WHO प्रमुख ने जताई उम्मीद, कहा- सामूहिक प्रयास से इस साल खत्म हो सकती है कोरोना महामारी

कोरोना का कहर WHO प्रमुख ट्रेडोस अढानम घेब्रेयेसस ने कहा कि साथ मिलकर हम इस साल महामारी को खत्म कर सकते हैं। साथ ही उन्होंने भविष्य में इस तरह के आपातकालीन हालात को रोकने के लिए उपाय करने का आह्वान किया।

Arun Kumar SinghPublish: Mon, 24 Jan 2022 06:11 PM (IST)Updated: Tue, 25 Jan 2022 06:49 AM (IST)
WHO प्रमुख ने जताई उम्मीद, कहा- सामूहिक प्रयास से इस साल खत्म हो सकती है कोरोना महामारी

जेनेवा, रायटर। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के प्रमुख ट्रेडोस अढानम घेब्रेयेसस ने सोमवार को कहा कि विश्व कोरोना महामारी में नाजुक मोड़ पर खड़ा है। इस मुश्किल दौर को खत्म करने के लिए सभी देशों को एक होना होगा। उन्होंने कहा कि इस महामारी को हम मिलकर खत्म कर सकते हैं, क्योंकि ऐसा करने के लिए हमारे पास सभी हथियार मौजूद हैं।

जर्मनी की विकास मंत्री स्वेंजा शुल्ज के साथ प्रेस कांफ्रेंस में ट्रेडोस ने कहा, 'कोरोना महामारी अब तीसरे साल में प्रवेश कर रही है और हम नाजुक मोड़ पर हैं। हमें इस महामारी के गंभीर चरण को खत्म करने के लिए मिलकर काम करना होगा। हम दहशत और उपेक्षा के बीच झूलते हुए इसे यूं ही बने नहीं रहने दे सकते हैं।'

70 प्रतिशत आबादी के टीकाकरण के लक्ष्य को हासिल करना होगा

वहीं, डब्ल्यूएचओ के कार्यकारी बोर्ड की बैठक के उद्घाटन के मौके पर ट्रेडोस ने कहा कि हमें कोरोना महामारी के पूरी तरह से खत्म होने का इंतजार नहीं करना चाहिए। इससे सबक लेते हुए भविष्य में इस तरह के आपातकालीन हालात को रोकने के लिए उपाय तलाशने चाहिए। उन्होंने कहा कि हम इसी साल कोरोना के चलते पैदा हुई आपात हालात को खत्म कर सकते हैं। इसके लिए हमें डब्ल्यूएचओ की तरफ से पूरे विश्व की 70 प्रतिशत आबादी के टीकाकरण के लक्ष्य को हासिल करना होगा। उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमण से जिन्हें ज्यादा खतरा है उनके टीकाकरण कर पर हमें ध्यान देना होगा और जांच भी बढ़ानी होगी।

ओमिक्रोन को आखिरी वैरिएंट समझना बड़ी भूल

ट्रेडोस ने कहा कि ओमिक्रोन को कोरोना वायरस का आखिरी वैरिएंट समझना बड़ी भूल होगी। इसके चलते विश्वभर में बड़ी संख्या में मरीज मिल रहे हैं। भले ही यह वैरिएंट गंभीर नहीं है, लेकिन इससे नए वैरिएंट के उभरने का खतरा ज्यादा है।

ओमिक्रोन के प्रसार से सामान्य हालात के लौटने की बढ़ी उम्मीद

ट्रेडोस ने जहां सामूहिक प्रयास से इस साल कोरोना के कारण पैदा हुई मेडिकल इमरजेंसी के खत्म होने की उम्मीद जताई है वहीं न्यूयार्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक डब्ल्यूएचओ के यूरोपीय क्षेत्र के निदेशक डा. हंस क्लूज ने कहा है कि ओमिक्रोन वैरिएंट के तेज प्रसार से आने वाले महीनों में सामान्य हालात के लौटने की उम्मीद बढ़ गई है। हालांकि, उन्होंने बचाव के उपायों के अनुपालन में किसी तरह की लापरवाही के प्रति चेताया भी है। डा. क्लूज ने कहा कि टीकाकरण और ओमिक्रोन के चलते ज्यादा लोगों के संक्रमित होने से लोगों के शरीर में प्राकृतिक रूप से एंटीबाडी बनेगी। इससे आने वाले समय में कोरोना महामारी की स्थिति के सामान्य और स्थिर होने की उम्मीद है।

खत्‍म होने की ओर बढ़ रही है महामारी

निदेशक हंस क्लूज ने ये भी कहा कि हम इस महामारी के अंत की तरफ बढ़ रहे हैं। हंस ने कहा कि इस वर्ष के अंत तक महामारी के पूरी तरह से खत्‍म होने से पहले ये एक बार फिर से जोर पकड़ सकती है। क्‍लूज ने कहा कि मार्च तक यूरोप में ओमिक्रोन से करीब 60 फीसद तक लोग संक्रमित होंगे। इसके बाद यहां पर मामले कम हो जाएंगे। साथ ही लोगों में हर्ड इम्‍यूनिटी भी विकसित हो जाएगी।

दुनिया में रविवार को 36.46 लाख नए कोरोना संक्रमितों की पुष्टि हुई है। 17.18 लाख लोग ठीक हुए हैं, जबकि 9,047 लोगों की मौत हुई है। नए संक्रमितों के मामले में अमेरिका 7.79 लाख मरीजों के साथ टॉप पर है, जबकि 4 लाख नए मामलों के साथ फ्रांस दूसरे नंबर पर है। वहीं, भारत तीसरे नंबर पर है।

भारत में नए संक्रमितों के केस में आई कमी

ज्ञात हो कि देश में लगातार 5वें दिन 3 लाख से ज्यादा नए कोरोना केस आए हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक रविवार को 3 लाख 6 हजार 64 नए कोरोना संक्रमित मिले। इस दौरान 2.43 लाख लोग ठीक हुए, जबकि 439 लोगों की मौत हुई है। हालांकि, पिछले दिन के मुकाबले नए संक्रमितों में 27,469 की कमी आई है, यानी 8.23 फीसद कम केस दर्ज किए गए हैं।

शनिवार को 3 लाख 33 हजार 533 नए कोरोना संक्रमित मिले थे। इस दौरान 2.59 लाख लोग ठीक हुए थे, जबकि 525 लोगों की मौत हुई है। इससे एक दिन पहले शुक्रवार को 3.37 लाख संक्रमित मिले थे और 488 लोगों की मौत हुई थी। वहीं गुरुवार को 3.47 लाख लोग संक्रमित मिले थे और 703 लोगों की मौत हुई थी। एक्टिव केस की बात करें तो फिलहाल देश में कुल 22.43 लाख एक्टिव केस हैं। एक्टिव केस का ये आंकड़ा तीसरी लहर में पहली बार 22 लाख के पार पहुंचा है।

इस बीच, सरकार ने कहा है कि कोविड के रोजाना के केसों में 15 फरवरी के बाद गिरावट आने लगेगी। कुछ राज्यों और मेट्रो सिटी में 15 फरवरी के बाद केस कम होंगे और संक्रमण में स्थिरता आने लगेगी। सूत्र के मुताबिक, वैक्सीनेशन के चलते तीसरी लहर का असर काफी कम हो गया है।

Edited By Arun Kumar Singh

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