आइसीपी पेट्रापोल के बाद अब आइसीपी घोजाड़ांगा में भी बीएसएफ ने 76 ट्रक चालकों के पास से फर्जी ड्राइविंग लाइसेंस किए जब्त

390 ट्रक ड्राइवरों में से 76 चालकों के पास से मिले जाली ड्राइविंग लाइसेंस। बीएसएफ ने इन सभी 98 ड्राइवरों की ड्राइविंग लाइसेंस को जब्त कर लिया है तथा इनके कार पास को कस्टम कार्यालय घोजाडंगा को सौंप दिया गया है।

Priti JhaPublish: Thu, 20 Jan 2022 08:09 AM (IST)Updated: Thu, 20 Jan 2022 08:18 AM (IST)
आइसीपी पेट्रापोल के बाद अब आइसीपी घोजाड़ांगा में भी बीएसएफ ने 76 ट्रक चालकों के पास से फर्जी ड्राइविंग लाइसेंस किए जब्त

राज्य ब्यूरो, कोलकाता। बंगाल में भारत- बांग्लादेश अंतरराष्ट्रीय सीमा पर तस्करी की गतिविधियों को जड़ से खत्म करने के लिए सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के दक्षिण बंगाल फ्रंटियर ने हाल में मुहिम छेड़ रखा है। दोनों देशों की सीमा पर स्थित इंटीग्रेटेड चेकपोस्टों (आइसीपी) के जरिए हाल के दिनों में तस्करी की गतिविधियों में वृद्धि के मद्देनजर निर्यात और आयात के मालों की आवाजाही की आड़ में विभिन्न सामानों की तस्करी में शामिल ट्रक ड्राइवरों की प्रामाणिकता की जांच के लिए बीएसएफ कुछ दिनों से औचक जांच अभियान चला रही है।

इसी क्रम में बीएसएफ ने आइसीपी पेट्रापोल के बाद अब उत्तर 24 परगना जिले में ही स्थित एक अन्य चेकपोस्ट आइसीपी-घोजाडंगा में बुधवार को जांच अभियान चलाकर ट्रक चालकों के पास से बड़ी संख्या में फर्जी ड्राइविंग लाइसेंस जब्त किए हैं। बीएसएफ की ओर से देर शाम एक बयान में बताया गया कि बुधवार को सुबह 9:30 बजे से दोपहर 3:30 बजे तक आइसीपी घोजाडंगा में निर्यात और आयात में लगे 390 ट्रक जैसे भारी वाहनों के ड्राइवरों के ड्राइविंग लाइसेंस की प्रामाणिकता की औचक जांच की गई, जिसमें 76 चालकों के पास से जाली लाइसेंस पाए गए हैं। साथ ही 22 ऐसे ड्राइवर पाए गए जिनके पास हल्के वाहन के ड्राइविंग लाइसेंस थे जबकि वो

गलत तरीके से इसका भारी वाहन के ड्राइविंग में इस्तेमाल कर बांग्लादेश जा रहे थे।

बीएसएफ ने इन सभी 98 ड्राइवरों की ड्राइविंग लाइसेंस को जब्त कर लिया है तथा इनके कार पास को कस्टम कार्यालय घोजाडंगा को सौंप दिया गया है। अधिकारियों ने बताया कि इसके अलावा बीएसएफ के दक्षिण बंगाल फ्रंटियर ने इस दिन अपनी जिम्मेदारी के अंतर्गत मालदा जिले में अंतरराष्ट्रीय सीमा पर स्थित मोहादीपुर, एलसीएस (लैंड कस्टम स्टेशन) पर भी औचक जांच अभियान चलाया, जिसमें एक ट्रक चालक के पास से फर्जी ड्राइविंग लाइसेंस पकड़ा गया। साथ ही तीन ऐसे ड्राइवर पाए गए जो कि हल्के वाहन के लाइसेंस पर भारी वाहन चलाकर आयात- निर्यात कर रहे थे। इन सभी लाइसेंस को बीएसएफ ने मालदा के इंग्लिश बाजार थाने में जमा कराकर इन चालकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के लिए एफआइआर दर्ज कराई है।

गौरतलब है कि इससे पहले 16 व 17 जनवरी को बीएसएफ ने उत्तर 24 परगना जिले में स्थित एशिया के सबसे बड़े इंटीग्रेटेड चेकपोस्ट (आइसीपी) पेट्रापोल में औचक जांच अभियान चलाकर ट्रक चालकों के पास से 82 जाली ड्राइविंग लाइसेंस जब्त किए थे। जिसके बाद हड़कंप मच गया था और इसके विरोध में ट्रक चालकों, निजी परिवहन कर्मियों व ट्रांसपोर्टरों ने वहां काम बंद कर दिया था जिससे दो दिनों तक इसके जरिए आयात- निर्यात तक ठप हो गया था। बुधवार को गतिरोध समाप्त होने के बाद आइसीपी पेट्रापोल के माध्यम से फिर से अंतरराष्ट्रीय व्यापार शुरू हुआ।

फर्जी ड्राइविंग लाइसेंस वाले ट्रक ड्राइवर को किसी कीमत पर बांग्लादेश जाने की नहीं देंगे अनुमति : बीएसएफ

इधर, दक्षिण बंगाल फ्रंटियर बीएसएफ के डीआइजी व प्रवक्ता सुरजीत सिंह गुलेरिया ने साफ शब्दों में कहा है कि फर्जी ड्राइविंग लाइसेंस वाले ड्राइवर को किसी भी कीमत पर ट्रक लेकर बांग्लादेश जाने की अनुमति नहीं दी जा सकती है क्योंकि ऐसे ड्राइवर फर्जी लाइसेंस के आधार पर सीमा शुल्क विभाग से पास प्राप्त करते हैं, मजबूरन जिसपर बीएसएफ ट्रकों को बांग्लादेश के अंदर जाने की अनुमति देता है।

बीएसएफ अधिकारी का कहना है कि इन अवैध कृत्यों से राष्ट्र की सुरक्षा के साथ भी समझौता हो सकता है। बयान में कहा गया कि बीएसएफ दो पड़ोसी देशों के बीच सीमा पार व्यापार में कोई बाधा पैदा नहीं करना चाहती है लेकिन इस संबंध में नियमों का पालन किया जाएगा। उन्होंने आगे स्पष्ट कहा कि वे अपने इलाके से किसी भी प्रकार की तस्करी नहीं होने देंगे। 

Edited By Priti Jha

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