China Secret Naval Facility: चीन की बढ़ी चालाकी, गुप्त रूप से कंबोडिया में सैन्य सुविधा का कर रहा निर्माण

China Secret Naval Facility वैश्विक स्तर पर धीरे-धीरे चीन की चालाकी सामने आने लगी है। चीन का एक और सच उजाकर हुआ है जिसमें पता चला है कि चीन सैन्य उपयोग के लिए कंबोडिया में एक नौसैनिक सुविधा का निर्माण कर रहा है।

Ashisha RajputPublish: Tue, 07 Jun 2022 03:01 PM (IST)Updated: Tue, 07 Jun 2022 03:01 PM (IST)
China Secret Naval Facility: चीन की बढ़ी चालाकी, गुप्त रूप से कंबोडिया में सैन्य सुविधा का कर रहा निर्माण

वाशिंगटन, एएनआइ। चीन आए दिन नई- नई चालाकी करता है। वैश्विक स्तर पर उसकी जासूसी की खबरे सामने आती रहती हैं। चीन इन दिनों सैन्य उपयोग के लिए कंबोडिया में एक नौसैनिक सुविधा का निर्माण कर रहा है। बता दें कि यह इस तरह की दूसरी विदेशी चौकी है, जबकि रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में यह पहली बार है। एक विदेशी अखबार की रिपोर्ट में बताया गया कि सैन्य उपस्थिति कंबोडिया के रीम नेवल बेस के उत्तरी हिस्से में थाईलैंड पर है। यह नौसैनिक सुविधा पूर्वी अफ्रीकी देश जिबूती के बाद अभी यह चीन का एकमात्र अन्य विदेशी सैन्य अड्डा है। रिपोर्ट के अनुसार, चीन के इस तरह के ठिकाने थिएटर में सैन्य बलों की तैनाती और अमेरिकी सेना की खुफिया निगरानी को सक्षम बना सकते हैं।

चीन का नया नौसैनिक अड्डा

चीन का नया नौसैनिक अड्डा एक बीजिंग की बड़ी रणनीति का हिस्सा है, जिसमें एक सही और सटीक वैश्विक शक्ति बनने की अपनी आकांक्षाओं के समर्थन में दुनिया भर में सैन्य सुविधाओं का एक नेटवर्क बनाने की कोशिश की जा रही है।अमेरिकी अधिकारियों और विश्लेषकों के अनुसार, इस क्षेत्र में चीन अपने प्रभाव का विस्तार करने में लगा हुआ है, जिसके तहत बड़े चीन कानौसैनिक जहाजों की मेजबानी करने में सक्षम एक सुविधा देश की महत्वाकांक्षा का एक महत्वपूर्ण तत्व होगा।

पश्चिमी अधिकारी ने बताया-

एक पश्चिमी अधिकारी ने कहा, 'हम आकलन करते हैं कि इंडो-पैसिफिक चीन के नेताओं के लिए एक महत्वपूर्ण टुकड़ा है, जो इंडो-पैसिफिक को चीन के सही और ऐतिहासिक प्रभाव क्षेत्र के रूप में देखते हैं।' उन्होंने आगे कहा, 'वे एक बहुध्रुवीय दुनिया की ओर एक वैश्विक प्रवृत्ति के हिस्से के रूप में चीन के उदय को देखते हैं जहां की प्रमुख शक्तियां अपने प्रभाव के कथित क्षेत्र में अपने हितों को अधिक मजबूती से रखती हैं।'

2019 में प्रकाशित द वाल स्ट्रीट जर्नल के अनुसार, इस मामले से परिचित अमेरिका और संबद्ध अधिकारियों का हवाला देते हुए, चीन ने अपनी सेना को आधार का उपयोग करने की अनुमति देने के लिए एक गुप्त समझौते पर हस्ताक्षर किए थे।

Edited By Ashisha Rajput

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