Chinese threat in Indian Ocean: हिंद महासागर में चीन को मुंहतोड़ जवाब देने के लिए भारतीय नेवी को बढ़ानी होगी अपनी क्षमता

चीन ने नौसेना के लिए बड़ी योजना तैयार की है। नौसेना को इतना ताकतवर बना लेना चाहता है कि 2030 तक अधिक समुद्री इलाकों को नियंत्रित करने की क्षमता हो। इसके बाद 2049 तक अपने नौसेना को इतना सशक्त कर लेगा कि यह अमेरिका को भी पीछे छोड़ सके।

Monika MinalPublish: Thu, 19 May 2022 12:48 PM (IST)Updated: Thu, 19 May 2022 12:48 PM (IST)
Chinese threat in Indian Ocean: हिंद महासागर में चीन को मुंहतोड़ जवाब देने के लिए भारतीय नेवी को बढ़ानी होगी अपनी क्षमता

 नेपीदा, एएनआइ। चीन म्यांमार के संबंधों पर करीब से नजर रखने वाले एक्सपर्ट ने चीन से टक्कर लेने के लिए भारतीय नौसेना को सशक्त करने और इनकी क्षमताओं को बढ़ाने पर जोर दिया है। एक्सपर्ट ने आगाह करते हुए कहा, म्यांमार के बंदरगाहों के जरिए चीन के कदम भारत की ओर बढ़ रहे हैं ताकि यह हिंद महासागर पर कब्जा कर सके और इसी का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए भारतीय नेवी को अपनी क्षमताओं में इजाफा करना होगा।'

उल्लेखनीय है कि लंबे समय से चीन हिंद महासागर में अपनी पैठ बनाने की कोशिश कर रहा है। वहीं अमेरिका और भारत भी उसे रोकने के लिए साझा प्रयास करते रहे हैं। दोनों ही देशों के हित चीन की बढ़ती गतिविधियों से प्रभावित होते हैं। बता दें कि चीन ने अपनी नौसेना के लिए बड़ी योजना तैयार की है। वह अपनी नौसेना को इतना ताकतवर बना लेना चाहता है कि 2030 तक उसके पास ज्यादा समुद्री इलाकों को नियंत्रित करने की क्षमता हो। इसके बाद 2049 तक अपने नौसेना को इतना सशक्त कर लेगा कि यह अमेरिका को भी पीछे छोड़ सके।

बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव के तहत चीन ने CMEC को बनाया है ताकि इसके जरिए यह आसानी से अपने युन्नान प्रांत से म्यांमार के क्याउकफ्यू पोर्ट तक पहुंच सके।  CMEC के तहत चीन कई परियोजनाओं पर काम कर रहा है। खासतौर पर इस कारिडोर के चलते चीन की नेवी (पीपल्स लिबरेशन आर्मी नेवी) बंगाल की खाड़ी में भारत की गतिविधियों पर नजर रख सकेगी। इसके अलावा चीन को अपने आयल शिपमेंट भी मलक्का स्ट्रेट जाए बिना मिल सकेंगे।

एक रीजनल एक्सपर्ट का कहना है कि हिंद महासागर पर कब्जा करने से चीन को रोकने के लिए अमेरिका को नई पालिसी लाने की जरूरत भी पड़ सकती है। साथ ही भारत के साथ संबंध को और मजबूत बनाने के लिए क्वाड व अन्य इनिशिएटिव का सहारा लेना होगा। चीन के खिलाफ अमेरिकी समर्थन पाने के लिए भारत को रूस के साथ अपने संबंध खत्म करने होंगे। रिपोर्ट्स के अनुसार हिंद महासागर में कभी भी 125 विदेशी जहाज हो सकते हैं। दिसंबर 2021 में मीडिया से बात करते हुए नेवी चीफ आर. हरि कुमार ने कहा था कि भारतीय नौसेना किसी भी वक्त चीन के तीन जहाजों पर नजर रख सकता है।

Edited By Monika Minal

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.Accept