America Gunfire: अमेरिका के नेवार्क में गोलीबारी में नौ घायल

अमेरिका में बढ़ती बंदूकधारी घटनाओं से लोगों के लिए बड़ा मुश्किल होने लगा है। नेवार्क में हुई घटना में 9 लोगों का घायल होना इस बात की गवाही देता है कि बाइडन ने हाल में इन घटनाओं पर रोक लगाने के विधेयक पर हस्ताक्षर किए फिर भी गोलीबारी हो गई।

Deepak YadavPublish: Fri, 01 Jul 2022 04:46 PM (IST)Updated: Fri, 01 Jul 2022 04:46 PM (IST)
America Gunfire: अमेरिका के नेवार्क में गोलीबारी में नौ घायल

नेवार्क, एपी। अमेरिका में न्यूजर्सी के नेवार्क में गोलीबारी की घटना हुई है। यहां एक शाप के बाहर हुई गोलीबारी में एक किशोर समेत नौ लोग घायल हो गए। पुलिस ने बताया कि गुरुवार शाम एक किराने की दुकान के बाहर गोलीबारी हुई। घायलों की जान को कोई खतरा नहीं है।

नेवार्क सार्वजनिक सुरक्षा के कार्यवाहक निदेशक राउल मालवे ने पत्रकारों को बताया कि पुलिस घटना में इस्तेमाल होने वाले वाहन की तलाश कर रही है। 17 वर्षीय किशोर समेत सभी घायलों को अस्पताल में भर्ती किया गया है। उन्होंने कहा कि अभी यह साफ नहीं हो पाया है कि गोलीबारी करने वाले कौन थे और इसके पीछे क्या कारण था। वहीं इलाके में गोलीबारी की घटना के बाद अलर्ट जारी कर दिया गया है।

लम्बे समय से संयुक्त राज्य अमेरिका हिंसा की चपेट में है, जिसमें बंदूकधारी लड़कों का आतंक चिंता का विषय है। इस समस्या को देखते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडन ने बंदूक की धटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए लिए, कुछ दिन पहले ही द्विदलीय विधेयक पर हस्ताक्षर किए थे। विधेयक के हस्ताक्षर को एक सप्ताह भी नहीं हुआ और यह गोलीबारी की धटना हो गई।

पुलिस के हवाले से समाचार एजेंसी सिन्हुआ ने बताया कि, यह घटना शूटिंग क्लिंटन प्लेस के खंड संख्या 200 में हुई। गुरुवार को लगभग शाम 6 बजे गोलीबारी हुई जिसमें घायल बच्चे समेत सभी 9 लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया।

अमेरिकी शस्त्रागार आंकड़ो के मुताबिक इस वक्त अमेरिकी नागरिकों के पास लगभग 39 करोड़ बंदूके हैं। आंकड़े बताते हैं कि, 2020 में ही 45 हजार से ज्यादा मौतें अग्निशस्त्रों से लगीं चोटों से हुई है, जिसमें हत्या और आत्महत्या के मामले भी हैं।

पिछले महीने टेक्सास के एक प्राथमिक विद्यालय में भी ऐसे ही बंदूकधारी ने हमला कर दिया था जिसमें 19 बच्चे मारे गए थे। इन बढ़ती घटनाओं को देखते हुए अमेरिका के न्याय विभाग ने भी अपराधियों के बंदूक इस्तेमाल को रोकने के लिए 2022 में एक कानून पास किया था। इन तमाम कोशिशों के बावजूद भी गोलीबारी की घटनाएं रूकने नाम नहीं ले रहीं हैं।

Edited By Deepak Yadav

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