Bengal Chunav: त्रिकोण में उलझे मुर्शिदाबाद के मुसलमान, कांग्रेस-वाम व टीएमसी के अलावा यहां मुस्लिमों को ओवैसी की पार्टी का भी विकल्प

Bengal Chunav Murshidabad फैक्टर फंडा- वोटों का ज्यादा बंटवारा हुआ तो कई सीटों पर भाजपा को हो सकता है लाभ मुर्शिदाबाद की 22 विधानसभा सीटों में ज्यादातर पर 60 से 70 फीसद मुस्लिम वोटर हैं। इन वोटरों के बूते कई राजनीतिक दल जीत का ख्वाब देख रहे हैं।

Priti JhaPublish: Thu, 08 Apr 2021 09:47 AM (IST)Updated: Thu, 08 Apr 2021 11:11 AM (IST)
Bengal Chunav: त्रिकोण में उलझे मुर्शिदाबाद के मुसलमान, कांग्रेस-वाम व टीएमसी के अलावा यहां मुस्लिमों को ओवैसी की पार्टी का भी विकल्प

मुर्शिदाबाद, डॉ. प्रणेश। मुर्शिदाबाद की 22 विधानसभा सीटों में ज्यादातर पर 60 से 70 फीसद मुस्लिम वोटर हैं। इन वोटरों के बूते कई राजनीतिक दल जीत का ख्वाब देख रहे हैं। यहां के मुस्लिम दशकों से कांग्रेस के साथ रहे हैं, अब तृणमूल ने भी यहां मुस्लिम वोटरों में अच्छी पैठ बना ली है। कांग्रेस और तृणमूल के बीच उधेड़बुन में फंसे मुर्शिदाबाद के मुस्लिमों के सामने अब ओवैसी की पार्टी का भी विकल्प है, जिसके तीन उम्मीदवार यहां मैदान में हैं। जाहिर है वोट बंटेंगे। भाजपा के लिए यह मुफीद माहौल है। वोटों के बंटवारे से उसे कई सीटों पर लाभ हो सकता है।

तमाम विपरीत परिस्थितियों के बावजूद पिछले लोकसभा चुनाव में यहां जीत हासिल करने वाले कांग्रेस के दिग्गज नेता बहरामपुर के सांसद अधीर रंजन चौधरी को भी इसका बखूबी भान है। चंद दिनों पूर्व उन्होंने खुल कर कहा, टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी अगर मुर्शिदाबाद जिले की सभी 22 सीटों से प्रत्याशी हटा लें तो वह बाकी सीटों पर तृणमूल को सपोर्ट करने को तैयार हैं। खैर, तृणमूल ने प्रत्याशी तो नहीं हटाया लेकिन कुछ दिनों पूर्व ममता बनर्जी ने सभी विरोधी दलों के नेताओं को यह पत्र जरूर लिखा कि भाजपा को रोकने के लिए उनका साथ दें। यही वजह है कि भाजपा खुले आम कह रही है कि तृणमूल-कांग्रेस और वाम की आपस में सांठगांठ है। तभी तो राहुल और प्रियंका गांधी यहां प्रचार तक के लिए नहीं आए। बहरहाल, इनके बीच अंदरूनी जो भी तालमेल हुआ हो मैदान में उम्मीदवार हैं तो अब मुस्लिम वोटर अपने हिसाब से तय करेंगे कि वह किनके साथ जाएंगे।

मुर्शिदाबाद विधानसभा क्षेत्र में स्थित पर्यटनस्थल हजारद्वारी जानेवाले रास्ते में कई जगह पर दीवारों पर कमल का फूल दिखता है। जगह-जगह झंडे-बैनर भी दिखते हैं। यहां पिछली बार कांग्रेस प्रत्याशी शायोनी सिंह रॉय कांग्रेस के टिकट पर विजयी हुई थीं। दूसरे स्थान पर टीएमसी प्रत्याशी असीम कृष्ण भट्ट व तीसरे स्थान पर भाजपा प्रत्याशी गौरीशंकर घोष थे। इस बार शायोनी सिंह रॉय टीएमसी से मैदान में हैं। कांग्रेस ने नियाजुद्दीन शेख तो भाजपा ने गौरीशंकर घोष को मौका दिया है। उन्हेंं पिछली बार 24 हजार से अधिक मत मिले थे। गौरीशंकर उत्साहित हैं। कहते हैं- पिछली बार यहां पार्टी का संगठन काफी कमजोर था। इस बार स्थिति बदली हुई है। इस बार कमल जरूर खिलेगा।

बंटेगा वोट :

रास्ते में एक किराना दुकान पर मिले महबूब हक चुनावी रुख के बारे में पूछने पर कहते हैं कि अभी कुछ भी कहना जल्दीबाजी होगी। आपस में विमर्श कर तय करेंगे कि कौन सी पार्टी हमारी आवाज बन सकती है। कुछ दूर पर अब्बास मिले। पूछा क्या है चुनाव का माहौल, मुस्लिम किसके साथ हैं। जवाब मिला, यहां तो कांग्रेस का दबदबा रहा है लेकिन युवा तृणमूल को पसंद कर रहे हंै। ओवैसी साहब की भी लोकप्रियता है। जनाब, बड़ा मुश्किल है एक के साथ जाना। हजारद्वारी के गेट पर टिकट बेच रहे सरकार घोष से जैसे ही पूछा क्या है चुनावी माहौल, बस एक लाइन बोले। जय श्रीराम।

कुछ जगहों पर भाजपा का प्रभाव :

चूनाखली चौक पर एक चाय दुकान में मिले श्याम सुंदर पाल खुलकर बात करते हैं। कहते हैं कि जिले की मात्र मुर्शिदाबाद विधानसभा क्षेत्र हिंदू बहुल है। यहां विगत तीन दशक से प्रतापपुर पंचायत का मेंबर भाजपा का ही होता था। पिछली बार तृणमूल समर्थकों ने मतदान नहीं होने दिया और जबरन पद पर कब्जा जमा लिया। वे कहते हैं कि आज चुनाव हो जाए तो पंचायत मेंबर भाजपा का ही होगा। भाजपा को मुर्शिदाबाद, जंगीपुर, सागरदिग्घी विधानसभा सीट से काफी उम्मीदें हैं।

इन सीटों पर एआइएमआइएम ने दिया प्रत्याशी :

मुर्शिदाबाद में एआइएमआइएम ने सागरदिग्घी, भरतपुर व जलांगी से क्रमश: नीरू महबूब आलम, सज्जाद हुसैन व अलशौकत जमान को प्रत्याशी बनाया है।

 

Edited By Priti Jha

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