चक्रवात जवाद से हुई बारिश के बाद कोलकाता की वायु गुणवत्ता में लगभग 80 से 90 प्रतिशत तक आया सुधार

प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों और पर्यावरणविदों ने मंगलवार को कहा कि पिछले कुछ दिनों में शहर में चक्रवात जवाद से हुई बारिश के बाद कोलकाता की वायु गुणवत्ता में लगभग 80 से 90 प्रतिशत सुधार आया है।

Vijay KumarPublish: Tue, 07 Dec 2021 05:24 PM (IST)Updated: Tue, 07 Dec 2021 05:24 PM (IST)
चक्रवात जवाद से हुई बारिश के बाद कोलकाता की वायु गुणवत्ता में लगभग 80 से 90 प्रतिशत तक आया सुधार

राज्य ब्यूरो, कोलकाताः प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों और पर्यावरणविदों ने मंगलवार को कहा कि पिछले कुछ दिनों में शहर में चक्रवात जवाद से हुई बारिश के बाद कोलकाता की वायु गुणवत्ता में लगभग 80 से 90 प्रतिशत सुधार आया है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के अनुसार मंगलवार सुबह सात बजे विक्टोरिया मेमोरियल में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआइ) 20 दर्ज किया गया जिसे अच्छा माना जाता है, बालीगंज में 43 (अच्छा), रवींद्र सरोबर में 33 (अच्छा), और रवींद्र भारती विश्वविद्यालय में 51 (संतोषजनक) दर्ज किया गया।

उसने कहा कि बारिश शुरू होने से पहले तीन दिसंबर को सुबह नौ बजे विक्टोरिया मेमोरियल में एक्यूआई 185 (मध्यम), बालीगंज में 212 (खराब), रवींद्र सरोबार में 163 (मध्यम) और रवींद्र भारती विश्वविद्यालय में 307 (बहुत खराब) था। पर्यावरणविद् एसएम घोष ने कहा सकि कोलकाता के एक्यूआइ में अधिकतम 90 प्रतिशत और न्यूनतम 80 प्रतिशत सुधार शहर में चक्रवात के कारण हुई बारिश के बाद दर्ज किया गया। यह पिछले 40 वर्षों में दिसंबर के महीने में शहर के लिए एक रिकार्ड निचला स्तर था।

पश्चिम बंगाल प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (डब्ल्यूबीपीसीबी) के अध्यक्ष कल्याण रुद्र ने कहा कि एक्यूआइ में सुधार बहुत उत्साहजनक था और वायु प्रदूषण निश्चित रूप से सबसे कम था, और बेमौसम बारिश ने निश्चित ही इसमें भूमिका निभाई। हालांकि, उन्होंने कहा कि चार दशक पहले वास्तविक समय में वायु गुणवत्ता की निगरानी के लिए कोई तंत्र नहीं था।

Edited By Vijay Kumar

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