Move to Jagran APP

अफगानिस्तान में वित्तीय संकट के चलते अखबार छपने हुए बंद, आनलाइन हो रहा प्रकाशन

अफगानिस्तान में लगातार वित्तीय संकट गहराता जा रहा है। तालिबान कब्जे के बाद से लगातार हालात बिगड़ रहे हैं। अब यहां पर अखबार आनलाइन निकाला जा रहा है। मीडिया सस्थानों के पास अखबारों को प्रकाशित करने के लिए काफी वित्तियां परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

By Pooja SinghEdited By: Published: Thu, 23 Sep 2021 02:26 PM (IST)Updated: Thu, 23 Sep 2021 02:26 PM (IST)
अफगानिस्तान में वित्तीय संकट के चलते अखबार छपने हुए बंद, आनलाइन हो रहा प्रकाशन
अफगानिस्तान में वित्तीय संकट के चलते अखबार छपने हुए बंद, आनलाइन हो रहा प्रकाशन

काबुल, एएनआइ। अफगानिस्तान में लगातार वित्तीय संकट गहराता जा रहा है। तालिबान कब्जे के बाद से लगातार हालात बिगड़ रहे हैं। आलम यह है कि अब यहां पर अखबार आनलाइन निकाला जा रहा है। मीडिया सस्थानों के पास अखबारों को प्रकाशित करने के लिए काफी वित्तियां परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इतना ही नहीं तालिबान शासनकाल में जानकारी भी नहीं मिल पा रही है। ऐसे में यहां पर अखबार आनलाइन मोड में निकाले जा रहे हैं।

loksabha election banner

टोलो न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, अफगानिस्तान नेशनल जर्नलिस्ट्स यूनियन(Afghanistan National Journalists) ने बुधवार को बताया कि वित्तीय संकट के चलते अफगानिस्तान में लगभग 150 प्रिंट मीडिया आउटलेट्स ने पूर्व सरकार के पतन के बाद से अखबारों और पत्रिकाओं की छपाई बंद कर दी है।

वाचडाग संगठनों ने हाल ही में कहा था कि अफगान मीडिया आउटलेट्स के पास धन की कमी हो रही है और तालिबान के तहत जानकारी की कमी का सामना करना पड़ रहा है। इसके साथ ही बताया कि तालिबान शासन ने कई अफगान आउटलेट वित्तीय संकट के चलते बिना फंड के छापे जा रहे हैं। जबकि कई अफगान आउटलेट आनलाइन प्रकाशित हो रहे हैं। इसके साथ ही कई आउटलेट को बंद कर दिया गया है।

यूनियन के मुख्य कार्यकारी अहमद शोएब फाना ने कहा, अफगानिस्तान में प्रिंट मीडिया बंद हो गया है। अगर स्थिति ऐसे ही रही, तो हमे सामाजिक संकट का सामना करना पड़ सकता है।' 8 शोभ अखबार (8 Sobh newspaper) के लिए काम करने वाले पत्रकार अली हकमल की रिपोर्ट है कि आउटलेट अब आनलाइन प्रकाशित हो रहा है। उन्होंने कहा, 'लोगों को जो उम्मीद थी, हमने उसे करने का प्रयास किया। हम आनलाइन रिपोर्टिंग पर ध्यान केंद्रित करते हैं, और हम अभी भी लोगों तक जानकारी पहुंचाने की कोशिश करते हैं।'

टोलो न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, अरमान मिली न्यूजपेपर एक और प्रसिद्ध अखबार है, जिसका प्रकाशन बंद हो गया है। अखबार के संस्थापक सैयद शोएब परसा ने कहा, 'हमारे यहां 22 कर्मचारी थे। अखबार बंद होने से सभी की नौकरी चली गई है। हम स्थिति सामान्य होने का इंतजार कर रहे हैं ताकि हम प्रकाशन फिर से शुरू कर सकें।'

इसके अलावा, इंटरनेशनल फेडरेशन आफ जर्नलिस्ट्स (IFJ) ने अफगानिस्तान में पत्रकारों की सुरक्षा पर चिंता व्यक्त की और देश में मीडिया की स्वतंत्रता को दबाने के लिए तालिबान की खिंचाई की।


Jagran.com अब whatsapp चैनल पर भी उपलब्ध है। आज ही फॉलो करें और पाएं महत्वपूर्ण खबरेंWhatsApp चैनल से जुड़ें
This website uses cookies or similar technologies to enhance your browsing experience and provide personalized recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.