म्यांमार लैंडस्लाइड: घटनास्थल से अब तक तीन शव बरामद, करीब 100 लोगों के लापता होने की आशंका

म्यांमार में हुए भूस्खलन हादसे के बाद अब तक तीन शव बरामद किए गए हैं। एक पुलिस अधिकारी के मुताबिक हादसे में करीब 100 लोग दब गए जिसमें मौके पर मौजूद मजदूर और वेंडर शामिल हैं। राहत और बचाव कार्य जारी है।

Amit SinghPublish: Thu, 23 Dec 2021 01:53 PM (IST)Updated: Thu, 23 Dec 2021 01:53 PM (IST)
म्यांमार लैंडस्लाइड: घटनास्थल से अब तक तीन शव बरामद, करीब 100 लोगों के लापता होने की आशंका

यांगून, एएनआई: म्यांमार के काचिन में हुए भूस्खलन हादसे के बाद अब तक तीन शव बरामद किए गए हैं। यह हादसा बुधवार सुबह करीब 4 बजे हुआ था, जिसके बाद से करीब 80 लोगों के लापता होने की आशंका है। घटनास्थल से मिले शवों की शिनाख्त नहीं हो पाई है, लेकिन बताया जा रहा है कि तीनों ही शव पुरुषों के हैं। हादसे के बाद लापता लोगों को खोजने के लिए बचाव अभियान चलाया जा रहा है। 

राहत और बचाव कार्य जारी

समाचार एजेंसी एएनआई ने हपाकांत टाउनशिप के एक पुलिस अधिकारी के हवाले से बताया कि यह हादसा लोकल टाइम के मुताबिक सुबह करीब चार बजे हुआ। जेड खदान में भूस्खलन के बाद हुए हादसे में करीब 100 लोग दब गए, जिसमें मौके पर मौजूद मजदूर और वेंडर शामिल हैं। उन्होंने बताया कि लापता लोगों की कुल संख्या को लेकर लगातार संशय बना हुआ है। प्रशासन और स्थानीय बचाव संगठन बाढ़ प्रभावित इलाके में तलाशी एवं बचाव अभियान चला रहे हैं।

अक्सर होते है हादसे

वहीं, ग्राम प्रशासन कार्यालय के एक अधिकारी यू क्याव मिन ने बताया कि ‘मौके पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, भूस्खलन के बाद से 80 से ज्यादा लोग लापता हैं। उनकी खोज में बचाव और राहत अभियान चलाया जा रहा है।’ उन्होंने बताया कि हपाकांत खनन क्षेत्र में भूस्खलन के हादसे अक्सर होते रहते हैं। पिछले हफ्ते एक भूस्खलन के दौरान छह लोगों की मौत हो गई थी।

म्यांमार में हालात गंभीर

एक रिपोर्ट के मुताबिक, हपाकांत इलाके में ज्यादातर लोग जेड खदान में मजदूरी कर के अपना जीवन यापन करते हैं। यहां ज्यादातर हादसे खनन के दौरान होने वाले भूस्खलन के कारण होते हैं। बीते साल जुलाई में हपाकांत इलाके में ही खनन के दौरान एक भीषण हादसा हुआ था। तब खनन का कचरा गिरने से 174 लोगों की मौत हो गई थी और करीब 54 अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे। नोबेल पुरस्कार विजेता आंग सान सू की अपदस्थ सरकार ने 2016 में सत्ता संभालने के बाद इस इलाके में खनन को लेकर कई वादे किए थे, लेकिन कोई भी सार्थक कदम नहीं उठाए गए। अब देश में तख्तापलट के बाद हालात और ज्यादा गंभीर हो गए हैं।

Edited By Amit Singh

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