अमेरिका और जापान के साथ ताइवान का जारी रहेगा रक्षा सहयोग- ताइवान विदेश मंत्रालय

अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन के द्वारा ताइवान मुद्दे पर चीन को चेतावनी देने के बाद ताइपे विदेश मंत्रालय ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। विदेश मंत्रालय का कहना है कि वह अमेरिका जापान सहित अन्य देशों के साथ रक्षा सहयोग जारी रखेगा।

Achyut KumarPublish: Mon, 23 May 2022 03:00 PM (IST)Updated: Mon, 23 May 2022 03:52 PM (IST)
अमेरिका और जापान के साथ ताइवान का जारी रहेगा रक्षा सहयोग- ताइवान विदेश मंत्रालय

ताइपे, आनलाइन डेस्क। अमेरिका व जापान समेत अन्य देशों के साथ ताइवान अपना रक्षा सहयोग जारी रखेगा। यह बयान ताइवान के विदेश मंत्रालय की ओर से जारी किया गया है। दरअसल आज अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने चीन को चेताया है कि यदि इसने ताइवान पर हमला किया तो वाशिंगटन की ओर से इसके जवाब के लिए तैयार रहे। 

ताइवान के विदेश मंत्रालय का कहना है कि सरकार देश की सुरक्षा बढ़ाने के लिए अमेरिका और जापान सहित अन्य देशों के साथ रक्षा और सहयोग जारी रखेगी। विदेश मंत्रालय का यह बयान अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन के द्वारा चीन को चेतावनी देने के बयान के बाद आया है। क्‍वाड बैठक में हिस्‍सा लेने के लिए बाइडन इस वक्त जापान में हैं। इस बीच उन्होंने कहा है कि यदि चीन की ओर से ताइवान पर हमला किया जाता है तो अमेरिका हस्‍तक्षेप करेगा। यह पूछे जाने पर कि क्‍या आपका इशारा सेना की ओर है तो इस बाइडन ने कहा 'हां'।

जापान की राजधानी टोक्यो में क्वाड समिट से पहले अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने स्पष्ट तौर पर जवाब दिया कि ताइवान को चीनी हमले  से बचाने में अमेरिका की ओर से मदद दी जाएगी।  बाइडन ने चेतावनी दी और कहा कि चीन खतरे से खेल रहा है। उन्होंने कहा, 'हम ताइवान में शांति और स्थिरता का समर्थन करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। अमेरिका जापान और अन्य देशों के साथ दृढ़ता से खड़ा है।' 

चीन के ताइवान पर हमले के बारे में बाइडन ने कहा, 'मेरा आकलन कहता है कि यह नहीं होगा, इसका प्रयास नहीं होगा।' उन्‍होंने कहा कि यदि ऐसा होता है तो अमेरिका सैनिक मदद के जरिए ताइवान की रक्षा करेगा। बाइडन ने कहा, 'यह प्रतिबद्धता जिसे हमने किया है।' 'एक चीन नीति' के तहत अमेरिका बीजिंग में मौजूद शी चिनफिंग की सरकार को चीन की सरकार मानता है। अमेरिका का ताइवान के साथ राजनयिक संबंध नहीं है। हालांकि अमेरिका ताइवान के साथ अनाधिकारिक संपर्क रखता है। इसमें ताइवान में 'दूतावास' भी शामिल है। ताइवान रिलेशन एक्‍ट के मुताबिक अमेरिका ताइवान की रक्षा करने के लिए बाध्‍य है। यही वजह है कि अमेरिका ताइवान को हथियारों की आपूर्ति करता है।

Edited By Achyut Kumar

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.Accept