माडर्ना वैक्सीन की दूसरी डोज पांच महीने बाद ज्यादा प्रभावी, ओमिक्रोन से निपटने को वैक्सीन अपडेट कर रहा फाइजर

कोरोना के नए सुपर म्यूटेंट ओमिक्रोन संस्करण के टीके से बचने की चिंताओं के बीच डब्ल्यूएचओ की मुख्य वैज्ञानिक डा.सौम्या स्वामीनाथन ने गुरुवार को कहा कि मौजूदा टीकों से बीमारी और मृत्यु को रोका जा सकता है ।

Monika MinalPublish: Fri, 03 Dec 2021 02:37 AM (IST)Updated: Fri, 03 Dec 2021 06:34 AM (IST)
माडर्ना वैक्सीन की दूसरी डोज पांच महीने बाद ज्यादा प्रभावी, ओमिक्रोन से निपटने को वैक्सीन अपडेट कर रहा फाइजर

लास एंजलिस, प्रेट्र। एक अध्ययन के अनुसार माडर्ना की कोरोनारोधी वैक्सीन कोरोना संक्रमण को रोकने में 87 प्रतिशत, गंभीर बीमारी के खिलाफ 95 प्रतिशत और मृत्यु के खिलाफ 98 प्रतिशत तक असरदार है। द लैंसेट रीजनल हेल्थ अमेरिकाज जर्नल में प्रकाशित एक शोध के निष्कर्षो के अनुसार माडर्ना वैक्सीन काफी प्रभावी है। इस शोध में वैक्सीन की दो डोज के बीच पांच महीने के अंतराल पर उसकी प्रभाविकता की जांच की गई। माडर्ना द्वारा वित्त पोषित, अध्ययन में उम्र, लिंग, जाति और जातीयता के आधार पर टीके की दोनों डोज ले चुके 3,52,878 व्यक्तियों का 3,52,878 ऐसे लोगों से तुलना की गई जिन्होंने वैक्सीन नहीं लगवाई है।

दक्षिणी कैलिफोर्निया में एकीकृत स्वास्थ्य देखभाल संगठन, कैसर परमानेंट की एक सहायक अन्वेषक कातिया ब्रुक्सवूर्ट ने कहा कि यह शोध संक्त्रमण, अस्पताल में भर्ती होने कोरोना से मृत्यु को रोकने में माडर्ना वैक्सीन की उच्च प्रभावशीलता का आश्वस्तकारी साक्ष्य देती है। इस अध्ययन के महत्वपूर्ण पहलुओं में से एक यह था कि इसमें सात लाख से अधिक वयस्क शामिल थे। ये विभन्न नस्लों के थे। टीकाकृत लोगों को 18 दिसंबर, 2020 से 31 मार्च, 2021 तक माडर्ना वैक्सीन की दो डोज मिली थीं।

ओमिक्रोन से निपटने को वैक्सीन को सक्षम बना रही फाइजर

अमेरिकी बहुराष्ट्रीय दवा कंपनी के सीईओ डाक्टर अल्बर्ट बोर्ला ने कहा कि फाइजर ओमिक्रोन वैरिएंट से निपटने के लिए एक अद्यतन वैक्सीन पर काम कर रहा है। उम्मीद है कि यह वैक्सीन 100 दिनों में तैयार हो सकती है। उन्होंने कहा कि संभावना है कि कोरोना से रोकथाम के लिए लोगों को हर साल कई वर्षो तक वैक्सीन लेते रहना पड़े। डाक्टर बोर्ला ने बीबीसी को बताया कि उनका विचार है कि दुनिया भर में 50 लाख से अधिक लोगों की जान लेने वाली घातक बीमारी के खिलाफ बहुत उच्च स्तर की सुरक्षा बनाए रखने के लिए वार्षिक टीकाकरण की आवश्यकता होगी।

बीमारी और मृत्यु के खतरे को कम कर सकता है टीकाकरण

कोरोना के नए सुपर म्यूटेंट ओमिक्रोन संस्करण के टीके से बचने की चिंताओं के बीच, डब्ल्यूएचओ की मुख्य वैज्ञानिक डा.सौम्या स्वामीनाथन ने गुरुवार को कहा कि मौजूदा टीकों से बीमारी और मृत्यु को रोका जा सकता है। उन्होंने एक ट्वीट में कहा कि इस बात की काफी संभावना है ओमिक्रोन अपने 30 से अधिक म्यूटेशन होने के कारण पिछले संक्रमण या टीकाकरण के कारण प्रतिरक्षा से बच जाए लेकिन पूर्ण टीकाकरण बीमारी और मृत्यु के खतरे को काफी कम कर सकता है। 

Edited By Monika Minal

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