Sri Lanka Crisis : श्रीलंका में बदतर हुए हालात; सिर्फ एक दिन का पेट्रोल बाकी, पीएम बोले- चुनौतियों का सामना करने को रहें तैयार

श्रीलंका के प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे ने सोमवार को कहा कि देश को जरूरी आयात के भुगतान के लिए अगले कुछ दिनों में विदेशी मुद्रा के तौर पर 7.5 करोड़ डालर सुरक्षित करने की जरूरत है क्योंकि देश ईंधन और दवाओं की कमी से जूझ रहा है।

Krishna Bihari SinghPublish: Mon, 16 May 2022 07:32 PM (IST)Updated: Tue, 17 May 2022 12:53 AM (IST)
Sri Lanka Crisis : श्रीलंका में बदतर हुए हालात; सिर्फ एक दिन का पेट्रोल बाकी, पीएम बोले- चुनौतियों का सामना करने को रहें तैयार

कोलंबो, एजेंसियां। श्रीलंका के नवनियुक्त प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे ने सोमवार को कहा कि देश में पेट्रोल का सिर्फ एक दिन का स्टाक बचा है। साथ ही चेतावनी दी कि अगले दो महीने सबसे मुश्किल होंगे इसलिए लोगों को कुछ बलिदान देने और चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि उनका लक्ष्य किसी व्यक्ति, परिवार या समूह को नहीं बल्कि संकटग्रस्त देश को बचाना है। उनका इशारा राजपक्षे परिवार और उसके प्रभावशाली नेता महिंदा राजपक्षे की ओर था।

आयात के लिए 50 लाख डालर जुटाना मुश्किल

पिछले सप्ताह प्रधानमंत्री बनने के बाद टीवी पर प्रसारित राष्ट्र के नाम अपने पहले संबोधन में यूनाईटेड नेशनल पार्टी (यूएनपी) के 73 वर्षीय नेता विक्रमसिंघे ने बताया कि नवंबर, 2019 में देश के पास 7.5 अरब डालर का विदेशी मुद्रा भंडार था और आज वित्त मंत्रालय को गैस आयात के लिए 50 लाख डालर जुटाना मुश्किल हो रहा है।

श्रीलंका की अर्थव्यवस्था बेहद अनिश्चित

विक्रमसिंघे ने कहा कि वर्तमान में श्रीलंका की अर्थव्यवस्था बेहद अनिश्चित है और जरूरी चीजों की आपूर्ति के लिए देश को अगले दो दिनों में 7.5 करोड़ डालर जुटाने होंगे। वर्तमान में देश के पास पेट्रोल का सिर्फ एक दिन का स्टाक है लेकिन भारत की क्रेडिट लाइन की वजह से डीजल की कमी में कुछ सुधार होगा। 18 मई और एक जून को भारत से डीजल की दो और खेप आनी हैं। इनके अलावा 18 और 29 मई को पेट्रोल की भी दो खेप आने की संभावना है।

तेल से उत्पादित होती है बिजली

विक्रमसिंघे ने कहा कि पिछले 40 दिनों से श्रीलंका के समुद्र में कच्चे तेल और भट्टी के तेल के तीन जहाज लंगर डाले हुए हैं। हम खुले बाजार से इन शिपमेंट के लिए डालर जुटाने की दिशा में काम कर रहे हैं। देश की एक चौथाई बिजली तेल से उत्पादित की जाती है, इसलिए संभावना है कि बिजली कटौती प्रतिदिन 15 घंटे तक पहुंच जाए। हालांकि इस संकट से निपटने के लिए धनराशि जुटा ली गई है।

डालर की कमी से जूझ रही बैंकिंग प्रणाली

प्रधानमंत्री ने कहा कि पूरी स्थानीय बैंकिंग प्रणाली डालर की कमी से जूझ रही है। चिंता की एक और वजह दवाइयों की कमी है। इनमें दिल की बीमारियों की दवाएं और सर्जिकल उपकरण शामिल हैं। दवाओं, चिकित्सा उपकरणों और मरीजों के खाने के आपूर्तिकर्ताओं को चार महीने से भुगतान नहीं किए गए हैं। यह राशि करीब 34 अरब श्रीलंकाई रुपये है।

श्रीलंका में और बढ़ेगी महंगाई

विक्रमसिंघे ने कहा कि आने वाले दिनों में मुद्रास्फीति और बढ़ेगी क्योंकि उन्हें नहीं चाहते हुए भी रुपये छापने का आदेश देना पड़ेगा ताकि कर्मचारियों को वेतन दिया जा सके। उन्होंने कहा कि वह लोगों से सच नहीं छिपाना चाहते, लेकिन ये सच डराने वाले हैं।

श्रीलंका एयरलाइंस का होगा निजीकरण

उन्होंने कहा कि 2022 के विकास बजट के स्थान पर राहत बजट पेश किया जाएगा। वह इन दिनों बहुत घाटे में चल रही श्रीलंका एयरलाइंस के निजीकरण का प्रस्ताव भी रखेंगे। श्रीलंका एयरलाइंस को 2021 में ही 45 अरब रुपये का नुकसान हुआ। वर्ष 2022 में 31 मार्च तक उसे कुल 372 अरब रुपये का घाटा हुआ।

राष्ट्रीय सरकार के गठन पर जोर

विक्रमसिंघे ने उन विपक्षी नेताओं और राजनीतिक दलों के नेताओं को धन्यवाद दिया जिन्होंने वर्तमान स्थिति बताने वाले उनके लिखे पत्र का जवाब दिया है। साथ ही उन्होंने जल्द से जल्द राष्ट्रीय सरकार के गठन पर जोर दिया। उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री पद संभालने के लिए अनुरोध नहीं किया था बल्कि राष्ट्रपति गोटाबाया राजपक्षे के आग्रह पर देश के समक्ष चुनौतीपूर्ण हालात के मद्देनजर यह जिम्मेदारी संभाली है।

मुख्य विपक्षी दल ने किया नई सरकार को सशर्त समर्थन का फैसला

श्रीलंका के मुख्य विपक्षी दल समागी जन बलवेगया (एसजेबी) ने कहा है कि वह देश के समक्ष गंभीर आर्थिक और राजनीतिक संकट से निपटने में मदद करने के लिए प्रधानमंत्री विक्रमसिंघे के नेतृत्व वाली अंतरिम सर्वदलीय सरकार को सशर्त समर्थन देगी। उसने कहा, अगर सरकारी समूह एसजेबी से पाला बदलने वालों को समायोजित करने की कोशिश करते हैं या एसजेबी सांसदों को पार्टी के सिद्धांतों के खिलाफ गतिविधियों के लिए अपने साथ जोड़ते हैं तो इस समर्थन को वापस ले लिया जाएगा।

फिर लगा मंगलवार सुबह तक कर्फ्यू

श्रीलंका सरकार ने सोमवार को रात आठ बजे से मंगलवार सुबह पांच बजे तक के लिए फिर कर्फ्यू लगा दिया। पिछले सोमवार को हुई हिंसा के बाद देश में कफ्र्यू लगा दिया गया था जिसे सोमवार को उठा लिया गया था।

Edited By Krishna Bihari Singh

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