अब अमर जवान ज्‍योति को हटाने का टीएमसी ने किया विरोध, कहा- भारत के इतिहास से खेल रही है मोदी सरकार

तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता व वरिष्ठ सांसद सौगत राय ने शुक्रवार को इस फैसले की आलोचना करते हुए कहा कि मोदी सरकार भारत के इतिहास के साथ खिलवाड़ कर रही है। राय ने यहां पत्रकारों से कहा- मैं इस कदम का कड़ा विरोध करता हूं।

Vijay KumarPublish: Fri, 21 Jan 2022 09:02 PM (IST)Updated: Fri, 21 Jan 2022 09:02 PM (IST)
अब अमर जवान ज्‍योति को हटाने का टीएमसी ने किया विरोध, कहा- भारत के इतिहास से खेल रही है मोदी सरकार

राज्य ब्यूरो, कोलकाता : दिल्ली के इंडिया गेट पर चौबीसों घंटे जलने वाली अमर जवान ज्योति को राष्ट्रीय युद्ध स्मारक के लौ में मिलाने के केंद्र सरकार के कदम का अब बंगाल में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने कड़ा विरोध किया है। तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता व वरिष्ठ सांसद सौगत राय ने शुक्रवार को इस फैसले की आलोचना करते हुए कहा कि मोदी सरकार भारत के इतिहास के साथ खिलवाड़ कर रही है। राय ने यहां पत्रकारों से कहा- मैं इस कदम का कड़ा विरोध करता हूं। केंद्र सरकार भारत के इतिहास के साथ लगातार खेल रही है।

यह अमर जवान ज्योति 1971 से है, लेकिन इसे हटा कर मोदी सरकार देश के इतिहास और विरासत को विकृत करना चाहती है। मैं इसकी निंदा करता हूं। वहीं, टीएमसी के अलावा माकपा व कांग्रेस ने भी अमर जवान ज्योति को हटाए जाने का कड़ा विरोध किया है।केंद्र के फैसले पर टिप्पणी करते हुए राज्य में माकपा के वरिष्ठ नेता व पोलित ब्यूरो के सदस्य सुजन चक्रवर्ती ने कहा, अगर देश के प्रधानमंत्री इस तरह की बकवास में भागीदार हैं, तो यह वास्तव में खतरनाक है। इसे क्यों हटाया जाना चाहिए? हमें रक्षा बलों की वीरता पर गर्व है।

इसी तरह प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष व लोकसभा में कांग्रेस संसदीय दल के नेता अधीर रंजन चौधरी ने भी इसका विरोध किया है। इससे पहले कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी केंद्र के इस कदम का कड़ा विरोध किया है। उल्लेखनीय है कि द‍िल्‍ली के इंडिया गेट पर जलने वाली अमर जवान ज्योति का शुक्रवार को राष्ट्रीय युद्ध स्मारक में जल रही लौ में विलय कर दिया गया।

वहीं, केंद्र सरकार ने कहा है कि यह विडंबना ही है कि जिन लोगों ने सात दशकों तक राष्ट्रीय युद्ध स्मारक नहीं बनाया, वे अब हंगामा कर रहे हैं। सरकार का कहना है कि अमर जवान ज्योति की लौ बुझी नही है, बल्कि इसे राष्ट्रीय युद्ध स्मारक के ज्वाला में मिलाकर युद्धों में जान गंवाने वाले हमारे भारतीय जवानों को स्थायी और उचित श्रद्धांजलि दी जा रही है।

Edited By Vijay Kumar

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