Ketanji Brown Jackson: अमेरिका में केतनजी ब्राउन जैक्सन बनी सुप्रीम कोर्ट की पहली अश्वेत महिला जज

अप्रैल में सीनेट ने ब्राउन जैक्सन के समर्थन में 53 में से 47 वोट दिए थे। तीन रिपब्लिकन सांसदों ने भी उनका समर्थन किया था। 51 वर्षीय ब्राउन अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट की 116वीं न्यायाधीश हैं। जस्टिस स्टीफन ब्रेयर की सेवानिवृत्ति के बाद उनको शीर्ष अदालत का जज बनाया गया।

Piyush KumarPublish: Fri, 01 Jul 2022 03:26 AM (IST)Updated: Fri, 01 Jul 2022 03:26 AM (IST)
Ketanji Brown Jackson: अमेरिका में केतनजी ब्राउन जैक्सन बनी सुप्रीम कोर्ट की पहली अश्वेत महिला जज

वाशिंगटन, एएनआइ। अमेरिका में केतनजी ब्राउन जैक्सन सुप्रीम कोर्ट की पहली अश्वेत महिला जज बन गई हैं। उन्होंने गुरुवार को इस पद की शपथ ली। अप्रैल में सीनेट ने ब्राउन जैक्सन के समर्थन में 53 में से 47 वोट दिए थे। तीन रिपब्लिकन सांसदों ने भी उनका समर्थन किया था। 51 वर्षीय ब्राउन अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट की 116वीं न्यायाधीश हैं। जस्टिस स्टीफन ब्रेयर की सेवानिवृत्ति के बाद उनको शीर्ष अदालत का जज बनाया गया। दोपहर में ब्रेयर के रिटायर होने के कुछ ही समय बाद ब्राउन को दो बार शपथ दिलाई गई।

मुख्य न्यायाधीश ने ब्राउन का शीर्ष न्यायालय में स्वागत किया

उनको पहली शपथ बे्रयर ने दिलाई। दूसरी शपथ मुख्य न्यायाधीश जान राब‌र्ट्स की ओर से दिलाई गई। इस अवसर पर उनके परिवार के लोग भी उपस्थित थे। शपथ ग्रहण समारोह का अदालत की वेबसाइट पर सीधा प्रसारण किया गया। मुख्य न्यायाधीश ने ब्राउन का शीर्ष न्यायालय में स्वागत किया। ब्राउन ने एक बयान जारी कर कहा कि वे भय या पक्षपात के बिना न्याय करेंगी। केतनजी ब्राउन जैक्सन ने एक बयान में कहा, ' मैं पूरे दिल से अमेरिकी संविधान का समर्थन करने और बचाव करने व बिना किसी डर या पक्षपात के न्याय करने की गंभीर जिम्मेदारी स्वीकार करती हूं, इसके लिए भगवान मेरी मदद मदद करें।'

मैं अब लगभग एक दशक से न्यायाधीश हूं: केतनजी ब्राउन जैक्सन

उन्होंने आगे कहा, 'मैं इस महान राष्ट्र का हिस्सा बनने के लिए आभारी हूं। सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, अप्रैल में सीनेट द्वारा उच्च न्यायालय में विवादास्पद सुनवाई की एक श्रृंखला के बाद उन्हें 53-47 की बहुमत प्राप्त हुई। एक ओर जहां रिपब्लिकन ने उन्हें अपराध पर नरमी बरते का इल्जाम लगाया वहीं, डेमोक्रेट ने उनके न्यायिक रिकार्ड की प्रशंसा की थी। पुष्टिकरण सुनवाई के दौरान, उन्होंने कानून तय करने में जज के रूप में निष्पक्ष और निष्पक्ष रहने की कसम खाई। उन्होंने आगे कहा, 'मैं अब लगभग एक दशक से न्यायाधीश हूं, और मैं उस जिम्मेदारी और अपने कर्तव्य को बहुत गंभीरता से लेती हूं। मैं मामलों को तटस्थ मुद्रा से तय करती हूं।

Edited By Piyush Kumar

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