China Flood: दक्षिण चीन में बाढ़ ने हजारों लोगों को घर छोड़ने के लिए किया मजबूर, जियांग्शी में 5 लाख से अधिक लोग हुए प्रभावित

चीन में लगातार बारिश से कई लोगों बेघर हो गए है। जियांग्शी प्रांत में 5 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। दक्षिणी चीन में हजारों लोगों को क्षेत्र खाली करने के लिए मजबूर किया है अभी और अधिक बारिश की उम्मीद है।

Babli KumariPublish: Wed, 22 Jun 2022 11:48 AM (IST)Updated: Wed, 22 Jun 2022 11:48 AM (IST)
China Flood: दक्षिण चीन में बाढ़ ने हजारों लोगों को घर छोड़ने के लिए किया मजबूर, जियांग्शी में 5 लाख से अधिक लोग हुए प्रभावित

बीजिंग, एपी।  चीन के दक्षिण क्षेत्र में लगातार बारिश से बाढ़ जैसी हालत हो रखी है। भीषण बाढ़ ने दक्षिणी चीन में हजारों लोगों को क्षेत्र खाली करने के लिए मजबूर किया है, अभी और अधिक बारिश की उम्मीद है। बढ़ते पानी और भूस्खलन के खतरे के बीच ग्वांगडोंग (guangdong) के निर्माण केंद्र ने कक्षाएं, कार्यालय का काम और सार्वजनिक परिवहन को निलंबित कर दिया है। पड़ोसी प्रांत जियांग्शी (Neighboring province jiangxi) में, लगभग 500,000 लोगों के घरों को नुकसान पहुंचा है और उनके जीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है।

भारी बारिश से शहरों के कुछ हिस्सों में सड़कें ढह गई हैं और घर, कारें और फसलें भी नष्ट हो गई हैं और आने वाले दिनों में और बारिश होने का अनुमान है। चीनी अधिकारियों ने रविवार को संभावित पर्वतीय धाराओं के लिए साल का पहला रेड अलर्ट जारी किया, जो सबसे गंभीर चेतावनी है।

झेजियांग प्रांत में बचाव दल ने पानी में डूबे गांवों में अपने घरों में फंसे निवासियों को नावों से बाहर निकाला गया।

चीन नियमित रूप से गर्मियों के महीनों के दौरान बाढ़ का अनुभव करता है, सबसे अधिक बारिश मध्य और दक्षिणी क्षेत्रों में होती है। इस साल की बाढ़ कुछ क्षेत्रों में दशकों के बाद सबसे खराब रही है और सख्त COVID-19 नियमों के बीच बाढ़ का प्रकोप चीन पर हावी है, भारी बारिश और बाढ़ से देश के अधिकांश हिस्सों में पर्यटन, रोजगार और सामान्य जीवन ठप है।

हाल के वर्षों में चीन की सबसे खराब बाढ़ 1998 में आई थी, जब 2,000 से अधिक लोग मारे गए थे और लगभग 30 लाख घर नष्ट हो गए थे, जिनमें से ज्यादातर चीन की सबसे शक्तिशाली नदी यांग्त्ज़ी के किनारे थे। सरकार ने यांग्त्ज़ी पर बड़े पैमाने पर थ्री गोरजेस डैम जैसे बाढ़ नियंत्रण और जलविद्युत परियोजनाओं में भारी निवेश किया है।

विश्व स्तर पर, जलवायु परिवर्तन के परिणामस्वरूप अधिक तीव्र उष्णकटिबंधीय तूफान बढ़ रहे हैं, जिससे बाढ़ में वृद्धि हुई है जिससे जीवन, फसलों और भूजल को खतरा है।

Edited By Babli Kumari

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