एनआइए ने सीमा पार नकली मुद्रा रैकेट का भंडाफोड़ किया, एक गिरफ्तार

बीएसएफ के साथ संयुक्त अभियान में बंगाल के मालदा निवासी अलाडू को किया गिरफ्तार।एनआइए ने पाया कि अलाडू अपने बांग्लादेशी सहयोगियों से उच्च गुणवत्ता वाले एफआइसीएन की खरीद में शामिल था। वह देश की आर्थिक स्थिरता को नुकसान पहुंचाने के इरादे से भारत में इसे प्रसारित कर रहा था।

Priti JhaPublish: Sun, 16 Jan 2022 03:16 PM (IST)Updated: Sun, 16 Jan 2022 03:16 PM (IST)
एनआइए ने सीमा पार नकली मुद्रा रैकेट का भंडाफोड़ किया, एक गिरफ्तार

राज्य ब्यूरो, कोलकाता। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआइए) ने रविवार को कहा कि उन्होंने सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के साथ संयुक्त अभियान में पश्चिम बंगाल के मालदा निवासी अलाडू उर्फ माथुर को भारतीय मुद्रा रैकेट चलाने के आरोप में गिरफ्तार किया है। गिरोह को सीमा पार से संचालित किया जा रहा था। मुख्य आरोपित बांग्लादेश से नकली नोट भारत भेज रहे थे।

एनआइए के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि उन्होंने पिछले हफ्ते गिरोह का भंडाफोड़ किया था और एक सहयोगी को गिरफ्तार किया था, लेकिन वह एजेंसी को चकमा देने में कामयाब रहा और तब से वे उसे पकड़ने के लिए काम कर रहे थे। मुख्य आरोपित बांग्लादेश से नकली नोट भारत भेज रहे थे। अधिकारी ने कहा, डीआरआइ यूनिट मालदा, बंगाल द्वारा एक आरोपित के कब्जे से 1,99,000 रुपये के उच्च गुणवत्ता वाले नकली भारतीय मुद्रा नोटों की बरामदगी के संबंध में मामला दर्ज किया गया था। इसके बाद, एनआइए ने मामला फिर से दर्ज किया था और जांच शुरू की थी। जांच पूरी करने के बाद, एनआइए ने अलाडू सहित चार आरोपित व्यक्तियों के खिलाफ एफआइसीएन तस्करी में उनकी भूमिका के लिए आरोप पत्र दायर किया था।

एनआइए ने अपने दावे को साबित करने के लिए कई सबूत और बरामदगी दिखाई थी। इसके अलावा एनआइए ने अभियोजन पक्ष के मामले को साबित करने के लिए कई गवाहों के बयानों का भी उल्लेख किया था। एनआइए ने पाया कि अलाडू अपने बांग्लादेशी सहयोगियों से उच्च गुणवत्ता वाले एफआइसीएन की खरीद में शामिल था। वह देश की आर्थिक स्थिरता को नुकसान पहुंचाने के इरादे से भारत में इसे प्रसारित कर रहा था। एनआइए के एक अधिकारी ने कहा, गिरफ्तार आरोपित अलाडू 2019 से फरार था। मामले में आगे की जांच जारी है। बताते चलें कि बंगाल का सीमावर्ती मालदा जिला नकली नोटों की तस्करी के लिए एक समय देश में कुख्यात रहा है। 

Edited By Priti Jha

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