Cyclone Jawad: कमजोर होकर डीप डिप्रेशन में बदला चक्रवात जवाद, बंगाल में बारिश जारी रहने के आसार

Cyclone Jawad चक्रवात जवाद कमजोर होकर डीप डिप्रेशन में बदल गया है और गुजरते समय के साथ डिप्रेशन में बदल जाएगा। यह रविवार को ओडिशा के तटीय इलाकों से गुजरा। इसकी वजह से ओड़िशा के कुछ हिस्सों में भारी बारिश हुई।

Sachin Kumar MishraPublish: Sun, 05 Dec 2021 03:52 PM (IST)Updated: Sun, 05 Dec 2021 08:43 PM (IST)
Cyclone Jawad: कमजोर होकर डीप डिप्रेशन में बदला चक्रवात जवाद, बंगाल में बारिश जारी रहने के आसार

राज्य ब्यूरो, कोलकाता। बंगाल में चक्रवात 'जवाद' कमजोर होकर डीप डिप्रेशन में बदल गया है और गुजरते समय के साथ डिप्रेशन में बदल जाएगा। यह रविवार को ओडिशा के तटीय इलाकों से गुजरा। इसकी वजह से ओड़िशा के कुछ हिस्सों में भारी बारिश हुई। बार-बार दिशा बदलने के कारण चक्रवात की शक्ति क्रमश: क्षीण होती चली गई थी। बंगाल के तटवर्ती इलाकों में पहले इसके जितने प्रचंड रूप में प्रवेश करने की आशंका जताई जा रही थी, अब वैसे आसार नहीं दिख रहे। मौसम विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक, बंगाल में यह डीप डिप्रेशन के रूप में ही प्रवेश करेगा। बंगालवासियों को हालांकि भारी बारिश से राहत मिलने की उम्मीद नहीं है। रविवार के बाद सोमवार को भी बारिश जारी रहने का अनुमान है। कुछ जिलों में भारी बारिश हो सकती है। मंगलवार से आसमान साफ हो जाएगा

गौरतलब है कि चक्रवात के प्रभाव से शनिवार से ही कोलकाता, हावड़ा, उत्तर व दक्षिण 24 परगना, हुगली, पूर्व व पश्चिम मेदिनीपुर, नदिया और बीरभूम जिलों में बारिश शुरू हो गई थी, जो रविवार को भी जारी रही। छुट्टी का दिन होने के कारण अधिकतर लोग घर में ही रहे। अलीपुर मौसम कार्यालय की तरफ से कहा गया है कि चक्रवात के डीप डिप्रेशन बनकर बंगाल में प्रवेश करने के बाद बारिश तेज हो सकती है। 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं भी चल सकती है। चक्रवात पिछले छह घंटे से 11 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा है। दूसरी तरफ, राज्य सरकार किसी तरह का जोखिम नहीं उठाते हुए पूरी तरह से मुस्तैद है। दीघा, बकखाली, मंदारमनी समेत बंगाल के तटीय इलाकों से हजारों लोगों को हटाया जा चुका है। 42 राहत केंद्र और 115 साइक्लोन सेंटर खोले गए हैं। एनडीआरएफ की टीमें भी पूरी तरह मुस्तैद हैं।

बंगाल की खाड़ी में बना चक्रवात जवाद धीरे-धीरे कमजोर हो रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, चक्रवात अभी तीन से चार किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से चल रहा है। ऐसे में तट से टकराने के बाद यह ज्यादा तबाही नहीं मचाएगा। हालांकि ओडिशा, आंध्र प्रदेश और बंगाल के तटवर्ती इलाकों में तेज बारिश होती रहेगी। शनिवार को भी इन इलाकों में दिन भर रुक-रुक कर बारिश होती रही और आसमान में बादल छाए रहे। बदले मौसम से तापमान में भी गिरावट आई है। चक्रवात के अब रविवार को पुरी तट से टकराने की उम्मीद है। सतह से टकराते समय हवा की अधिकतम गति 60 से 70 किमी प्रति घंटे तक हो सकती है।

Edited By Sachin Kumar Mishra

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