This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.
OK

West Bengal: अभिभाषण के इन बिंदुओं पर बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ को था एतराज!

West Bengal लगभग सवा पेज पर किसी का नाम लिए बिना हिंसा के लिए कुछ लोगों संगठनों को दोषी ठहराने दुष्प्रचार और राज्य के विभाजन की बातें करने वालों के खिलाफ लिखा गया है। शायद अभिभाषण के इसी सवा पेज पर राज्यपाल जगदीप धनखड़ को एतराज था।

Sachin Kumar MishraFri, 02 Jul 2021 09:29 PM (IST)
West Bengal: अभिभाषण के इन बिंदुओं पर बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ को था एतराज!

राज्य ब्यूरो, कोलकाता। बंगाल में नवगठित 17वीं विधानसभा के पहले सत्र में राज्यपाल के संबोधन के लिए ममता सरकार की तरफ से तैयार किए गए अभिभाषण में आखिर ऐसा क्या था, जिसे लेकर विवाद गहरा गया था। वैसे तो यह अभिभाषण चौदह पन्ने का है, जिसमें करीब साढ़े दस पन्नों में ममता सरकार ने अपने दस वर्षों के शासनकाल की उपलब्धियों का बखान किया है। वहीं, करीब पौने दो पेज पर विशिष्ट जनों के निधन पर शोक जताया है और लगभग सवा पेज पर किसी का नाम लिए बिना हिंसा के लिए कुछ लोगों, संगठनों को दोषी ठहराने, दुष्प्रचार और राज्य के विभाजन की बातें करने वालों के खिलाफ लिखा गया है। शायद अभिभाषण के इसी सवा पेज पर राज्यपाल जगदीप धनखड़ को एतराज था और उन्होंने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को पत्र लिखकर उसमें संशोधन की मांग की थी।

हालांकि, आधिकारिक रूप से इस पर न तो राजभवन और न ही राज्य सरकार की ओर से कुछ कहा गया कि आखिर अभिभाषण को लेकर विवाद की वजह क्या थी? खैर जो भी हो भाजपा के विरोध की वजह से राज्यपाल महज चार मिनट ही अभिभाषण दे सके। अभिभाषण के 12 व 13 नंबर पन्नों पर लिखा है-'बंगाल में चुनाव बाद हिंसा की जितनी भी घटनाएं हुईं, उस समय तक राज्य में कानून-व्यवस्था का दायित्व चुनाव आयोग के हाथों में था। लोकतांत्रिक पद्धति से निर्वाचित हुई नई सरकार ने दायित्व संभालने के बाद अविलंब, द्रुत गति व निष्पक्ष तरीके से हस्तक्षेप कर शीघ्र स्थिति को सामान्य किया। राजनीतिक पक्षपातपूर्ण विशेष श्रेणी के लोगों ने अपने स्वार्थ के लिए सरकार के खिलाफ दुष्प्रचार करने के उद्देश्य से फर्जी खबरें फैलाईं। फर्जी वीडियो प्रसारित किए और पूरी तरह मिथ्या तथ्यों का प्रचार किया। बंगाल देश का सबसे सुरक्षित राज्य है और कोलकाता सबसे सुरक्षित शहर। कोलकाता की छवि खराब करने के लिए राजनीतिक साजिश रची जा रही है। इस तरह के फर्जी वीडियो व पोस्ट के खिलाफ हमारी सरकार कठोर कदम उठा रही है। अब तक ऐसे 93 मामलों दर्ज किए जा चुके हैं और 477 इंटरनेट मीडिया पोस्ट बंद या फिर हटाया गया है। सियासी विश्लेषकों का कहना है कि राज्यपाल बंगाल में कानून व्यवस्था की स्थिति और चुनाव बाद हिंसा के खिलाफ लगातार मुखर रहे हैं, इसलिए ये विचार उनके होना असामान्य लगता है।

Edited By: Sachin Kumar Mishra

कोलकाता में कोरोना वायरस से जुडी सभी खबरे

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!