-सिक्किम विस सत्र में तीन विधेयक पारित

तीन दिवसीय विस सत्र का समापन -करमापा का सिक्किम भ्रमण पूर्ववर्ती सरकार की रिपोर्ट पर रूका था

JagranPublish: Wed, 08 Dec 2021 09:57 PM (IST)Updated: Wed, 08 Dec 2021 09:57 PM (IST)
-सिक्किम विस सत्र में तीन विधेयक पारित

तीन दिवसीय विस सत्र का समापन

-करमापा का सिक्किम भ्रमण पूर्ववर्ती सरकार की रिपोर्ट पर रूका था :मुख्यमंत्री

संवाद सूत्र, गंगटोक: सिक्किम विधानसभा का तीन दिवसीय अधिवेशन बुधवार को संपन्न हुआ। विधानसभा अध्यक्ष एलबी दास द्वारा संचालित अधिवेशन में तीन विधेयक सर्वसम्मति के साथ पारित किए गये। अधिवेशन में मंत्रिमंडल के सदस्य, भाजपा के विधायक और सत्तारूढ़ के विधायकों ने विभिन्न विषयों पर बहस और चर्चा की।

सदन में धन्यवाद ज्ञापन रखते हुए सदन के नेता मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तामाग (पीएस गोले) ने राज्य के नागरिकों को कोविड-19 से सतर्क रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि कोविड-19 घातक है, सतर्कता बरतनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने सदन में तीनों विधेयक पारित होने पर गर्व करते हुए विधेयक के चर्चे में शामिल सब को धन्यवाद दी। भाजपा विधायकों के द्वारा रखे गए वक्तव्यों का स्पष्टीकरण देते हुए मुख्यमंत्री गोले ने सदन में कहा कि राज्य सरकार सिक्किम विधानसभा में लिंबू तामाग आसन आरक्षण और जनजाति मान्यता से वंचित 12 जाति को जनजाति बनाने की माग को लेकर लगातार केंद्र सरकार से पत्राचार कर रही है। उन्होंने सदन को बताया कि इस पर देश के प्रधानमंत्री और गृह मंत्री भी सकारात्मक। उन्होंने करमापा मुद्दे पर कहा इस मुद्दे पर भी केंद्र सरकार सकारात्मक है। करमापा विदेश में होने के कारण उनका आगमन में समस्या है। लेकिन राज्य सरकार ने करमापा को लेकर एक करोड़ की धनराशि आवंटित किया है। इसके साथ ही राज्य सरकार ने एक समिति गठन भी किया है कहा।

