अफगानिस्तान की सहायता के लिए नेपाल ने बढ़ाए हाथ, राहत सामग्री, दवाएं और कपड़े के रूप में भेजी मानवीय सहायता

नेपाल ने अफगान को मानवीय सहायता भेजी है। पिछले साल अफगानिस्तान की सत्ता पर तालिबान ने कब्जा कर लिया था। जिसके बाद से देश के आंतरिक हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। नेपाल के विदेश मंत्री ने कहा कि नेपाल अफगानिस्तान को मानवीय सहायता प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।

Amit SinghPublish: Sun, 16 Jan 2022 03:04 PM (IST)Updated: Sun, 16 Jan 2022 03:26 PM (IST)
अफगानिस्तान की सहायता के लिए नेपाल ने बढ़ाए हाथ, राहत सामग्री, दवाएं और कपड़े के रूप में भेजी मानवीय सहायता

काठमांडू, एएनआई: भारत से लगे पड़ोसी देश नेपाल ने अफगान को मानवीय सहायता भेजी है। पिछले साल अफगानिस्तान की सत्ता पर तालिबान ने कब्जा कर लिया था। जिसके बाद से देश के आंतरिक हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। नेपाल के विदेश मंत्री डा. नारायण खडका ने एक बैठक के दौरान कहा कि, नेपाल अफगानिस्तान के लोगों को मानवीय सहायता प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है और एक विशेष विमान के माध्यम से इसे भेजा जा रहा है।

मानवीय सहायता में संयुक्त राष्ट्र के प्रोटोकाल का पालन

मंत्री खडका के मुताबिक, नेपाल ने 12 टन की मानवीय सहायता भेजी है, जिसमें राहत सामग्री, दवाएं और कपड़े सहित भेजी हैं। इश दौरान संयुक्त राष्ट्र के ओर से जारी सभी प्रोटोकाल का पालन किया गया है। उन्होंने बताया कि संयुक्त राष्ट्र द्वारा दी गई सूची के मुताबिक दवाएं, घरेलू सामग्री और कपड़े मानवीय सहायता के तौर पर भेजे जा रहे हैं। क्योंकि अफगान में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। इन तीन श्रेणी की सामग्री को अफगानिस्तान भेज दिया गया है।

संयुक्त राष्ट्र करेगा राहत सामग्री वितरित

नेपाल के विदेश मंत्री खडका के मुताबिक, उनके द्वारा भेजी गई राहत सामग्री काबुल में संयुक्त राष्ट्र के प्रतिनिधि को सौंपी जाएगी। जिसके बाद उसे जरूरत के मुताबिक वितरित किया जाएगा। क्योंकि मौजूदा वक्त में अफगान आपूर्ति और सहायता की भारी कमी का सामना कर रहा है। इस दौरान उन्होंने साफ किया कि, नेपाल ने अफगान के लोगों की मदद के लिए मानवीय सहायता भेजी है। इसका अर्थ यह नहीं हैं कि, उनका देश तालिबान की सरकार का समर्थन करती है।

मानवीय सहायता के लिए 440 करोड़ की मांग

गौरतलब है कि, पिछले दिनों संयुक्त राष्ट्र की एजेंसियों ने अफगानिस्तान के लिए 440 करोड़ की राशी मानवीय सहायता के रूप में मांगी थी। ताकि वर्ष 2022 के दौरान देश के लोगों तक जरूरी सामान पहुंचाया जा सके। विश्व खाद्य कार्यक्रम (WFP) के अनुसार, अफगान में करीब 230 लाख लोग भुखमरी की कगार पर खड़े हैं। वहीं, देश में करीब दस लाख बच्चे जिनकी उम्र पांच से कम है वो कुपोषण का शिकार हैं।

Edited By Amit Singh

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