हल्द्वानी पहुंचे कत्यूरी वंशजों ने कुलदेवी जिया रानी का किया आह्वान, जानिए रात भर जागर व सुबह नदी स्नान की अनोखी परंपरा

देर शाम कत्यूरी वंशजों ने गार्गी नदी में स्नान के बाद रानी की गुफा में पूजा की। देव डांगरों ने रातभर जागर लगाई। शुक्रवार सुबह नदी में स्नान करने के बाद सुख-समृद्धि की कामना करते हुए सभी लोग अपने घरों को लौट जाएंगे।

Prashant MishraPublish: Fri, 14 Jan 2022 12:35 AM (IST)Updated: Fri, 14 Jan 2022 08:12 AM (IST)
हल्द्वानी पहुंचे कत्यूरी वंशजों ने कुलदेवी जिया रानी का किया आह्वान, जानिए रात भर जागर व सुबह नदी स्नान की अनोखी परंपरा

जागरण संवाददाता, हल्द्वानी : कुमाऊं व गढ़वाल के विभिन्न हिस्सों से पहुंचे कत्यूरी वंशजों ने रानीबाग पहुंचकर कुलदेवी जिया रानी की विधिवत पूजा की। देर शाम कत्यूरी वंशजों ने गार्गी नदी में स्नान के बाद रानी की गुफा में पूजा की। देव डांगरों ने रातभर जागर लगाई। शुक्रवार सुबह नदी में स्नान करने के बाद सुख-समृद्धि की कामना करते हुए सभी लोग अपने घरों को लौट जाएंगे। 

कोरोना गाइडलाइन में सामाजिक आयोजनों पर रोक होने की वजह से इस बार संख्या काफी सीमित है। कुमाऊं के बजाय गढ़वाल के सुंदरखाल, नैना डांगा, धूमाकोट से पांच से छह लोगों के जत्थे में लोग पहुंचे हैं। अल्मोड़ा जिले के चौखुटिया, नैनीताल के बेतालघाट से पहुंचे लोगों ने भी ढोल, मशकबीन, दमाऊ की धुन पर जिया रानी की गाथा गाई।

मेले पर रोक होने की वजह से प्रशासन व नगर निगम की ओर से किसी तरह की व्यवस्था नहीं की गई है। कंपकंपी छुड़ा देने वाली ठंड में लोग खुले आसमान के नीचे जागर लगाते दिखे। राज माता जिया कत्यूरी समाज के अध्यक्ष आरएस मनराल ने बताया कि प्रशासन की ओर से मेला लगाने की अनुमति नहीं मिली है। मनराल ने बताया कि आंगतुकों का स्वागत वाले पोस्टर को आचार संहिता का उल्लंघन बताकर प्रशासन ने हटा दिया। 

कत्यूरी सम्राट प्रीतम देव की महारानी थी जिया 

कत्यूरी सम्राट प्रीतम देव की महारानी जिया का नाम उत्तराखंड की अमर गाथाओं में सम्मान से लिया जाता है। इतिहासकारों के मुताबिक जिया रानी धामदेव की मां थी और प्रख्यात उत्तराखंडी लोककथा नायक मालूशाही की दादी थी। कत्यूरी राजवंश में माता को जिया कहा जाता है, इसलिए उन्हें जिया रानी कहा जाता है। जिया रानी रानीबाग में रहीं। उन्होंने यहां बाग सजाया। जिस कारण इसका नाम रानीबाग पड़ा। 

Edited By Prashant Mishra

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.Accept