बेरोजगारी समस्या को लेकर मुख्यमंत्री गोले ने कहा कि राज्य सरकार ने विभिन्न विभाग में वैकेंसी क्त्रिएट करते हुए एसपीएससी के माध्यम से अंतरवार्ता आयोजित कर रोजगार प्रदान किया जा रहा है। दूसरी ओर स्किल युवाओं के लिए सब्सिडी में ऋण प्रदान कर उन्हें प्रोत्साहित किया जा रहा है। राज्य सरकार ने ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देते हुए एक हजार होम स्टे योजना निर्माण का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री ने एमजी मार्ग की घटना को संबोधित करते हुए कहा कि एमजी मार्ग में जो घटना हुआ है उस पर राज्य सरकार की नजर है, इस पर ध्यान दिया गया है। इसके अलावा उन्होंने सदन को जानकारी दी है कि राज्य में अपराधिक घटना में कमी आई है। उन्होंने आकड़ा प्रस्तुत करते हुए कहा कि साल 2019 के बाद राज्य में क्त्राइम रेट सात प्रतिशत घटा है। नशीली पदाथरें के सेवन करने वाले सरकारी कर्मचारियों पर मुख्यमंत्री गोले ने कहा कि ड्रग्स सेवन करने वाले कर्मचारियों पर साडा और एनडीपीएस के तहत कार्यवाही किया जा रहा है। उन्होंने राज्य में ड्रग की बिक्री में कमी आई है। पाच विदेशी नागरिकों के बारे में बोलते हुए राज्य में पाच विदेशी नागरिकों की जो बात हो रही है उन पर भी कानूनी कारवाही किया जाएगा, सदन को जानकारी दी। जैविक खेती पर मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान सरकार ने पूर्व सरकार के अच्छे योजनाओं को निरंतरता दी है। पूर्व सरकार ने जो भी अच्छा काम किया है उसे वर्तमान सरकार ने कभी अनदेखा नहीं किया। लिंबू तामाग सीट आरक्षण पर मुख्यमंत्री गोले ने कहा कि साल 2006 में मैं पूर्व सरकार में था लेकिन डिलिमिटेशन समिति में नहीं था। उस समय राज्य सरकार को डिलिमिटेशन कमिशन ने लिंबू तामाग आसन आरक्षण विषय में पत्राचार किया गया था लेकिन तत्कालीन सरकार ने इसका उत्तर नहीं दिया था। मुख्यमंत्री गोले ने करमापा मुद्दे पर कहा कि पूर्व सरकार के कार्यकाल में 1995 में राव कमिशन के रिपोर्ट के आधार पर करमापा को सिक्किम भ्रमण में प्रतिबंध लगाया गया था। इसी रिपोर्ट के कारण साल 2018 तथ करमापा सिक्किम नहीं आ पाए। केंद्र सरकार ने जब उनको मार्च 2018 में सिक्किम भ्रमण की अनुमति दी तब भी एसडीएफ सरकार था। उन्होंन सदन को बताया कि करमापा पर एसडीएफ सरकार की रिपोर्ट के मुताबिक राज्य में प्रतिबंध लगाया गया था। फिर मई 2019 तक एसडीएफ पार्टी सत्ता में था उस समय करमापा को सिक्किम भ्रमण के लिए क्या किया उन्होंन प्रश्न किया।

ओएनओआरसी पर बोलते हुए मुख्यमंत्री गोले ने कहा कि ओएनओआरसी से इनफ्लक्स का बढ़ोत्तरी होना असंभ है। उन्होंने सदन को जानकारी दी है कि पूर्व सरकार में गैर कानूनी रूप से राशन कार्ड बनाया गया था। ओएनओआरसी एक केंद्रीय योजना है जो भ्रष्टाचार चेक करने का माध्यम है। इसके साथ ही गैर कानूनी राशन कार्ड भी नहीं बनाया जा सकता है। उन्होंने बाहर से काम करने आ रहे श्रमिकों की आकड़ा तैयार किया जा रहा है कहा। उन्होंने जानकारी दी है कि राज्य में केवल भारतीय श्रमिक ही काम कर पाते है।

शिक्षकों के संबंध में मुख्यमंत्री गोले ने कहा कि राज्य में स्थायी और अस्थायी कर कुल दस हजार शिक्षक कार्यरत है। फिलहाल जो समस्या है वो पूर्व सरकार के कारण है। पूर्व सरकार की चुनावी प्रवृत्ति के कारण यह समस्या है। उन्होंने सदन को जानकारी दी है कि इसे समाधान करने के लिए राज्य सरकार ने नई नीति तैयार किया है, जिसके तहत 8 साल तक अस्थायी रूप में शिक्षक रहे लोग स्वत: स्थायी होंगे। मुख्यमंत्री गोले ने राज्य के रिक्त स्थानों को पूर्ण करने के लिए अंतरवार्ता किया जा रहा है कहा। सुस्वास्थ्य बीमा योजना के बारे में बोलते हुए मुख्यमंत्री गोले ने कहा कि यह एक अच्छी योजना है। जिसके तहत 30 लाख तक का उपचार हो जाएगा। सरकारी कर्मचारियों के लिए तैयार यह योजना कर्मचारियों के लिए फायदेमंद है। उन्होंने सदन को जानकारी दी है कि यह योजना राज्य सरकार ने लागू भी नहीं किया है और हटाया भी नहीं है। इसके लिए कर्मचारियों का पैसा नहीं काटा गया है।

विधानसभा के अंतिम दिन विधानसभा अध्यक्ष एलबी दास ने सभी सदस्यों को धन्यवाद दिया। इसके साथ ही उन्होंने सिक्किम विधानसभा अनिश्चित काल तक के लिए स्थगित होने की जानकारी दी।

Edited By Jagran

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.Accept