West Bengal: ममता सरकार ने सौरव गांगुली के घर भेजी फलों की टोकरी, ‘गेट वेल सून’ का संदेश भी दिया

West Bengal ममता बनर्जी के नाम से इन दिनों कोरोना पीड़ितों को फलों की टोकरी के साथ जल्द स्वस्थ होने का एक गार्ड भेजा जा रहा है। इसी क्रम में रविवार को कोलकाता नगर निगम की ओर से तृणमूल नेता ने फलों की टोकरी सौरव गांगुली के घर भेजी गई।

Sachin Kumar MishraPublish: Sun, 09 Jan 2022 04:26 PM (IST)Updated: Sun, 09 Jan 2022 04:26 PM (IST)
West Bengal: ममता सरकार ने सौरव गांगुली के घर भेजी फलों की टोकरी, ‘गेट वेल सून’ का संदेश भी दिया

राज्य ब्यूरो, कोलकाता। पिछले दिनों कोरोना से संक्रमित हुए भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआइ) के अध्यक्ष और भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली कोरोना संक्रमित हो गए थे, वे फिलहाल ठीक हो चुके हैं, लेकिन उनकी बेटी साना गांगुली कोरोना संक्रमित हो गई है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नाम से इन दिनों कोरोना पीड़ितों को फलों की टोकरी के साथ जल्द स्वस्थ होने का एक गार्ड भेजा जा रहा है। इसी क्रम में रविवार को कोलकाता नगर निगम की ओर से तृणमूल नेता ने फलों की टोकरी सौरव गांगुली के घर भेजी गई। फलों की टोकरी सौरव की पत्नी डोना गांगुली ने स्वीकार किया। उस पर ममता के नाम के साथ ‘गेट वेल सून’ का एक कार्ड भी लिखा था। रविववार को कोलकाता नगर निगम के जनप्रतिनिधि और बोरो नंबर 16 के अध्यक्ष सुदीप पल्ले ने सौरव गांगुली की पत्नी डोना गांगुली को फलों की टोकरी सौंपी।

पारिवारिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, साना में कोरोना के लक्षण मिले थे। वह घर में ही पृथकवास में है। साना लंदन में रहकर पढ़ाई कर रही है। वह छुट्टियों में कोलकाता आई थी। सौरव की पत्नी डोना गांगुली की रिपोर्ट निगेटिव है। साना के अलावा सौरव के परिवार के तीन और सदस्य कोरोना संक्रमित पाए गए थे, जिनमें सौरव के चाचा व दो अन्य करीबी शामिल हैं। गौरतलब है कि इससे पहले सौरव के बड़े भाई स्नेहाशीष गांगुली व उनकी मां निरूपा गांगुली भी कोरोना संक्रमित हो गई थीं। उन दोनों का अस्पताल में इलाज चला था।

ममता के नाम से 10 हजार फलों की टोकरी तैयार 

राज्य सरकार ने कोरोना मरीजों के जल्द स्वस्थ होने की कामना वाले संदेश देने के लिए अब तक लगभग 10,000 फलों की टोकरियां तैयार की जा चुकी हैं और पूरे कोलकाता में इन टोकरियों के वितरण का काम शुरू कर दिया गया है। ‘गेट वेल सून’ के संदेश के साथ फलों की टोकरियों को बांटने का काम स्थानीय पार्षदों को सौंपा गया है। वे टोकरी देने के लिए कोविड मरीजों के घरों का दौरा कर रहे हैं। जिन क्षेत्रों में संक्रमण दर अधिक है, वहां टोकरी को घर या भवन के बाहर रख दिया जा रहा है और फिर फोन कर कोरोना पीड़ितों के परिजनों को इसकी सूचना दे दी जा रही है ताकि वे उठाकर ले जा सकें। 

Edited By Sachin Kumar Mishra

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