नैनीताल के नालों से जा रहे कूड़े और सीवर से प्रदूषित हो रही नैनी झील

बीते दिनों हुई बारिश के बाद भारी मात्रा में कूड़ा झील में समा गया। वही कई क्षेत्रों में ओवरफ्लो हुआ सीवर भी झील के पानी को दूषित कर रहा है। जिसका संबंधित विभाग निस्तारण करते नही दिख रहे।

Prashant MishraPublish: Sat, 09 Jan 2021 11:50 AM (IST)Updated: Sat, 09 Jan 2021 11:50 AM (IST)
नैनीताल के नालों से जा रहे कूड़े और सीवर से प्रदूषित हो रही नैनी झील

जागरण संवाददाता, नैनीताल : एक ओर शहर को साफ सुथरा रखने के लिए तमाम संस्थाएं समय समय पर स्वच्छ्ता अभियान चला रही है। नगर पालिका समेत अन्य विभाग शहर को कचरा विहीन बनाने में भरसक प्रयास करने के दावे कर रहे है। इसके उलट झील में समा रहा कूड़ा और सीवर विभागों के दावों की कलई खोल रहा है। बीते दिनों हुई बारिश के बाद भारी मात्रा में कूड़ा झील में समा गया। वही कई क्षेत्रों में ओवरफ्लो हुआ सीवर भी झील के पानी को दूषित कर रहा है। जिसका संबंधित विभाग निस्तारण करते नही दिख रहे।

झील की धमनियां कहे जाने वाले नाले ही झील के लिए परेशानी बने हुए है। इन नालों के किनारे बसे लोग कूड़ा कचरा इनमें फेंक रहे है। जिससे हल्की बारिश के बाद सारा कूड़ा झील में समा जाता है। बीते दिनों भी बारिश के बाद कुछ ऐसा ही देखने को मिला। बारिश से नाले उफान पर आए तो भारी मात्रा में कूड़ा झील में समा गया। तल्लीताल डांठ पर तो भारी मात्रा में कूड़ा कचरा झील के उपर तैर रहा है। चार दिन बीत जाने के बाद भी पालिका द्वारा झील से यह कूड़ा नही निकाला गया है। वही पालिका सफाई निरीक्षक कुलदीप कुमार ने बताया कि झील की सफाई के लिए टीम तैनात रहती है। हो सकता है झील के अन्य हिस्सों से कचरा निकाला जा रहा हो। जल्द डांठ पर भी अभियान चलाकर कचरा निकाला जाएगा।

सीवर भी कर रहा पानी दूषित

शहर में तमाम स्थानों पर सीवर लीक होना आम है। सड़को और रास्तों पर ओवरफ्लो सीवर राहगीरों के लिए परेशानी तो बने ही है, नालों से बहते हुए झील में भी समा रहे है। जिससे झील का पानी भी प्रदूषित हो रहा है। शहर के मल्लीताल मस्जिद के समीप तो लंबे समय से समस्या बनी हुई है। जिससे भारी मात्रा में सीवर बहकर झील में समा रहा है। जल संस्थान सहायक अभियंता दिलीप बिष्ट का कहना है कि सीवर लाइन काफी पुरानी है। जिस कारण दबाव बढ़ने पर अक्सर लाइन ब्लॉक हो जाती है। शिकायत मिलने पर कर्मी लाइन सुचारू तो कर देते है, लेकिन कुछ ही दिनों में फिर समस्या सामने आ रही है। जिसके स्थायी समाधान के लिए नई लाइन बिछाने की योजना है। 

Edited By Prashant Mishra

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