Uttarakhand Election 2022 : भाजपा से जोगेंद्र व कांग्रेस से महेश के आने से रोचक हो गया हल्द्वानी व कालाढूंगी में मुकाबला

हल्द्वानी में भाजपा से डा. जोगेंद्र रौतेला और कालाढूंगी में कांग्रेस से महेश शर्मा के आने बाद मुकाबला और कड़ा होने की चर्चा है। इसका कारण क्षेत्र में इन दोनों नेताओं का स्वभाव व प्रभाव होना है। कांग्रेस ने हल्द्वानी विधानसभा क्षेत्र से सुमित हृदयेश को प्रत्याशी घोषित कर दिया।

Prashant MishraPublish: Thu, 27 Jan 2022 11:52 PM (IST)Updated: Thu, 27 Jan 2022 11:52 PM (IST)
Uttarakhand Election 2022 : भाजपा से जोगेंद्र व कांग्रेस से महेश के आने से रोचक हो गया हल्द्वानी व कालाढूंगी में मुकाबला

जागरण संवाददाता, हल्द्वानी : कालाढूंगी व हल्द्वानी विधानसभा क्षेत्र की हाट सीट पर इस बार मुकाबला रोमांचक होने वाला है। हल्द्वानी में भाजपा से डा. जोगेंद्र रौतेला और कालाढूंगी में कांग्रेस से महेश शर्मा के आने बाद मुकाबला और कड़ा होने की चर्चा है। इसका कारण क्षेत्र में इन दोनों नेताओं का स्वभाव व प्रभाव होना है। कांग्रेस ने हल्द्वानी विधानसभा क्षेत्र से सुमित हृदयेश को प्रत्याशी घोषित कर दिया। इसके बाद से ही भाजपा में टिकट को लेकर कई दावेदारों के नाम सामने आने लगे थे।

मुकाबले को लेकर तमाम तरह की चर्चाएं होने लगी थीं। 26 जनवरी की रात को भाजपा ने जैसे ही हल्द्वानी सीट के लिए मेयर डा. जोगेंद्र रौतेला के नाम की घोषणा की। इसी से लगने लगा कि अब दोनों नेताओं के बीच टक्कर होगी। डा. रौतेला का सामाजिक व राजनीतिक क्षेत्र में अच्छा प्रभाव माना जाता है। वहीं कालाढूंगी विधानसभा क्षेत्र से कैबिनेट मंत्री बंशीधर भगत को भाजपा ने प्रत्याशी बनाया है। उनका क्षेत्र में मजबूत आधार रहा है, लेकिन कांग्रेस से महेश शर्मा के चुनावी मैदान में उतरने से इस सीट पर भी मुकाबला दिलचस्प हो गया है। क्षेत्र में महेश की सक्रियता और स्वभाव से लोग काफी प्रभावित माने जाते हैं। दोनों सीटों से इन चार प्रत्याशियों के मैदान में उतरने से यह तय हो गया कि मुकाबला कड़ा और रोमांचक होने वाला है।

फेसबुक पोस्ट में गजराज ने भाजपा को कहा- धन्यवाद

कालाढूंगी सीट से दावेदारी कर रहे पूर्व दर्जा राज्य मंत्री गजराज बिष्ट के सुर बागी नजर आने लगे हैं। उन्होंने 26 जनवरी को अपने फेसबुक पोस्ट में लिखा है, धन्यवाद भाजपा... मेरे प्यार के लिए और तुम्हारी नफरत के लिए। मैं अकेला ही चला था जानिब-ए-मंजिल मगर, लोग साथ आते गए और कारवां बनता गया। इस शायरी के बाद उन्होंने लिखा है, आओ एक नया दीप जलाएं। इस पोस्ट से उनके बागी होने की चर्चा है। उन्होंने कालाढूंगी से नामांकन फार्म भी खरीद लिया है। उनका कहना है कि वह 28 जनवरी को नामांकन करेंगे। इसके बाद पत्रकार वार्ता कर अपनी पूरी रणनीति का पर्दाफाश करेंगे।

Edited By Prashant Mishra

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