Russia Ukraine War: यूक्रेन युद्ध में रूस का साथ देने वाली 36 पाकिस्तानी और चीनी कंपनियों को अमेरिका ने किया ब्लैक लिस्ट

अमेरिका ने जिन 36 कंपनियों पर कार्रवाई की उनमें से 25 का संचालन चीन से होता है। वाणिज्य विभाग ने बताया कि आरोपित कंपनियों ने 24 फरवरी को यूक्रेन पर हमले से पहले प्रतिबंधित श्रेणी वाली रूसी कंपनियों को सामग्री की आपूर्ति की थी जो बाद में भी जारी रही।

Amit SinghPublish: Wed, 29 Jun 2022 05:18 PM (IST)Updated: Wed, 29 Jun 2022 05:18 PM (IST)
Russia Ukraine War: यूक्रेन युद्ध में रूस का साथ देने वाली 36 पाकिस्तानी और चीनी कंपनियों को अमेरिका ने किया ब्लैक लिस्ट

वाशिंगटन, एएनआइ: अमेरिका ने मंगलवार को यूक्रेन युद्ध में रूस समर्थक पाकिस्तानी व चीनी समेत कुल 36 कंपनियों को काली सूची में डाल दिया है। राष्ट्रपति जो बाइडन के प्रशासन ने रूसी सेना व रक्षा उद्योग की मदद के आरोप में चीन की पांच कंपनियों को व्यापार की काली सूची में डाला है। फेडरल रजिस्टर के अनुसार, काली सूची में डाली गईं अन्य 31 कंपनियां रूस, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) लिथुआनिया, पाकिस्तान, सिंगापुर, ब्रिटेन, उज्बेकिस्तान व वियतनाम की हैं।

अल जजीरा की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका ने जिन 36 कंपनियों पर कार्रवाई की है, उनमें से 25 का संचालन चीन से होता है। वाणिज्य विभाग ने बताया कि आरोपित कंपनियों ने 24 फरवरी को यूक्रेन पर हमले से पहले प्रतिबंधित श्रेणी वाली रूसी कंपनियों को सामग्री की आपूर्ति की थी और हमले के बाद भी आपूर्ति संबंधी अनुबंध कायम रखा।

वाणिज्य विभाग के अपर सचिव (उद्योग व सुरक्षा) एलन एस्टेवेज ने कहा, 'इस कार्रवाई ने दुनियाभर की कंपनियों व लोगों को कड़ा संदेश दिया है कि अगर आप रूस का समर्थन करते हैं, तो अमेरिका से रिश्ता खत्म हो जाएगा।' काली सूची में डाले जाने का मतलब है कि कंपनियों के अमेरिकी आपूर्तिकर्ताओं को उन तक माल भेजने से पहले वाणिज्य विभाग से अनुमति लेनी होगी।

जियो न्यूज के अनुसार, रूसी सेना को आपूर्ति करने वाली तीन चीनी कंपनियों कन्नेस इलेक्ट्रानिक लिमिटेड, व‌र्ल्ड जेट्टा व लाजिस्टिक्स लिमिटेड से संपर्क नहीं हो सका, जबकि किंग बाई टेक्नोलाजी व विन्निक इलेक्ट्रानिक ने फिलहाल कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। अमेरिका ने यूक्रेन पर हमले के मामले में रूस पर सख्त प्रतिबंधों का एलान किया है। इसी क्रम में रूस व उसकी समर्थक कंपनियों को काली सूची में डाला जा रहा है। गौरतलब है कि यूक्रेन पर रूस द्वारा हमले के विरोध में अमेरिका समेत विश्व के कई देशों ने रूस पर तमाम तरह के प्रतिबंध लगाए हैं। ताकि वो रूस की आर्थिक स्थिति को कमजोर कर युद्धविराम कर सकें।

Edited By Amit Singh

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