शहर की जीवन रेखा महानंदा की सफाई की गई

शहर की जीवन रेखा महानंदा की सफाई की गई

JagranPublish: Sun, 21 Nov 2021 10:12 PM (IST)Updated: Sun, 21 Nov 2021 10:12 PM (IST)
शहर की जीवन रेखा महानंदा की सफाई की गई

जागरण संवाददाता, सिलीगुड़ी: सिलीगुड़ी की जीवन रेखा मानी जाने वाली महानंदा नदी को संरक्षित करना समय की जरूरत है। वार्ड नंबर 5 के संतोषी नगर इलाके में रविवार को महानंदा नदी की सफाई की गयी। समाज के जागरूक लोगों ने अपने कर्तव्य बोध के चलते सफाई अभियान चलाया। नदी के किनारे व बीचों बीच पड़े पॉलिथीन, कपड़ा व अन्य तरह के सामग्री को बाहर निकालकर उसे कूड़ेदान तक पहुंचाया। बताते चले कि प्रत्येक रविवार को संतोषी नगर नवयुवक वृंद क्लब व समाज के प्रबुद्ध नागरिकों की मदद से अभियान चलाया जाता है। उल्लेखनीय है कि महानंदा नदी कर्सियांग के महानदी से निकलती है। समतल में आकर यह बालासन नदी से मिलकर विस्तार ले लेती है। शिवखोला, सिलीगुड़ी, उत्तर दिनाजपुर, किशनगंज, पूर्णिया, कटिहार, मालदा, बांग्लादेश के पंचगढ़ व नबागंज, गोदागिरी तक पहुंचती है। गंगा की तरह ही हिमालयन रेंज से निकलने वाली यह नदी है। महानंदा नदी सिलीगुड़ी शहर के घनी आबादी के बीच होकर गुजरती है, जहां बस्ती में बसे लोगों द्वारा इसमें कूड़ा-कचरा डाल दिया जाता है। इतना ही नहीं पूरे शहर की गंदगी किसी न किसी रूप में नदी में आकर गिरती है। पहाड़ से निकलते समय महानंदा नदी साफ -सूथरी होती है, लेकिन जैसे -जैसे यह समतल में आती है गंदी होती चली जाती है। शहरी क्षेत्र में अतिक्रमण के चलते यह सिकुड़ गई है। हालांकि समय -समय पर नदी के संरक्षण को लेकर लगातार प्रयास किए जाते रहे हैं। पिछले कुछ समय से सामाजिक स्तर पर नदी को साफ रखने की दिशा में चेतना भी आई है। दो दिन पहले ही महानंदा के तट पर देव दीपावली मनाते हुए नदी की आरती की गई तथा इसके संरक्षण की शपथ ली गई।

Edited By Jagran

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