ईरान के यात्री विमान का अमेरिकी जंगी जेट ने किया पीछा, अचानक ऊंचाई बदलने से कई जख्मी

ईरान ने आरोप लगाया है कि उसके एक यात्री विमान का अमेरिकी एफ-15 ने पीछा किया। किसी टकराव से बचने में विमान की अचानक ऊंचाई बदलने से कई जख्मी हो गए हैं।

Krishna Bihari SinghPublish: Fri, 24 Jul 2020 06:50 PM (IST)Updated: Fri, 24 Jul 2020 06:50 PM (IST)
ईरान के यात्री विमान का अमेरिकी जंगी जेट ने किया पीछा, अचानक ऊंचाई बदलने से कई जख्मी

तेहरान एजेंसियां। ईरान ने आरोप लगाया है कि उसके एक यात्री विमान का अमेरिकी लड़ाकू विमान एफ-15 ने पीछा किया। किसी टकराव से बचने में विमान की अचानक ऊंचाई बदलने से कई यात्री जख्मी हो गए हैं। यह घटना गुरुवार को उस समय हुई, जब ईरानी निजी विमानन कंपनी महान एयर का विमान तेहरान से बेरुत जा रहा था। विमान में 150 से ज्यादा लोग सवार थे। अमेरिकी सेंट्रल कमान ने कहा कि सीरिया में अमेरिका के नेतृत्व वाले सैन्य अड्डों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अंतरराष्ट्रीय मानकों के तहत ऐसा किया गया।

जंगी जेट एफ-15 ईरानी यात्री विमान से एक हजार मीटर की सुरक्षित दूरी पर था। ईरानी मीडिया में आई खबरों के अनुसार, लड़ाकू जेट ने ईरानी विमान को परेशान किया। हालांकि यात्री विमान लेबनान की राजधानी बेरुत में सुरक्षित उतर गया। इधर, ईरानी विदेश मंत्रालय ने कहा कि इस घटना पर स्विटजरलैंड के दूतावास के जरिये आपत्ति दर्ज कराई जाएगी। ईरान में यह दूतावास अमेरिकी हितों का प्रतिनिधित्व करता है। मंत्रालय ने कहा कि अगर इस विमान को वापसी में कोई दिक्कत हुई तो उसके लिए अमेरिका जिम्मेदार होगा।

मंत्रालय ने दावा किया है कि विमान के पायलट ने अमेरिकी जेट से टकराने से बचने के लिए ऊंचाई में अचानक बदलाव किया था, जिससे कई यात्री जख्मी हो गए हैं। बता दें कि ईरान और अमेरिका में उस समय से तनातनी चल रही है, जब वर्ष 2018 में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तेहरान के साथ हुए परमाणु समझौते से वाशिंगटन के हटने का एलान किया था। इसके साथ ही उस पर कई सख्त प्रतिबंध भी थोप दिए थे। दोनों देशों के बीच तल्‍खी तब और बढ़ गई थी जब तीन जनवरी को ईरानी कमांडर कासिम सुलेमानी बगदाद में अमेरिकी ड्रोन हमले में मारे गए थे।

इसके बाद अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध तक की नौबत आ गई थी। ईरान ने बदला लेने की बात कही थी तो वहीं अमेरिका ने उसे किसी भी उकसावे वाली कार्रवाई से बचने की सलाह दी थी। यहां तक कि ईरान ने इराक में स्थित अमेरिकी बेस पर मिसाइलों से हमला किया था जिसमें किसी अमेरिकी सैनिक की जान नहीं गई थी। हमले के बाद अमेरिका ने चेतावनी दी थी जिससे ईरान में अलर्ट जारी कर दिया गया था। ईरान में अमेरिकी हमले के खौफ का ही नतीजा था कि ईरान ने गलती से उक्रेन के यात्री विमान को मार गिराया था। 

Edited By Krishna Bihari Singh

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.Accept