यूक्रेन-रूस जंग के बाद यूरोप पर मंडराया खतरा, सुरक्षा व्यवस्था को चौकस करने में जुटा अमेरिका

Russia Ukraine Conflict नाटो के सदस्य देशों के नेताओं के वार्षिक सम्मेलन के उद्घाटन के अवसर पर नाटो महासचिव जेन्स स्टोल्टेनबर्ग से मुलाकात में बाइडन ने कहा नाटो मजबूत और एकजुट है और इस सम्मेलन में उठाये जाने वाले कदम हमारी सामूहिक शक्ति को और बढ़ाएंगे।

Monika MinalPublish: Thu, 30 Jun 2022 11:19 AM (IST)Updated: Thu, 30 Jun 2022 11:19 AM (IST)
यूक्रेन-रूस जंग के बाद यूरोप पर मंडराया खतरा, सुरक्षा व्यवस्था को चौकस करने में जुटा अमेरिका

मैड्रिड, एएफपी। यूक्रेन पर रूस के हमलों को देखते हुए यूरोप की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने को लेकर अमेरिका ने प्रतिबद्धता जाहिर की है। NATO ने पश्चिम के लिए मास्को को सबसे बड़ा खतरा बताया है। अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने स्थानीय समयानुसार बुधवार को कहा कि यूक्रेन पर रूस के हमले के बाद क्षेत्रीय सुरक्षा को मजबूती प्रदान करने के लिए अमेरिका यूरोप में अपनी फौज बढ़ा रहा है और पोलैंड में पहला स्थायी केंद्र बनाएगा।

नाटो के वार्षिक सम्मेलन में बोले बाइडन

मैड्रिड में नाटो के सदस्य देशों के नेताओं के वार्षिक सम्मेलन के उद्घाटन के अवसर पर नाटो महासचिव जेन्स स्टोल्टेनबर्ग से मुलाकात में बाइडन ने कहा, 'नाटो मजबूत और एकजुट है' और इस सम्मेलन में उठाये जाने वाले कदम हमारी सामूहिक शक्ति को और बढ़ाएंगे।' बाइडन ने कहा कि अमेरिका पोलैंड में एक स्थायी मुख्यालय स्थापित कर रहा है, दो अतिरिक्त एफ-35 लड़ाकू विमान के बेड़े को ब्रिटेन भेज रहा है। 

साथ ही अमेरिका की ओर से जर्मनी तथा इटली में भी और अधिक वायु रक्षा तथा अन्य क्षमता वाली प्रणालियां भेजेगा। बाइडन ने कहा, 'आज मैं घोषणा कर रहा हूं कि अमेरिका यूरोप में अपने बल की मौजूदगी बढ़ाएगा तथा बदलते सुरक्षा परिदृश्य में वह सक्रियता दिखाएगा और हमारी सामूहिक सुरक्षा को पुख्ता करेगा।'

अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, 'हम पोलैंड में एक स्थायी मुख्यालय, अमेरिकी पांचवीं सैन्य कोर स्थापित करने जा रहे हैं और पूरे पूर्वी क्षेत्र में अमेरिका-नाटो अंतर-सक्रियता को मजबूत कर रहे हैं।' बाइडन ने एक दिन पहले घोषणा की थी कि रोटा, स्पेन में अपने नौसैनिक केंद्र पर अमेरिका दो अतिरिक्त विध्वंसक पोत तैनात करेगा। व्हाइट हाउस ने कहा कि बाइडन की प्रतिबद्धता है कि यूरोप में अमेरिका के एक लाख से अधिक जवानों की मौजूदगी रहेगी। यह संख्या चार महीने पहले यूक्रेन पर रूस के हमले शुरू होने से पूर्व से करीब 20,000 बढ़ी है।

Edited By Monika Minal

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