Republic Day2022: गणतंत्र दिवस परेड में सुभाष चंद्र बोस पर आधारित झांकी शामिल नहीं किए जाने पर नेताजी की पुत्री ने जताई नाराजगी

टीएमसी ने भी अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर केंद्र सरकार के खिलाफ साधा निशाना।अनीता ने कहा कि ऐसे समय जब गणतंत्र दिवस समारोह मेरे पिता की 125वीं जयंती के साथ होने जा रहा है उसमें उन पर आधारित झांकी को शामिल नहीं किया जाना अजीबोगरीब है।

Priti JhaPublish: Tue, 18 Jan 2022 08:52 AM (IST)Updated: Tue, 18 Jan 2022 08:54 AM (IST)
Republic Day2022: गणतंत्र दिवस परेड में सुभाष चंद्र बोस पर आधारित झांकी शामिल नहीं किए जाने पर नेताजी की पुत्री ने जताई नाराजगी

राज्य ब्यूरो, कोलकाता।दिल्ली में होने वाले गणतंत्र दिवस परेड में नेताजी सुभाष चंद्र बोस पर आधारित बंगाल की झांकी को शामिल नहीं किए जाने पर महान स्वतंत्रता सेनानी की पुत्री अनीता बोस फाफ ने नाराजगी जताई है। वहीं इस प्रकरण को लेकर तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर भाजपा की अगुआई वाली केंद्र सरकार पर निशाना साधा है।

अनीता ने कहा कि ऐसे समय जब गणतंत्र दिवस समारोह मेरे पिता की 125वीं जयंती के साथ होने जा रहा है, उसमें उन पर आधारित झांकी को शामिल नहीं किया जाना अजीबोगरीब है। इसकी कल्पना नहीं की जा सकती। पिछले साल कोलकाता के विभिन्न स्थानों पर नेताजी जयंती का धूमधाम से पालन किया गया था क्योंकि इसका बंगाल में होने जा रहे चुनावों से सरोकार था। इस साल कुछ नहीं हो रहा इसलिए निश्चित रूप से यह मसला पिछले साल जितना महत्वपूर्ण नहीं है।

नेताजी की 126वीं जयंती के पालन के लिए केंद्र सरकार की ओर से गठित की गई उच्च स्तरीय कमेटी पर बारे में अनीता ने कहा कि इस कमेटी से जुड़ने के लिए मुझसे कभी संपर्क नहीं किया गया। मैंने इस कमेटी की कभी कोई बैठक होती नहीं सुनी। मेरे लिए इस कमेटी का कोई अस्तित्व नहीं है। उन्होंने कहा कि उनके पिता की विरासत का राजनीतिक कारणों से अक्सर आंशिक तौर पर शोषण होता आया है। अनिता ने केंद्र सरकार से एक बार फिर जापान के रेनकोजी मंदिर में रखे हुए अवशेषों का डीएनए टेस्ट कराने के लिए कदम उठाने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि ऐसा होने से सच्चाई सामने आ जाएगी।

केंद्र सरकार बार-बार बंगाल के इतिहास, संस्कृति व गौरव का कर रही अपमान: टीएमसी

इस प्रकरण को लेकर टीएमसी ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए कहा है कि वह बार-बार बंगाल के इतिहास, संस्कृति और गौरव का अपमान कर रही है।

नेताजी सुभाष चंद्र बोस पर आधारित झांकी को खारिज करने से उसका पाखंड एक बार फिर सबके सामने आ गया है। उसके इस कृत्य को माफ नहीं किया जा सकता। दूसरी तरफ, त्रिपुरा के पूर्व राज्यपाल व भाजपा के वरिष्ठ नेता तथागत राय ने भी बंगाल की झांकी को गणतंत्र दिवस परेड में शामिल करने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखा है। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी इसे लेकर अपनी नाराजगी जाहिर कर चुकी हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को इस बाबत पत्र भी लिखा है। 

Edited By Priti Jha

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