यरूशलम में धर्मयुद्ध छिड़ने की आशंका, अल-अक्सा मस्जिद की तरफ मार्च करने की योजना बना रहे राष्ट्रवादी

इजरायल के एक वरिष्ठ सांसद ने सोमवार को कहा कि यरूशलम में धार्मिक युद्ध छिड़ सकता है। उन्होंने कहा कि यरूशलम के अल-अक्सा मस्जिद परिसर में प्रार्थना करने की कोशिश करने वाले तीन यहूदियों के पक्ष में कोर्ट द्वारा फैसला सुनाने के बाद धार्मिक युद्ध का खतरा मंडरा रहा है।

Arun Kumar SinghPublish: Mon, 23 May 2022 10:23 PM (IST)Updated: Mon, 23 May 2022 10:32 PM (IST)
यरूशलम में धर्मयुद्ध छिड़ने की आशंका, अल-अक्सा मस्जिद की तरफ मार्च करने की योजना बना रहे राष्ट्रवादी

यरूशलम, रायटर। इजरायल के एक वरिष्ठ सांसद ने सोमवार को कहा कि यरूशलम में धार्मिक युद्ध छिड़ सकता है। उन्होंने कहा कि यरूशलम के अल-अक्सा मस्जिद परिसर में प्रार्थना करने की कोशिश करने वाले तीन यहूदियों के पक्ष में कोर्ट द्वारा फैसला सुनाने के बाद धार्मिक युद्ध का खतरा मंडरा रहा है। राष्ट्रवादी इस मस्जिद की तरफ मार्च करने की योजना बना रहे हैं।

एक अदालत ने अल-अक्सा मस्जिद में प्रार्थना करने पहुंचे यहूदियों के पक्ष में सुनाया फैसला

यरूशलम मजिस्ट्रेट कोर्ट ने रविवार को तीन यहूदियों के खिलाफ निरोधक आदेश को रद कर दिया। ये तीनों प्रार्थना करने के लिए अल-अक्सा मस्जिद पहुंचे थे। विदेश और रक्षा मामलों की संसदीय समिति के अध्यक्ष राम बेन-बराक ने निचली अदालत के फैसले का विरोध करते हुए इस मामले में राष्ट्रवादियों के प्रस्तावित मार्च पर चिंता जताई।

उन्होंने कहा, मुझे लगता है कि इस संवेदनशील अवधि में सतर्कता बरती जानी चाहिए। उन गतिविधियों की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए, जिनसे मध्य पूर्व में हालात बिगड़ने की आशंका है। यहूदी इस स्थल को दो प्राचीन मंदिरों के अवशेष के रूप में पूजते हैं, लेकिन मुस्लिमों के साथ एक समझौते के तहत उन्हें वहां पूजा करने से रोक दिया गया था। प्रधानमंत्री नाफ्ताली बेनेट के कार्यालय ने कहा कि यह इस आदेश के खिलाफ अपील करेगा।

जानें अल-अक्सा मस्जिद के बारे में

अल-अक्सा मस्जिद इस्लाम धर्म मानने वालों के लिए एक पवित्र जगह है। इसे हरम-अल शरीफ के नाम से भी जाना जाता है। यह इस्लाम की तीसरी सबसे पवित्र जगह मानी जाती है। माना जाता है कि इस्लाम के पैगंबर मुहम्मद ने यहां नमाज पढ़ा था, लेकिन अल-अक्सा मस्जिद को समझने के लिए आपको टेंपल माउंट और वेस्टर्न वॉल को भी समझना होगा। टेंपल माउंट वो जगह है जहां यहूदी, इसाई और मुसलमान हजार सालों से पूजा करते आ रहे हैं।

जानिए डोम ऑफ दी रॉक की कहानी

पैगंबर मुहम्मद की मौत के करीब चार साल बाद मुस्लिमों ने यरूशलम पर हमला कर उसे जीत लिया। इन लोगों ने बाद में यरूशलम में मस्जिद बनवाई और उसका नाम रखा-अल अक्सा। इस मस्जिद के सामने है एक गुंबद वाली इस्लामिक इमारत- डोम ऑफ दी रॉक। इसके ठीक सामने एक छोटे आकार की इमारत है, जिसे कहते हैं डोम ऑफ दी चेन। माना जाता है कि डोम ऑफ दी रॉक के अंदर एक पत्थर या चट्टान जैसा रखा हुआ है। मान्यता है कि उसी चट्टान पर चढ़कर पैगंबर मुहम्मद जन्नत की यात्रा पर गए थे। माना जाता है कि बराक घोड़े ने उसी चट्टान से स्वर्ग के लिए अपनी उड़ान भरी थी। ऐसे में इसे भी इस्लाम में बहुत पवित्र माना जाता है।

Edited By Arun Kumar Singh

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