अश्वेत महिला जज चुनने के लिए तैयार हैं बाइडन

जस्टिस स्टीफन ब्रेयर सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस के पद से रिटायर होने वाले हैं। उनके उत्तराधिकारी के चयन के लिए जारी शुरुआती चर्चा सर्किट जज केटंजी ब्राउन जैक्सन डिस्ट्रिक्ट जज जे मिशेल चाइल्ड्स और कैलिफोर्निया के सुप्रीम कोर्ट की जज लियोनंड्रा क्रूगर पर केंद्रित है।

Monika MinalPublish: Fri, 28 Jan 2022 04:18 AM (IST)Updated: Fri, 28 Jan 2022 06:27 AM (IST)
अश्वेत महिला जज चुनने के लिए तैयार हैं बाइडन

 वाशिंगटन, एपी। अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन (Supreme Court) देश के सुप्रीम कोर्ट में पहली अश्वेत महिला जज (Black Female Judge) की नियुक्ति करने के अपने चुनावी वादे पर अमल के लिए तैयार हैं। सुप्रीम कोर्ट में संभावित एक रिक्ति को भरने के लिए वह कम से कम तीन अश्वेत महिला न्यायाधीशों के नामों पर विचार कर रहे हैं। बाइडन के करीबी सहयोगियों ने बुधवार को यह जानकारी दी।

जस्टिस स्टीफन होने वाले हैं रिटायर

व्हाइट हाउस के चार अधिकारियों ने नाम जाहिर नहीं करने की शर्त पर बताया, ‘जस्टिस स्टीफन ब्रेयर सुप्रीम कोर्ट  के जस्टिस के पद से रिटायर होने वाले हैं। उनके उत्तराधिकारी के चयन के लिए जारी शुरुआती चर्चा सर्किट जज केटंजी ब्राउन जैक्सन, डिस्ट्रिक्ट जज जे मिशेल चाइल्ड्स और कैलिफोर्निया के सुप्रीम कोर्ट की जज लियोनंड्रा क्रूगर पर केंद्रित है। जैक्सन और क्रूगर को लंबे अरसे से संभावित दावेदार के रूप में देखा जाता रहा है।’ बाइडन जनवरी 2021 में राष्ट्रपति पद पर काबिज होने के बाद से ही संघीय पीठों के लिए अलग-अलग समुदायों के जजों को नामित करने की कवायद में जुटे हैं। वह संघीय अपीली अदालत में पांच अश्वेत महिला न्यायाधीशों की नियुक्ति कराने में सफल रहे हैं, जबकि तीन अतिरिक्त नामांकन सीनेट में लंबित हैं। ऐसे में शीर्ष अदालत में नियुक्ति के लिए किसी अश्वेत महिला को नामित करने की संभावना काफी अधिक है।

बाइडन के पास हैं पर्याप्त विकल्प 

नागरिक अधिकार संगठन ‘द नेशनल एसोसिएशन फार  द एडवांसमेंट आफ कलर्ड पीपुल’ के अध्यक्ष डेरिक जानसन ने कहा, ‘बाइडन के पास उपयुक्त दावेदार के चयन के लिए पर्याप्त विकल्प हैं। यह नागरिक अधिकारों के मामले में मजबूत रिकॉर्ड रखने वाले किसी व्यक्ति को शीर्ष अदालत में नियुक्त करने का एक ऐतिहासिक अवसर है।’ व्हाइट हाउस के मुताबिक, राष्ट्रपति कार्यकाल का पहला साल पूरा होने तक बाइडन की ओर से नामित 40 जजों के नामों पर संसद की मुहर लग चुकी है। 

Edited By Monika Minal

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.Accept