India China Tension: चीन के बदले सुर, कहा- भारत से अच्छे संबंध जरूरी, विवादों को सुलझाने का किया आह्वान

चीन के रक्षा मंत्री जनरल वेई फेंगे ने रविवार को कहा कि भारत और चीन पड़ोसी हैं इसलिए आपस में अच्छे संबंध बनाए रखना दोनो देशों के हितों को पूरा करता है। उन्होंने कहा कि दोनों देश शांति के लिए एलएसी पर मिल कर काम कर रहे हैं।

Krishna Bihari SinghPublish: Sun, 12 Jun 2022 06:52 PM (IST)Updated: Sun, 12 Jun 2022 07:16 PM (IST)
India China Tension: चीन के बदले सुर, कहा- भारत से अच्छे संबंध जरूरी, विवादों को सुलझाने का किया आह्वान

सिंगापुर, पीटीआइ। चीन के सुर बदले नजर आ रहे हैं। एलएसी पर जारी गतिरोध के बीच चीन का कहना है कि भारत से अच्‍छे संबंध जरूरी हैं।  चीन के रक्षा मंत्री जनरल वेई फेंगे ने रविवार को कहा कि भारत और चीन पड़ोसी हैं, इसलिए आपस में अच्छे संबंध बनाए रखना दोनो देशों के हितों को पूरा करता है। उन्होंने कहा कि दोनों देश शांति के लिए वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर मिल कर काम कर रहे हैं। शांगरी-ला डायलाग में बोलते हुए चीनी रक्षा मंत्री वेई ने दक्षिण चीन सागर सहित सभी क्षेत्रीय विवादों को शांतिपूर्ण ढंग से सुलझाने का आह्वान किया।

शांति स्थापित करने के लिए कर रहे काम

भारत के साथ एलएसी पर संघर्ष के बारे में चीनी रक्षा मंत्री ने कहा, हमने भारतीयों के साथ कमांडर स्तर पर 15 दौर की बातचीत की है और हम इस क्षेत्र में शांति स्थापित करने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं। वेई ने ये बातें अमेरिकी थिंक टैंक ब्रुकिंग्स इंस्टीट्यूशन में द इंडिया प्रोजेक्ट की निदेशक डा. तन्वी मदान के सवाल के जवाब में कहीं।

तीखे सवाल का करना पड़ा सामना 

डा. मदान ने पूछा था कि दो साल पहले पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) ने भारत के साथ एलएसी पर कई बिंदुओं पर यथास्थिति बदलने के लिए एकतरफा कदम क्यों उठाया था, जिसके कारण 45 वषरें में पहली बार सैन्य संघर्ष शुरू हुआ। ये कदम पूर्व के समझौतों के उल्लंघन थे।

अमेरिका पर निशाना, कहा- तनाव भड़का रहा US

एपी समाचार एजेंसी के अनुसार, चीनी रक्षा मंत्री ने अमेरिका पर आरोप लगाया कि वह एशिया-प्रशांत क्षेत्र के देशों को बीजिंग के खिलाफ करने के लिए उनके समर्थन को 'हाइजैक' करने की कोशिश कर रहा है। वहीं एएनआइ के अनुसार इसके साथ ही चीनी रक्षा मंत्री ने कहा कि किसी को भी चीनी सशस्त्र बलों के संकल्प और क्षमता को कम करके नहीं आंकना चाहिए। कहा, चीन को खतरा या दुश्मन मानना एक ऐतिहासिक और रणनीतिक गलती होगी। चीन-अमेरिका के बीच स्थिर संबंध दोनों देशों और बाकी दुनिया के हितों में हैं।

Edited By Krishna Bihari Singh

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