'बंगाल सफारी' ने पूरे किए पांच साल, मनी सालगिरह

-कोरोना के कारण छोटे स्तर पर हुआ आयोजन -विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेता हुए सम्मानित

JagranPublish: Fri, 21 Jan 2022 07:28 PM (IST)Updated: Fri, 21 Jan 2022 07:28 PM (IST)
'बंगाल सफारी' ने पूरे किए पांच साल, मनी सालगिरह

-कोरोना के कारण छोटे स्तर पर हुआ आयोजन

-विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेता हुए सम्मानित

जागरण संवाददाता, सिलीगुड़ी :

शहर से थोड़ी दूर बैकुंठपुर अंतर्गत महानंदा वन्य अभ्यारण्य में विकसित किए गए नॉर्थ बंगाल वाइल्ड एनिमल्स पार्क 'बंगाल सफारी' ने अपनी स्थापना के पांच साल पूरे कर लिए हैं। इस खुशी में 'बंगाल सफारी' की पांचवीं सालगिरह यानी छठा स्थापना दिवस शुक्रवार 21 जनवरी को मनाया गया। इसे लेकर इस दिन एक समारोह आयोजित किया गया। हालांकि, कोरोना वायरस संक्रमण (कोविड-19) सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत इसे छोटे स्तर पर ही मनाया गया। इस अवसर पर बंगाल सफारी के उत्कृष्ट कर्मियों उल्लेखनीय कार्यो हेतु एवं समय-समय पर आयोजित की जाने वाली विभिन्न प्रतियोगिताओं के उत्कृष्ट प्रतियोगियों को पुरस्कृत किया गया। वहीं, वहां के कुछ-कुछ पशुओं को गोद लेने वाले लोगों को प्रमाण पत्र भी प्रदान किया गया। इसके साथ ही हिदी, बांग्ला, नेपाली, आदिवासी गीत-संगीत व नृत्य भरे छोटे से सांस्कृतिक कार्यक्रम का भी खूब रंग जमा।

इस समारोह में 'बंगाल सफारी' की निदेशक दावा शांग्मू शेर्पा ने जहां सबका स्वागत किया वहीं वक्तव्य रखते हुए बंगाल सफारी के विविध पहलुओं को भी रेखांकित किया। मुख्य अतिथि के रूप में अतिरिक्त प्रधान मुख्य वन संरक्षक उज्ज्वल घोष ने बहुत कम समय में बंगाल सफारी के बहुत अधिक लोकप्रिय होने पर हर्ष व्यक्त किया। उन्होंने इसके विकास में पूरी सक्रियता से कार्य करने वाले सभी अधिकारियों व कर्मचारियों के कार्यो एवं आम लोगों के प्यार को भी खूब सराहा। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रूप में बंगाल सफारी के निवर्तमान निदेशक बादल देवनाथ, उत्तर बंगाल के मुख्य वन सरंक्षक (वन्य प्राण) राजेंद्र जाखड़ व अन्य कई सम्मिलित रहे। बंगाल सफारी सहायक निदेशक अनुराधा राई ने धन्यवाद ज्ञापन किया। पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र

उल्लेखनीय है 297 एकड़ वन क्षेत्र में फैले बंगाल सफारी का उद्घाटन 22 जनवरी 2017 को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने किया था। इस विशाल फॉरेस्ट पार्क में रॉयल बंगाल टाइगर, तेंदुआ, हिमालयी भालू, गैंडा, हाथी, जंगली सूअर, बंदर, गौर, सांभर, तरह-तरह के हिरण, जंगली बिल्ली, मगरमच्छ, घड़ियाल, जंगली मुर्गा-मुर्गी व तरह-तरह के पक्षियों की चहल-पहल का आनंद उठाया जा सकता है। सबसे अहम यह कि, इस बंगाल सफारी में आम पर्यटक वाहन में बंद रह कर जंगल में विचरते जंगली पशुओं को देखने का आनंद उठाते हैं। इन दिनों कोरोना संबंधी प्रतिबंधों के मद्देनजर फिलहाल यह पार्क आम पर्यटकों के लिए बंद है। मगर, आम दिनों में सुबह से शाम तक यहां सैलानियों की भारी भीड़ उमड़ती है।

Edited By Jagran

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