Year Ender 2021: भारतीय प्रधानमंत्री की बांग्‍लादेश की ऐतिह‍ासिक यात्रा, बांग्लादेश की आजादी के 50 वर्ष पूरे

मोदी ने बांग्लादेश की स्वतंत्रता (Independence of Bangladesh) की स्वर्ण जयंती राष्ट्रपिता बंगबंधु शेख मजीबुर्रहमान (Bangabandhu Sheikh Mujibur Rahman) की जन्म शताब्दी और भारत तथा बांग्लादेश के बीच राजनयिक संबंधों की स्थापना के 50 वर्ष पूरे होने के उत्सव में भाग लेने के लिए बांग्लादेश की यात्रा की थी।

Ramesh MishraPublish: Fri, 24 Dec 2021 03:15 PM (IST)Updated: Fri, 24 Dec 2021 04:31 PM (IST)
Year Ender 2021: भारतीय प्रधानमंत्री की बांग्‍लादेश की ऐतिह‍ासिक यात्रा, बांग्लादेश की आजादी के 50 वर्ष पूरे

नई दिल्‍ली/ढाका, जेएनएन। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 26 से 27 मार्च 2021 तक बांग्‍लादेश के आधिकारिक दौरे पर थे। मोदी ने बांग्लादेश की स्वतंत्रता (Independence of Bangladesh) की स्वर्ण जयंती, राष्ट्रपिता बंगबंधु शेख मजीबुर्रहमान (Bangabandhu Sheikh Mujibur Rahman) की जन्म शताब्दी और भारत तथा बांग्लादेश के बीच राजनयिक संबंधों की स्थापना के 50 वर्ष पूरे होने के उत्सव में भाग लेने के लिए बांग्लादेश की यात्रा की थी।

1- बता दें कि इस साल बांग्लादेश के राष्ट्रपिता बंगबंधु शेख मुजीबुर रहमान की जन्म शताब्दी और भारत व बांग्लादेश के बीच राजनयिक संबंधों की स्थापना के 50 साल भी पूरे हुए हैं। यह यात्रा भारत और बांग्लादेश के 50 साल के मजबूत संबंधों को प्रदर्शित करती है, जो द्विपक्षीय संबंधों के लिहाज से पूरे क्षेत्र के लिए एक आदर्श के रूप में विकसित हुए हैं। बांग्लादेश ने बंगबंधु शेख मजीबुर्रहमान को वर्ष 2020 का गांधी शांति पुरस्कार (Gandhi Peace Prize) प्रदान करने पर भारत को धन्यवाद दिया।

2- इस दौरान ढाका में बंगबंधु-बापू डिजिटल प्रदर्शनी का संयुक्त रूप से उद्घाटन किया गया। भारत-बांग्लादेश मित्रता की 50वीं वर्षगांठ को चिह्नित करने के लिए दोनों पक्षों ने संबंधित स्मारक डाक टिकट जारी किए। छह दिसंबर को मैत्री दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया गया। इसी दिन भारत ने वर्ष 1971 में बांग्लादेश को मान्यता दी थी। भारत ने दिल्ली विश्वविद्यालय में बंगबंधु पीठ की स्थापना की घोषणा की। बांग्लादेश ने बांग्लादेश-भारत सीमा पर मुजीब नगर से नादिया तक ऐतिहासिक सड़क का नाम (मुक्ति संग्राम के दौरान इस सड़क के ऐतिहासिक महत्त्व को याद करते हुए) शाधिनोता शोरोक (Shadhinota Shorok) रखने के बांग्लादेश के प्रस्ताव पर विचार करने के लिए भारत को धन्यवाद दिया।

3- बांग्लादेश ने तीस्ता नदी जल के बंटवारे पर लंबे समय से लंबित अंतरिम समझौते के समाधान के लिए अपने अनुरोध को दोहराया था। भारत ने बांग्लादेश की तरफ से लंबित फेनी नदी के पानी के बंटवारे के लिए अंतरिम समझौते के मसौदे को जल्द अंतिम रूप देने का अनुरोध किया। इस पर दोनों पक्षों ने वर्ष 2011 में सहमति जताई थी। साथ ही दोनों देशों ने संबंधित जल मंत्रालयों को मनु, मुहुरी, खोवाई, गुमटी, धारला और दुधकुमार नामक छह अन्य नदियों के पानी के बंटवारे संबंधी अंतरिम समझौते को भी जल्द पूरा करने का निर्देश दिया। दोनों प्रधानमंत्रियों ने संयुक्त तकनीकी समिति को निर्देश दिया कि वह गंगा जल साझेदारी संधि (Ganges Water Sharing Treaty), 1996 के अनुसार बांग्लादेश द्वारा प्राप्त गंगा जल के इष्टतम उपयोग के लिये गंगा-पद्मा बैराज की व्यवहार्यता का शीघ्रता से अध्ययन करे।

4- दोनों पक्षों ने व्यापार नीतियों, विनियमों और प्रक्रियाओं की भविष्यवाणी और गैर-टैरिफ बाधाओं को हटाने की आवश्यकता पर बल दिया। दोनों देशों के बीच व्यापार को सुविधाजनक बनाने के लिये समन्वित तरीके से जमीनी सीमा शुल्क स्टेशनों/भूमि बंदरगाहों के बुनियादी ढांचे और सुविधाओं के उन्नयन हेतु तत्काल जोर देने का आह्वान किया गया। द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ाने के लिये मानकों हेतु सामंजस्य और समझौतों व प्रमाणपत्रों की मान्यता के महत्त्व को दोहराया गया। बांग्लादेश मानक और परीक्षण संस्थान और भारतीय मानक ब्यूरो क्षमता निर्माण तथा परीक्षण एवं लैब सुविधाओं के विकास के लिए सहयोग करेंगे। दोनों देश संयुक्त राष्ट्र और अन्य बहुपक्षीय मंचों पर साझा उद्देश्यों के लिए साथ मिलकर काम करना जारी रखने पर सहमत हुए।

5- दोनों पक्षों ने इस बात पर जोर दिया कि सार्क (SAARC) और बिम्सटेक (BIMSTEC) जैसे क्षेत्रीय संगठनों की महत्त्वपूर्ण भूमिका है, विशेष रूप से कोरोना महामारी के बाद की स्थिति में। बांग्लादेश ने मार्च 2020 में सार्क नेताओं की वीडियो कांन्फ्रेंस बुलाने और दक्षिण एशियाई क्षेत्र में वैश्विक महामारी के प्रभाव से निपटने के लिये सार्क आपातकालीन प्रतिक्रिया निधि बनाए जाने का प्रस्ताव रखने हेतु भारत को धन्यवाद दिया। बांग्लादेश ने इस बात पर प्रकाश डाला कि वह अक्‍टूबर 2021 में पहली बार इंडियन ओशन रिम एसोसिएशन की अध्यक्षता ग्रहण करेगा। अतः उसने हिंद महासागर क्षेत्र में अधिक समुद्री सुरक्षा तथा रक्षा पर काम करने के लिए भारत से सहयोग का आग्रह किया।

Edited By Ramesh Mishra

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.Accept