बागी विधायक अयोग्य घोषित किए जा चुके हैं।

Edited By Krishna Bihari Singh

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