उत्तराखंड चुनाव 2022: भाजपा प्रत्‍याशि‍यों की पहली सूची जारी होने के बाद कुमाऊं की इन सीटों पर उभरें बगावत के सुर

उत्तराखंड चुनाव 2022 भाजपा टिकटों की पहली सूची जारी कर दी है। जिसके बाद कुमाऊं में दो सीटों पर दावेदार निर्दल लडऩे की तैयारी का एलान कर चुके हैं। द्वाराहाट सीट से पार्टी के जिला उपाध्यक्ष कैलाश भट्ट और किच्छा सीट से अजय तिवारी ने तेवर दिखाए हैं।

Skand ShuklaPublish: Fri, 21 Jan 2022 07:59 AM (IST)Updated: Fri, 21 Jan 2022 07:59 AM (IST)
उत्तराखंड चुनाव 2022: भाजपा प्रत्‍याशि‍यों की पहली सूची जारी होने के बाद कुमाऊं की इन सीटों पर उभरें बगावत के सुर

जागरण टीम, हल्द्वानी : उत्तराखंड चुनाव 2022: भाजपा की ओर से टिकटों की पहली सूची घोषित होते ही कुमाऊं में दो सीटों पर दावेदार निर्दल लडऩे की तैयारी का एलान कर चुके हैं। वहीं दो सीटों पर दावेदार समर्थकों पर निर्णय छोडऩे की बात कहते हुए असमंजस की स्थिति में हैं। द्वाराहाट सीट से पिछले दो विधानसभा चुनाव में दावेदारी पेश कर चुके पार्टी के जिला उपाध्यक्ष कैलाश भट्ट ने टिकट कटने पर बगावती तेवर अपना लिए हैं। भट्ट के साथ ही उनकी समर्थकों ने इसे उपेक्षा करार देते हुए निर्दलीय चुनाव लडऩे का ऐलान कर दिया है।

पूर्व प्रदेश पार्षद रह चुके कैलाश की ओर से बगावत के अंदेशा जिला स्तरीय पदाधिकारियों को पहले से था। भट्ट ने कहा कि अंतिम क्षण में धोखा हुआ। मन आहत है। सैकड़ों कार्यकर्ताओं के फोन आ गए हैं। चुनाव लडऩे के लिए सभी दबाव दे रहे। दिल्ली से वापस लौट रहा हूं। शुक्रवार को द्वाराहाट में कार्यकर्ताओं की बैठक बुलाई है। इसमें निर्दलीय मैदान में उतरने की घोषणा कर दी जाएगी। वहीं किच्छा विधानसभा सीट से अजय तिवारी ने बगावती तेवर दिखाए हैं। राजेश शुक्ला को टिकट दिए जाने से अजय तिवारी के समर्थकों ने इंटरनेट मीडिया पर अजय की फोटो के साथ निर्दल चुनाव लडऩे की बात वायरल कर दी है।

अजय ने कहा कि किच्छा में 10 साल से संगठन व जनता की सेवा के लिए काम किया था। बहुत उम्मीद थी कि इस बार टिकट उन्हें मिलेगा। संगठन के सर्वे में उन्हें आगे दिखाया गया था। समर्थक उन्हें निर्दल चुनाव लड़ाना चाहते हैं। वह समर्थकों की वजह से ही हैं। शुक्रवार को दोपहर में समर्थकों के साथ बैठक कर निर्णय लिया जाएगा। पिथौरागढ़ जिले की गंगोलीहाट सीट से मौजूदा विधायक मीना गंगोला का टिकट कटा है। इसके बाद से मीना एवं उनके स्वजन फोन नहीं उठा रहे हैं। 2017 से पूर्व मीना गंगोला कांग्रेस में थी। तब कांग्रेस से टिकट नहीं मिलने पर भाजपा का दामन थामा। फिलहाल फकीर राम को प्रत्याशी बनाए जाने के बाद मीना मौन हैं।

शुक्रवार को मीना ने समर्थकों की बैठक बुलाई गई है। इसमें मीना अपने पत्ते खोलेंगी। मीना के गांव टुपरौली सहित आसपास के गांवों की महिला मंगल दलों ने एक संयुक्त पत्र बना कर मुख्यमंत्री को भेजा है। जिसमें कहा गया है कि पार्टी ने एक आम महिला को टिकट नहीं देकर महिला वर्ग की उपेक्षा की है। इधर, नैनीताल सीट से सरिता को टिकट दिए जाने के बाद से हेम आर्य भी खुलकर प्रतिक्रिया नहीं दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि टिकट की उम्मीद थी। शुक्रवार को समर्थकों की बैठक के बाद आगे की रणनीति तय करूंगा।

Edited By Skand Shukla

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.Accept