'बंगाल सफारी' से निकला पहला 'अग्निवीर', केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे ने कहा-'अग्निपथ' से प्रेरित होकर उठाया कदम

राज्यमंत्री अश्विनी कुमार चौबे अंतरराष्ट्रीय योग दिवस समारोह में भाग लेने के लिए दो दिन पहले सिक्किम की राजधानी गंगटोक आए थे। वहां से लौटने के क्रम इस दिन वह बंगाल सफारी भी गए और उपरोक्त कार्यों को अंजाम दिया। वहीं पर्यावरण संरक्षण का भी संदेश दिया।

Sumita JaiswalPublish: Thu, 23 Jun 2022 07:56 PM (IST)Updated: Thu, 23 Jun 2022 08:14 PM (IST)
'बंगाल सफारी' से निकला पहला 'अग्निवीर', केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे ने कहा-'अग्निपथ' से प्रेरित होकर उठाया कदम

सिलीगुड़ी, जागरण संवाददाता। केंद्रीय पर्यावरण, वन व जलवायु परिवर्तन तथा उपभोक्ता मामले, खाद्य व सार्वजनिक वितरण राज्यमंत्री अश्विनी कुमार चौबे (Minister Ashwini Chaubey) ने अनूठी मिसाल पेश की है। उन्होंने सिलीगुड़ी के निकट सेवक रोड के पांच माइल स्थित नार्थ बंगाल वाइल्ड एनिमल्स पार्क (Bengal Safari) में एक रायल बंगाल टाइगर (Royal Bengal Tiger) को गोद लिया है। किसी के भी द्वारा किसी भी जानवर को गोद लेने की बंगाल सफारी की योजना का लाभ उठाते हुए मंत्री ने ऐसा किया है। इसके लिए उन्होंने बुधवार को बंगाल सफारी को चेक के माध्यम से दो लाख रुपये का भुगतान किया है। अपने द्वारा गोद लिए हुए रायल बंगाल टाइगर का नाम उन्होंने 'अग्निवीर' (Agniveer) रखा है। इस बाबत उन्होंने कहा कि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) की महत्वाकांक्षी योजना 'अग्निपथ' (Agnipath) से प्रेरित हो कर ही उन्होंने यह कदम उठाया है।

इस दिन उन्होंने बंगाल सफारी का निरीक्षण भी किया। मंत्री अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के एक समारोह में भाग लेने के लिए दो दिन पहले सिक्किम की राजधानी गंगटोक आए थे। वहां से लौटने के क्रम इस दिन वह बंगाल सफारी भी गए और उपरोक्त कार्यों को अंजाम दिया। वहीं, पर्यावरण संरक्षण का भी संदेश दिया। कहा कि, 'मैंने केदारनाथ धाम में प्रकृति का रौद्र रूप देखा है। प्रकृति के संरक्षण के लिए सभी को जागरूक रहना चाहिए। ताकि इस तरह की घटनाएं न हो। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व व मार्गदर्शन में केंद्र सरकार ने जीव जंतुओं के संरक्षण के लिए व्यापक कदम उठाए हैं। आजादी के अमृत महोत्सव के अवसर पर लोगों में जागरूकता के साथ केदारनाथ त्रासदी के हुतात्माओं की याद में टाइगर को गोद लिया।'

उन्होंने कहा कि पर्यावरण संतुलन में जीव जंतुओं की प्रमुख भूमिका है। उनका संरक्षण जरूरी है। इसके लिए लोगों को नियमित रूप से जागरूक करते रहने की भी जरूरत है। इस मौके पर मौजूदा अधिकारियों को 'जीव जंतु गोद अभियान' के  बारे में जागरूकता अभियान नियमित रूप से चलाने के लिए निर्देशित किया।  केंद्रीय राज्यमंत्री  ने बंगाल सफारी के निरीक्षण के दौरान जीव जंतुओं के रख रखाव से भी अवगत हुए। उन्होंने गोद लिए टाइगर के रखरखाव पर होने वाले खर्च दो लाख रुपये का भुगतान आनलाइन के माध्यम से किया। मंत्री चौबे ने बंगाल सफारी में पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का भी संदेश दिया। इस मौके पर पीसीसीएफ पश्चिम बंगाल सौमित्र दास गुप्ता ने कहा कि केंद्रीय राज्यमंत्री चौबे द्वारा टाइगर को गोद लेने से अन्य प्रेरित होंगे। बंगाल सफारी निरीक्षण के दौरान आइजी आइआरओ कोलकाता सोमा दास, डीएफओ वाइल्ड लाइफ दार्जिलिंग हरीश समेत अन्य लोग मौजूद थे।

Edited By Sumita Jaiswal

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