अब तक 23 देशों में पहुंचा ओमिक्रोन, अफ्रीका पश्चिमी प्रशांत और यूरोपीय क्षेत्रों में बढ़े मामले, WHO ने किया आगाह

कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रोन को लेकर दहशत के बीच दुनिया के कई मुल्‍कों में मामले बढ़ रहे हैं। अफ्रीका महाद्वीप में कोरोना संक्रमितों की संख्‍या में 93 फीसद की बढ़ोतरी हुई है। वहीं विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन ने वायरस को लेकर चेतावनी दी है...

Krishna Bihari SinghPublish: Wed, 01 Dec 2021 10:39 PM (IST)Updated: Thu, 02 Dec 2021 05:36 AM (IST)
अब तक 23 देशों में पहुंचा ओमिक्रोन, अफ्रीका पश्चिमी प्रशांत और यूरोपीय क्षेत्रों में बढ़े मामले, WHO ने किया आगाह

जिनेवा, एजेंसियां। कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रोन को लेकर दहशत के बीच दुनिया के कई मुल्‍कों में मामले बढ़ रहे हैं। डब्ल्यूएचओ ने कहा है कि अफ्रीका, पश्चिमी प्रशांत और यूरोपीय क्षेत्रों में कोरोना के मामले के बढ़े हैं। यही नहीं अफ्रीका में कोरोना संक्रमितों की संख्‍या में 93 फीसद की बढ़ोतरी हुई है। विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन के महानिदेशक टेड्रोस अधानोम घेब्रेयसस ने बुधवार को कहा कि अब तक कम से कम डब्ल्यूएचओ के छह क्षेत्रों के 23 देशों ने कोरोना के इस वैरिएंट के मामलों की सूचना दी है। आशंका है कि इस वैरिएंट की मौजूदगी वाले देशों की संख्या में और इजाफा होगा।

पूरी दुनिया में फैल सकता है ओम‍िक्रोन

डब्ल्यूएचओ का कहना है कि तेजी से रूप बदल रहा ओमिक्रोन कोरोना वायरस पूरी दुनिया में फैल सकता है। भविष्‍य में इससे संक्रमण बढ़ने का भी खतरा है। यही नहीं इसकी वजह से कुछ क्षेत्रों में गंभीर नतीजे देखने को मिल सकते हैं। डब्ल्यूएचओ इस वायरस के खतरे और वैक्सीन से मिलने वाली प्रतिरक्षा को बेअसर करने की इसकी क्षमता का पता लगाने में जुट गय है। डब्ल्यूएचओ ने अपने सभी 194 सदस्य देशों से टीकाकरण में तेजी लाने की सलाह दी है।

यह है दहशत की असल वजह 

ओमिक्रोन के बारे में अभी तक यह माना जा रहा था कि यह सबसे पहले दक्षिण अफ्रीका में 24 नवंबर को सामने आया। नीदरलैंड और कुछ अन्य देशों में मिले मामलों से ऐसे संकेत मिल रहे हैं कि यह वैरिएंट दक्षिण अफ्रीका से बहुत पहले ही यूरोप में पहुंच गया था। यही सबसे बड़ी चिंता का कारण है, क्योंकि यात्रा पाबंदियां अफ्रीकी देशों को लेकर लगाई जा रही हैं। इसका अंदाजा नहीं है कि यूरोप के देशों से यह अब तक कहां-कहां तक पहुंच चुका है।

दिग्‍गजों ने कही यह बात

डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक टेड्रोस अढानम घेब्रेयेसस का कहना है कि ओमिक्रोन के आने का मतलब है कि कोरोना महामारी को लेकर अभी भी स्थिति अनिश्चित बनी हुई है। वहीं अफ्रीका के लिए डब्ल्यूएचओ की क्षेत्रीय निदेशक मात्शिदिसो मोएती ने अफ्रीकी देशों के खिलाफ यात्रा पाबंदियां लगाने की आलोचना की है। वहीं चर्चित महामारीविद प्रोफेसर अब्दुल करीम ने कहा है कि दक्षिण अफ्रीका को अलग-थलग करने से ओम‍िक्रोन को रोकने में मदद नहीं मिलने वाली है।

देश ओमिक्रोन के मामले

दक्षिण अफ्रीका-100 (26 नवंबर तक)

ब्रिटेन-22

नीदरलैंड-14

पुर्तगाल-13

बोत्सवाना-9

दक्षिण कोरिया-5

डेनमार्क-5

जर्मनी-4

ब्राजील-3

मोजांबिक-2

नाईजीरिया-2

जापान-2

नार्वे-2

स्पेन-2

आस्टि्रया-1

आयरलैंड-1

इटली-1

सऊदी अरब-1

घाना (नंबर की पुष्टि नहीं)

सऊदी अरब में पहला केस मिला

सऊदी अरब ने भी बुधवार को कहा कि उसके यहां ओमिक्रोन का पहला मामला मिला है। इससे एक दिन पहले ही ब्राजील ने अपने यहां इस नए वैरिएंट का पहला केस पाए जाने की पुष्टि की थी। दक्षिण कोरिया में भी कोरोना को नया वैरिएंट पहुंंच चुका है। समाचार एजेंसी एपी की रिपोर्ट के मुताबिक नाइजीरिया से लौटे पांच लोगों में ओमीक्रोन की पुष्टि हुई है। जापान में ओमिक्रोन का दूसरा मामला मिला है। यह व्यक्ति कतर होते हुए पेरू से आया था।

दुनिया के कई मुल्‍कों ने लगाई सख्‍त पाबंदियां

ओमिक्रोन को देश में दाखिल होने से रोकने के लिए दुनिया के तमाम देश कड़ी पाबंदियां लगा रहे हैं। जापान ने यात्रा प्रतिबंधों को कड़ा कर दिया। अमेरिका ने भी अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए जांच के नियमों को सख्त कर दिया है। आस्ट्रिया ने लाकडाउन 11 दिसंबर तक बढ़ा दिया है जबकि पुर्तगाल ने घरों के अंदर भी मास्क पहनने की सलाह दी है। जर्मनी के गहन चिकित्सा संघ ने क्रिसमस से पहले आईसीयू की जरूरत वाले कोविड मरीजों की संख्या के एक नई ऊंचाई को छूने को लेकर चेतावनी दी है।  

Edited By Krishna Bihari Singh

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