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एक किलो चिकन नहीं गुलदार को चाहिए जिंदा कुत्ते

आबादी में आतंक मचा रहे गुलदार को कैद करने के लिए वन विभाग की पूरी उम्मीद पिजड़ों पर टिकी है।

By JagranEdited By: Published: Tue, 07 Jul 2020 03:47 AM (IST)Updated: Tue, 07 Jul 2020 06:15 AM (IST)
एक किलो चिकन नहीं गुलदार को चाहिए जिंदा कुत्ते
एक किलो चिकन नहीं गुलदार को चाहिए जिंदा कुत्ते

जागरण संवाददाता, हल्द्वानी: आबादी में आतंक मचा रहे गुलदार को कैद करने के लिए वन विभाग की पूरी उम्मीद पिंजड़ों पर टिकी है। गुलदार को लालच देने के लिए मुर्गे का मांस भी रखा गया है, मगर इस वन्यजीव की दिलचस्पी इस एक किलो चिकन को लेकर बिलकुल भी नहीं। देवलचौड़ में वह रोजाना कुत्तों का शिकार कर अपना पेट भर रहा है। पालतू से लेकर अवारा कुत्ते भी गायब हो रहे हैं। जिस वजह से लोगों की दहशत और बढ़ रही है।

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बजूनियाहल्दू, सोनकोट, शीशमहल, गौलापार से देवलचौड़ तक गुलदार ने लोगों को डरा रखा है। सोनकोट में वह ट्रैप कैमरा में तो दिखा लेकिन पिंजड़े से दूरी बना ली। वहीं, देवलचौड़ में विभाग ने दो पिंजड़े लगाकर गुलदार के कैद होने की उम्मीद लगा रखी है। इसमें मुर्गे के मांस का टुकड़ा भी लगा रखा है। गुलदार अक्सर ओपन यूनिवर्सिटी की दीवार से लेकर खेत में मूवमेंट कर रहा है, लेकिन सात दिन से लगे पिंजड़े के पास भटका तक नहीं। ग्रामीणों का कहना है कि रोज जिंदा शिकार करने वाला गुलदार मांस के टुकड़े खाने नहीं जाएगा। वहीं, बरेली रोड स्थित श्रीपुरम इलाके में बीते शनिवार को गुलदार देखे जाने को लेकर भी चर्चा रही। पूछने पर रेंजर उमेश चंद्र आर्य ने बताया कि फिलहाल किसी स्थानीय ने शिकायत नहीं की है। लोगों का डर खत्म करने को गुलदार का पकड़ा जाना बेहद जरूरी है। अंधेरा होने के बाद दहशत का माहौल बन जाता है। खेतों से लेकर दीवारों तक में वह दिखाई दे रहा है।

नीरज जोशी, स्थानीय युवक वन विभाग को गुलदार की तरह लोगों की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर होना पड़ेगा। अधिकारी ग्रामीणों की शिकायत को तवज्जों नहीं दे रहे। जिससे और दिक्कत खड़ी होगी।

पंकज बोरा, बीडीसी मेंबर


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