नैनीताल जिले की दो सीटों पर भाजपा कांग्रेस ने अब नहीं तय किए नाम, जानें क्या बन रहे हैं सियासी समीकरण

उत्तराखंड और कांग्रेस ने विधासभा चुनाव के लिए अपनी पहली सूची जारी कर दी है। लेकिन दोनों ही दलों ने नैनीताल जिले में कुछ सीटों पर अभी प्रत्याशियों की घोषणा नहीं की है। इन सीटों पर सभी दावेदार अपना टिकट कन्फर्म मान रहे हैं।

Skand ShuklaPublish: Mon, 24 Jan 2022 12:27 PM (IST)Updated: Mon, 24 Jan 2022 12:27 PM (IST)
नैनीताल जिले की दो सीटों पर भाजपा कांग्रेस ने अब नहीं तय किए नाम, जानें क्या बन रहे हैं सियासी समीकरण

जागरण संवाददाता, हल्द्वानी : नामांकन के महज चार दिन हैं, मगर अभी भी कई क्षेत्रों के प्रत्याशियों के नाम तय नहीं हैं। जिले में भाजपा ने दो और कांग्रेस ने तीन सीटों पर प्रत्याशी तय नहीं किए हैं। प्रचार को लेकर सन्नाटा पसरा है। दोनों दलों के दावेदार बांहें समेटे हुए हाईकमान पर निगाहें लगाए हुए हैं। हर कोई खुद को टिकट मिलने को लेकर आश्वस्त दिख रहा है।

भाजपा ने 20 जनवरी को जिले की छह में से चार सीटों और कांग्रेस ने 22 जनवरी को तीन सीटों पर प्रत्याशियों के नाम की घोषणा कर दी थी। बाकी सीटों पर बगावत की आशंका और अपने खास को प्रत्याशी बनाए जाने का पेच फंस गया है। पार्टी नेतृत्व मंथन में जुटा हुआ है। पार्टी के अंदर ही चर्चा है कि भाजपा में सर्वे व रायशुमारी से इतर भी टिकट दिए जाने पर विचार हो रहा है। अगर यही आधार होता तो अभी तक प्रत्याशी के नाम की घोषणा भी हो चुकी होती। कांग्रेस में भी यही हाल है।

हल्द्वानी में भाजपा के छह से अधिक दावेदार पूरा मन बनाए हुए हैं। इसके अलावा कालाढूंगी व लालकुआं विधानसभा सीट पर प्रत्याशी न बनाए जाने वाले दावेदारों के नाम की चर्चा भी हल्द्वानी सीट पर होने लगी है। इसे लेकर भी असमंजस पैदा हो गया है। धुकधुकी बढ़ी है। इधर, इस सीट से कांग्रेस के प्रत्याशी सुमित हृदयेश चुनाव प्रचार की रणनीति में जुट गए हैं। लालकुआं में कांग्रेस व भाजपा एक-दूसरे पर निगाहें टिकाए हुए हैं। इस सीट पर कांग्रेस में बगावत की आशंका ज्यादा है। कभी हरीश चन्द्र दुर्गापाल का नाम चर्चा में है तो कभी हरेन्द्र बोरा व संध्या डालाकोटी का।

वहीं भाजपा में कई नाम सियासी फिजा में तैर रहे हैं। कोई वरिष्ठ नेता का रिश्तेदार है तो कोई किसी दूसरे नेता का करीबी। अन्य तमाम समीकरण भी हैं, जिसकी वजह से पार्टी नामांकन प्रक्रिया शुरू होने पर भी प्रत्याशी चयन नहीं कर सकी है। रामनगर में कांग्रेस का हाल जगजाहिर है। वहां पर खुलकर दो गुट आमने-सामने हैं। इन सभी सीटों के दावेदार ठंड के मौसम में भी बांहें समेटे हुए हाईकमान पर निगाहें गढ़ाए हुए हैं।

Edited By Skand Shukla

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