अमेरिका की चेतावनी, रूस ने हमला किया तो पुतिन पर लगाएंगे प्रतिबंध, ब्रिटेन ने भी रूसी नेता पर बैन लगाने के दिए संकेत

अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने कहा है कि यूक्रेन पर रूस के हमला करने पर वह रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन पर प्रतिबंध लगा सकते हैं। ब्रिटेन ने भी पुतिन पर व्यक्तिगत प्रतिबंध लगाने की संभावना से इन्कार नहीं किया है।

Krishna Bihari SinghPublish: Wed, 26 Jan 2022 09:14 PM (IST)Updated: Thu, 27 Jan 2022 01:32 AM (IST)
अमेरिका की चेतावनी, रूस ने हमला किया तो पुतिन पर लगाएंगे प्रतिबंध, ब्रिटेन ने भी रूसी नेता पर बैन लगाने के दिए संकेत

वाशिंगटन, रायटर। अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने कहा है कि यूक्रेन पर रूस के हमला करने पर वह रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन पर प्रतिबंध लगा सकते हैं। ब्रिटेन ने भी पुतिन पर व्यक्तिगत प्रतिबंध लगाने की संभावना से इन्कार नहीं किया है। जवाब में रूस ने कहा है कि इस तरह के प्रतिबंधों से राष्ट्रपति पुतिन को कोई फर्क नहीं पड़ता। लेकिन इसके राजनीतिक नतीजे बेहद खराब होंगे।

तीसरी खेप भी कीव पहुंची

यूक्रेन के नजदीकी देशों में नाटो के सैनिकों व हथियारों की तैनाती और 8,500 अमेरिकी सैनिकों को कार्रवाई के लिए तैयार किए जाने के बाद राष्ट्रपति बाइडन की ओर से यह बयान आया है। इस बीच यूक्रेन को मदद के रूप में दिए जा रहे अमेरिकी हथियारों-उपकरणों की तीसरी खेप भी कीव पहुंच गई है। जर्मनी ने सैनिकों के इस्तेमाल के लिए पांच हजार हेलमेट यूक्रेन भेजे हैं। उसने यूक्रेन को किसी भी तरह के हथियार देने से इन्कार कर दिया है।

यूक्रेन पर हमला नहीं करने जा रहे

उधर रूस ने पश्चिमी देशों पर क्षेत्र में सैनिक तैनात कर और लगातार हथियार भेजकर तनाव बढ़ाने का आरोप लगाया है। रूस ने कहा है कि वह यूक्रेन पर हमला करने नहीं जा रहा, वह क्षेत्र की सुरक्षा के लिए अमेरिका से सुरक्षा प्रस्ताव पर गारंटी मांग रहा है। इसमें यूक्रेन को नाटो में शामिल न किए जाने, वहां पर किसी अन्य देश के हथियार तैनात न किए जाने और पूर्वी व मध्य यूरोप से नाटो के हथियारों की तैनाती हटाए जाने संबंधी मांगें हैं।

भारी हथियारों की तैनाती

उल्लेखनीय है कि नाटो (उत्तरी अटलांटिक संधि संगठन) अमेरिका के नेतृत्व वाला सैन्य संगठन है। इसमें सभी प्रमुख यूरोपीय देश शामिल हैं। यूक्रेन के नाटो में शामिल होने की संभावना को देखते हुए रूस ने महीने भर से उसकी सीमा पर करीब एक लाख सैनिकों और भारी हथियारों की तैनाती कर रखी है। हाल के दिनों से रूस ने यह तैनाती बढ़ाकर यूक्रेन को तीन तरफ से घेर लिया है। इसके चलते यूक्रेन पर रूस के हमले का खतरा बढ़ गया है।

सबसे बड़ी सैन्य तैनाती

राष्ट्रपति बाइडन ने कहा है कि द्वितीय विश्व युद्ध के बाद यह सबसे बड़ी सैन्य तैनाती है और युद्ध की स्थिति में दुनिया बदल सकती है। बाइडन ने अमेरिकी सैनिकों को यूक्रेन के नजदीक तैनात करने की बात कही है लेकिन अमेरिकी सैनिकों को यूक्रेन की सीमा के अंदर युद्ध में शामिल होने के लिए भेजने से इन्कार कर दिया है।

यूक्रेन नहीं जाएंगे अमेरिकी सैनिक

राष्ट्रपति बाइडन ने कहा है कि यूक्रेन नाटो का सदस्य नहीं है, इसलिए वहां सैनिक नहीं भेजे जाएंगे। युद्ध छिड़ने पर पुतिन पर प्रतिबंध लगाने का बाइडन ने संके त दिया है। इससे पहले अमेरिका वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो, सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल-असद और लीबिया के राष्ट्रपति रहे मुअम्मर गद्दाफी पर प्रतिबंध लगा चुका है।

भारतीय दूतावास ने मांगी सूचनाएं

यूक्रेन में बढ़ रहे तनाव के बीच राजधानी कीव स्थित भारतीय दूतावास ने देश में रह रहे सभी भारतीयों और भारतीय मूल के लोगों से अपने बारे में सूचनाएं पंजीकृत कराने के लिए कहा है। दूतावास ने इस सिलसिले में एक आनलाइन फार्म भी जारी किया है जिसमें मांगी गई जानकारियां देने के लिए कहा गया है। ये जानकारियां युद्ध छिड़ने की स्थिति में संकटग्रस्त भारतीयों की मदद में काम आएंगी।

Edited By Krishna Bihari Singh

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