हवा में नियम, दौड़ रहे ओवरलोड वाहन

संवाद सहयोगी कोटद्वार भले ही यातायात पुलिस व परिवहन विभाग ओवरलोड वाहनों पर लगाम लगाने क

JagranPublish: Wed, 19 Jan 2022 05:31 PM (IST)Updated: Wed, 19 Jan 2022 05:31 PM (IST)
हवा में नियम, दौड़ रहे ओवरलोड वाहन

संवाद सहयोगी, कोटद्वार : भले ही यातायात पुलिस व परिवहन विभाग ओवरलोड वाहनों पर लगाम लगाने की बात कह रहा हो। लेकिन, हकीकत यह है कि शहर की सड़कों पर दौड़ रहे ओवरलोड वाहन आमजन के लिए मुसीबत बने हुए हैं। राष्ट्रीय राजमार्ग के साथ ही मुख्य सड़कों पर दौड़ रहे वाहन कब, किसकी जिंदगी पर भारी पड़ जाएं, कुछ कहा नहीं जा सकता। पूर्व में हुए हादसों के बाद भी जिम्मेदार सिस्टम सुध लेने को तैयार नहीं है।

वर्ष 2018 में नैनीडांडा प्रखंड के अंतर्गत धुमाकोट-भौन मोटर मार्ग पर हुई बस दुर्घटना में चालीस से अधिक सवारियों की मौत हो गई। हादसे के बाद शासन स्तर से ओवरलोड वाहनों के खिलाफ अभियान चलाने का आदेश जारी किया गया था। आदेशानुसार, चेकिंग में पकड़े जाने पर ओवरलोड वाहन चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस निरस्त करने और उन पर भारी जुर्माना लगाया जाना था। बाकायदा इस संबंध में उच्च न्यायालय ने भी अधिकारियों को सख्ती बरतने के निर्देश जारी किए थे। लेकिन, कुछ दिन धरातल पर सख्ती दिखाने के बाद सरकारी सिस्टम गहरी नींद में सो गया।

हालत यह है कि सड़कों पर दौड़ रहे ओवरलोड वाहनों से हर समय दुर्घटनाओं का अंदेशा बना रहता है। कई बार शहर की गलियों में भी यह वाहन दौड़ते हुए आसानी से देखे जा सकते हैं। कुछ दिन पूर्व कौड़िया-मोटाढांक क्षेत्र में निर्माण सामग्री लेकर आ रहा एक ओवरलोड छोटा हाथी वाहन आटो से टकरा गया था, जिसमें आटो सवार एक व्यक्ति की मौत हो गई थी। हादसों के बाद भी सरकारी सिस्टम की लापरवाही से क्षेत्रवासियों में रोष बना हुआ है।

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इन स्थानों पर है समस्या

शहर के मुख्य बाजार के साथ ही राष्ट्रीय राजमार्ग पर ओवरलोड वाहनों की समस्या बनी हुई है। सुबह व शाम के समय सबसे अधिक ओवरलोड वाहन संचालित होते हैं। सबसे अधिक समस्या बदरीनाथ मार्ग, पटेल मार्ग, झंडाचौक देवी रोड, पदमपुर, कौड़िया-मोटाढांक के साथ ही भाबर क्षेत्र की कई सड़कों पर बनी हुई है। वहीं, सड़क किनारे खड़े भारी वाहन भी शहरवासियों के लिए मुसीबत बने हुए हैं। ऐसे में शहर की यातायात व्यवस्था भी बेपटरी होती जा रही है।

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यातायात पुलिस की टीम क्षेत्र में लगातार गश्त करती है। ओवरलोडेड वाहनों के खिलाफ चालान की कार्रवाई की जाती है। कई मर्तबा वाहनों को सीज भी किया जाता है।

..वैभव कुमार सैनी, पुलिस उपाधीक्षक (यातायात)

Edited By Jagran

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