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Nasa Mars Mission: मंगल ग्रह पर नासा को मिली बड़ी कामयाबी, रोवर ने लिया चट्टान का पहला नमूना

मंगल ग्रह पर चट्टान का नमूना लेने की प्रक्रिया 1 सितंबर को शुरू हुई थी। इस दौरान ली गईं कुछ तस्वीरें साफ नहीं होने के कारण असमंजस की स्थिति पैदै हो गई थी। इसके बाद दोबार ली गईं नई तस्वीरों से चट्टान के नमूने की पुष्टि की जा सकी।

Manish PandeyTue, 07 Sep 2021 10:20 AM (IST)
Nasa Mars Mission: मंगल ग्रह पर नासा को मिली बड़ी कामयाबी, रोवर ने लिया चट्टान का पहला नमूना

वाशिंगटन, न्यूयार्क टाइम्स। नेशनल एयरोनाटिक्स एंड स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन (नासा) को मंगल ग्रह पर बड़ी कामयाबी मिली है। नासा के रोवर पर्जेवरेंस ने मंगल ग्रह की चट्टान के पहले नमूने को इकट्ठा कर लिया है। इस रोवर ने सोमवार को जेजीरो नाम के क्रेटर से पेंसिल की चौड़ाई के बराबर का सैंपल लिया है। चट्टान के नमूने को एयरटाइट टाइटेनियम ट्यूब में रख लिया है। इस ट्यूब को रोवर ने अपने पास सुरक्षित रख लिया है।

कैलिफोर्निया इंस्टीट्यूट आफ टेक्नोलाजी के प्रोफेसर और इस मिशन के प्रोजक्ट विज्ञानी केनेथ ए.फार्ले ने एक ईमेल में यह जानकारी देते हुए कहा कि अभी एक कामयाबी मिली है। जल्द ही और कामयाबियां मिलेंगी। दक्षिणी कैलिफोर्निया में नासा की जेट प्रोपल्शन लेबोरेटरी (जेपीएल) ने इसे ऐतिहासिक बताया है। नमूने को पृथ्वी पर वापस लाने और इस पर अध्ययन के लिए नासा और ईएसए (यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी) निकट भविष्य में मिशनों की एक श्रृंखला की योजना बना रहे हैं। बता दें कि पहली बार किसी दूसरे ग्राह से नमूनों को पृथ्वी पर लाया जाएगा।

नासा ने चट्टान के टुकड़े की फोटो के साथ ट्वीट किया, 'यह आधिकारिक है: मैंने किसी अन्य ग्रह पर ड्रिल कर चट्टान के पहले नमूने को इकट्ठा कर लिया है। पृथ्वी पर नमूने को वापस लाने की तैयारी हो रही है। यह अपने आप में बेहद अनोखा है।' नासा के प्रशासक बिल नेल्सन ने कहा, कि नासा के पास महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित करने और फिर उन्हें पूरा करने का लंबा इतिहास रहा है।

मंगल ग्रह पर चट्टान का नमूना लेने की प्रक्रिया एक सितंबर को शुरू हुई थी। इस दौरान ली गईं कुछ तस्वीरें साफ नहीं होने के कारण असमंजस की स्थिति पैदा हो गई थी। इसके बाद दोबारा ली गईं तस्वीरों से चट्टान के नमूने की पुष्टि की जा सकी। बता दें कि पिछले महीने भी नासा के रोवर ने चट्टान के नमूने इकट्ठा करने की कोशिश की थी। हालांकि, इस दौरान चट्टान के पाउडर जैसा होने के कारण रोवर को कुछ नहीं मिल सका था।

 

Edited By: Manish Pandey

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